दिल्ली के सत्य निकेतन स्थित पीजी (पेइंग गेस्ट) की इमारत ढहने से कई छात्रों की मौत हो गई. इस हादसे ने पीजी की अनौपचारिक व्यवस्था की सच्चाई को सामने ला दिया है. इसके अलावा एक बात की और चर्चा हो रही है. पीजी मालिक सिक्योरिटी मनी वापस करने में आनाकानी कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पीजी मालिक छात्रों को सिक्योरिटी डिपॉजिट की रकम लौटाने से इनकार करते दिख रहे हैं.
PG छोड़ दिया लेकिन मकान मालिक सिक्योरिटी मनी नहीं लौटा रहा, जानें क्या कर सकते हैं
वैसे तो कई लोग मानते हैं कि पीजी में रहना सुविधाजनक और किफायती विकल्प है. लेकिन कई बार पीजी मालिक किरायेदारों से गलत बर्ताव करते हैं. ऐसे में इन पीजी मालिकों के शोषण से खुद को बचाने के लिए अपने कानूनी अधिकारों को जानना जरूरी है.

वैसे तो कई लोग मानते हैं कि पीजी में रहना सुविधाजनक और किफायती विकल्प है. लेकिन कई बार पीजी मालिक किरायेदारों से गलत बर्ताव करते हैं. ऐसे में इन पीजी मालिकों के शोषण से खुद को बचाने के लिए अपने कानूनी अधिकारों को जानना जरूरी है. किरायेदारों को इन अधिकारों की जानकारी से सही फैसले लेने में मदद मिलती है.
मिंट की एक रिपोर्ट बताती है कि कानून की नजर में जब कोई शख्स किराये पर घर लेता है और मकान मालिक को सिक्योरिटी मनी के रूप में पैसा जमा करता है, तो उससे जुड़े नियम पीजी पर भी लागू होते हैं. इस सिक्योरिटी मनी का रिफंड अनिवार्य है. मकान मालिक वैध शुल्कों की कटौती के बाद डिपॉजिट वापस करने के लिए बाध्य हैं. पीजी मालिक सामान्य टूट-फूट को कटौती का कारण नहीं बता सकते, क्योंकि नुकसान की भरपाई के लिए रसीदें जरूरी हैं .
ये भी पढ़ें: HDFC ग्रुप ने साल भर में 4.4 लाख करोड़ डुबाए, जानें निवेशकों को कितना नुकसान हुआ?
घर में साफ पानी और हवा की व्यवस्था जरूरीअगर मकान मालिक जमा राशि वापस करने से इनकार करता है, तो किरायेदार कानूनी नोटिस भेज सकता है या मामले को कंज्यूमर कोर्ट में ले जा सकता है. रेंट एग्रीमेंट में किरायेदार और मकान मालिक दोनों को भविष्य के विवादों से बचाने के लिए किराये की शर्तों का साफ विवरण होना चाहिए.
उदाहरण के लिए, कितना सिक्योरिटी डिपॉजिट करना होगा, हर महीने कितना किराया होगा, भुगतान की शर्तें और रिफंड पॉलिसी क्या है, अगर कोई गेस्ट आता है तो उसके लिए क्या नियम है, रेंट एग्रीमेंट रिन्यूअल की शर्तें, गेस्ट पॉलिसी, पीजी खाली करने की तारीख और पीजी खाली करने पर कितनी सिक्योरिटी मनी काटी जाएगी वगैरा-वगैरा.
हर पीजी किरायेदार को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार है. मकान मालिक को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह जिस घर को किराये पर दे रहा है वह बुनियादी जीवन स्तर को पूरा करता हो. अनुच्छेद 21 में गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में उल्लेख किया गया है. इसके कारण मकान मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि घर अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करता हो. पर्याप्त वेंटिलेशन और प्रकाश की व्यवस्था हो. साफ पानी उपलब्ध हो, बिजली मिलती रहे आदि.
ये भी पढ़ें: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लागत एक लाख से दो लाख करोड़ हुई: रिपोर्ट
किरायेदार को बकाया बिल सिक्योरिटी मनी से काटने का हकअगर ये बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं होती हैं, तो किरायेदार मकान मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय अधिकारियों (नगरपालिका) या कंज्यूमर फोरम से संपर्क कर सकते हैं. दिल्ली उच्च न्यायालय के 22 मार्च 2024 के फैसले में कहा गया है कि मकान मालिक किरायेदार से कब्जा मिलने के समय सिक्योरिटी मनी वापस कर देगा. हालांकि अगर किरायेदार का किराया, सर्विस टैक्स, बिजली बिल और पानी का बिल जमा नहीं है तो मकान मालिक किरायेदार से यह पैसा सिक्योरिटी मनी से काट सकता है.
वीडियो: मुंबई-गोवा हाईवे की देरी से नाराज नितिन गडकरी, ठेकेदारों पर कार्रवाई की चेतावनी












