The Lallantop

एक करोड़ का घर खरीदते वक्त कितनी डाउन पेमेंट आपका ज्यादा फायदा कराएगी?

जानकारों का कहना है कि घर खरीदारों को डाउन पेमेंट के लिए अपनी पूरी बचत खर्च नहीं करनी चाहिए. इमरजेंसी फंड, घर की रजिस्ट्री और इंटीरियर डिजाइन जैसे अतिरिक्त खर्चों के लिए भी पैसे बचाकर रखने चाहिए.

Advertisement
post-main-image
आमतौर पर होम लोन की रकम का 20% डाउनपेमेंट अच्छा फैसला माना जाता है (फोटो क्रेडिट: Business Today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • घर खरीदने के लिए 1 करोड़ रुपये की कीमत वाले मकान में लगभग 20% यानी 20 लाख रुपये की डाउन पेमेंट जमा करना आदर्श माना जाता है, ताकि होम लोन पर ब्याज और EMI की ऊंची दर से बचा जा सके।
  • डाउन पेमेंट का उच्च स्तर होम लोन की अवधि को कम करता है और ब्याज की कुल राशि को घटाता है, इसलिए फाइनेंशियल प्लानिंग और जरूरी बचत के साथ संतुलन बनाना जरूरी होता है।
  • अधिक डाउन पेमेंट करने से ब्याज और EMI में कमी आती है, जिससे 20 साल में लगभग 18 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है, लेकिन यह निर्णय खरीदार की आर्थिक स्थिति पर निर्भर रहता है।

जब आप बिल्डर के पास घर खरीदने जाते हैं तो डाउन पेमेंट काफी मायने रखती है. जितनी ज्यादा डाउनपमेंट होगी, होम लोन की किस्त उतनी कम होगी और भविष्य में इस पर ब्याज भी कम चुकाना पड़ेगा. हालांकि एक दिक्कत भी है. इस तरह का फैसला लेने से पहले सही वित्तीय योजना बनाना और कुछ बुनियादी बातों को समझना जरूरी है. 

Advertisement
20% डाउन पेमेंट क्यों जरूरी?

मिंट की एक रिपोर्ट में BASIC Home Loan कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ अतुल मोंगा ने बताया कि 1 करोड़ के घर के लिए खरीदारों को आदर्श रूप से लगभग 20% डाउन पेमेंट जमा करनी चाहिए. यह रकम करीब 20 लाख बनेगी. इससे कम डाउन पेमेंट से होम लोन लंबा चलेगा. EMI और ब्याज का बोझ भी ज्यादा उठाना होगा.

हालांकि, वे आगे कहते हैं कि घर खरीदारों को डाउन पेमेंट के लिए अपनी पूरी बचत खर्च नहीं करनी चाहिए. अपनी जरूरत के हिसाब से इमरजेंसी फंड बनाए रखना और घर की रजिस्ट्री कराने के लिए पैसा रखना जरूरी है. इसके अलावा इंटीरियर डिजाइन जैसे अतिरिक्त खर्चों का हिसाब रखना भी जरूरी है. 

Advertisement

इसलिए 20 लाख की डाउनपेमेंट एक ठीकठाक रकम हो सकती है. लेकिन असल में कितनी डाउनपेमेंट ठीक रहेगी यह रकम खरीदार की कमाई, बचत और आपके वित्तीय लक्ष्यों पर निर्भर करती है. हर किसी के लिए कोई एक निश्चित नियम लागू नहीं हो सकता.

ये भी पढ़ें: सचिन तेंदुलकर रियल एस्टेट में बढ़ा रहे निवेश, यहां खरीदी ₹70 करोड़ की प्रॉपर्टी

खरीदारों को क्या चुनना चाहिए?

फिनटेक फर्म मिनEMI (MinEMI) के सीओओ कपिल मखीजा इस बारे में कहते हैं कि डाउन पेमेंट के दो मकसद होते हैं. पहला, बैंक को दिए जाने वाले ब्याज की बचत करना. दूसरा, परिवार की सारी बचत घर खरीदने में खर्च होने से बचाना. हम दोनों के बीच संतुलन बनाने का सुझाव देते हैं.

Advertisement

ये भी पढ़ें: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लागत एक लाख से दो लाख करोड़ हुई: रिपोर्ट

कपिल मखीजा बताते हैं कि अगर 20 साल के लिए 7.3% की ब्याज दर पर एक करोड़ रुपये का होम लोन लिया जाए तो 20 लाख रुपये डाउन पेमेंट करने पर लगभग 63 हजार 600 रुपये की EMI बनेगी. साथ ही 20 साल में करीब 73 लाख रुपये का ब्याज देना होगा. वहीं, 40 लाख रुपये डाउन पेमेंट करने पर EMI लगभग 47 हजार 700 रुपये और ब्याज लगभग 55 लाख रुपये बनेगा. इस तरह 20 लाख रुपये ज्यादा डाउनपेमेंट जमा करने से 18 लाख रुपये की बचत होती है.

वीडियो: मुंबई-गोवा हाईवे की देरी से नाराज नितिन गडकरी, ठेकेदारों पर कार्रवाई की चेतावनी

Advertisement