भारत की अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर है. इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि फिच रेटिंग्स ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को BBB- पर बरकरार रखा है . भारत के लिए रेटिंग एजेंसी का नजरिया स्थिर (Stable) है. BBB- रेटिंग इन्वेस्टमेंट ग्रेड की सबसे निचली रेटिंग हैं. इसका मतलब ये है कि भारत के पास अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने की क्षमता है.
Fitch ने भारत की बीबीबी-रेटिंग को बरकरार रखा, मजबूत अर्थव्यवस्था पर जताया भरोसा
Fitch Rating: रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की रेटिंग बीबीबी (BBB) पर बरकरार रखा है. एजेंसी का अनुमान है कि मार्च 2027 में खत्म होने वाले चालू वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था 6.4% की दर से बढ़ सकती है.

फिच का अनुमान है कि मार्च 2027 में खत्म होने वाले चालू वित्त वर्ष 2026-2027 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.4% की दर से बढ़ेगी. एजेंसी ने कहा कि हाल के वर्षों में आर्थिक झटकों का सामना करने की भारत की क्षमता को दिखाता है. यह भी अनुमान जताया गया है कि देश की आर्थिक विकास दर मजबूत बनी रहेगी.
कर्ज का बोझ धीरे-धीरे घटेगाफिच का मानना है कि तेज आर्थिक विकास से भारत के ऊपर कर्ज का बोझ धीरे-धीरे कम हो सकता है . सरकारी कर्ज में कमी आने की संभावना बढ़ सकती है. रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की आर्थिक ग्रोथ को लेकर संभावनाएं सकारात्मक होने के बावजूद सरकारी कर्ज और राजकोषीय घाटा देश की साख पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं.
सरकार ने वित्त वर्ष 2027 में भारत के डेट टू जीडीपी रेश्यो का अनुमान 55.6% लगाया है. वित्त वर्ष 2026 के 56.1% से कम है. सरकार ने मार्च 2031 तक इस अनुपात को घटाकर 50% करने का लंबी अवधि का लक्ष्य तय किया है. किसी देश पर कुल सरकारी कर्ज उसकी जीडीपी के मुकाबले कितना है. इसे डेट टू रेश्यो कहते हैं.
ये भी पढ़ें: टाइटन के शेयर में आई तूफानी तेजी, खरीदने के लिए है राइट टाइम? जान लें एक्सपर्ट राय
पश्चिम एशिया संकट का कितना असर?रेटिंग एजेंसी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से तेल और गैस की कीमतों को लेकर काफी खतरा बना हुआ है. इस दबाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है. फिच ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से पैदा मौजूदा तेल और गैस का संकट भारत के लिए दिक्कत पैदा कर सकता है. रेटिंग एजेंसी का कहना है कि भारत को आने वाले दिनों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
तेल और गैस की बढ़ती लागत से महंगाई और महंगा आयात दबाव डाल सकता है. रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि अमेरिका-ईरान की लड़ाई से पैदा हुई अनिश्चितता भारत की आर्थिक ग्रोथ पर कोई स्थायी खतरा पैदा नहीं करेगी.
वीडियो: चमोली में देखते देखते पानी के साथ बहा पुल, गाड़ी के साथ ड्राइवर भी लापता











