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शेयर मार्केट धड़ाम, अब सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट, जानें कितना सस्ता हुआ गोल्ड

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड कई साल की ऊंचाई पर पहुंचने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से सोने और चांदी कीमतों में भारी गिरावट आई है

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त्योहारों से पहले सोना और चांदी के दाम गिरे हैं (Courtesy: Aaj Tak)

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  • 28 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के कारण एमसीएक्स पर अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाले सोने और चांदी के वायदा भाव में क्रमशः 3,214 रुपये और 6,661 रुपये की गिरावट आई।
  • अमेरिका में 10 साल वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड 5.13% पर पहुंच गई जो साल 2007 के बाद सबसे उच्च स्तर है, इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि होने से सोने-चांदी की कीमतें गिरीं।
  • सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट के बाद महंगाई बढ़ने की आशंकाओं से अमेरिका में ब्याज दरों में और वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हुई हैं, जो बाजार पर अतिरिक्त प्रभाव डाल सकती हैं।

भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट का असर सोने-चांदी की कीमतों पर भी पड़ा है. 28 सितंबर को सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आ गई. शुरुआती कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स (MCX) पर अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोने का वायदा भाव 3,214 रुपये गिरा. इस गिरावट के बाद 1 लाख 47 हजार 667 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इसी तरह एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव 6,661 रुपये गिरकर 2,28,035 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया.

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वहीं, इंटरनेशनल मार्केट (कॉमेक्स) पर सोने का वायदा भाव गिरकर लगभग 4,230 डॉलर प्रति औंस पर आ गए. यह सात हफ्ते का निचला स्तर है. चांदी 62.50 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गई.

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सोने की कीमत में भारी गिरावट क्यों आई?

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड कई साल की ऊंचाई पर पहुंचने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है. इस वजह से सोने और चांदी कीमतों में भारी गिरावट आई है. जानकारों का कहना है कि सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी है. अमेरिका में 10 साल वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड 5.13% हो गई है. यह साल 2007 के बाद सबसे ज्यादा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और लड़ाई खत्म करने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. इसके बाद ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ अपने संघर्ष को सुलझाने का एकमात्र तरीका कूटनीति ही है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद तेल की कीमतों में 1% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड ऑयल 107 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. 

कच्चा तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने को लेकर चिंता बढ़ी है. इससे अमेरिका में ब्याज दरों में और वृद्धि की उम्मीदें बनी हुई हैं. इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरें आगे भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. इन वजहों से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. 

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