अगर आप दिवाली पर घर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको अपनी जेब पहले से ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है. बिजनेस टुडे में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक दिवाली वाले हफ्ते में देश के कई प्रमुख शहरों के हवाई किराये में अच्छा खासा इजाफा देखने को मिल रहा है.
दिवाली पर प्लेन से घर जाएंगे? किराया देखकर इरादा बदल भी सकता है
यह किराया तो दिवाली से कई दिन पहले चेक करने पर दिखा रहा है. हो सकता है जैसे-जैसे दिवाली की तारीख पास आए हवाई किराये में और इजाफा देखने को मिले. इस साल दिवाली 8 नवंबर को है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि 6 से 8 नवंबर के बीच एयर इंडिया की दिल्ली-हैदराबाद फ्लाइट का रिटर्न टिकट लगभग 18 हजार रुपये और इंडिगो की दिल्ली-मुंबई उड़ान का रिटर्न किराया लगभग 13 हजार रुपये दिखा रहा है. यह किराया तो दिवाली से कई दिन पहले चेक करने पर दिखा रहा है. हो सकता है जैसे-जैसे दिवाली की तारीख पास आए हवाई किराये में और इजाफा देखने को मिले. इस साल दिवाली 8 नवंबर को है.
दिल्ली-बेंगलुरु भी एक बिजी रूट है. यहां से बड़ी तादाद में कामकाजी लोग त्योहारों पर अपने घर जाते हैं. इस रूट पर एयर इंडिया का हवाई टिकट इस समय करीब 16 हजार रुपये का पड़ रहा है. वहीं एयर इंडिया से ही दिल्ली-कोलकाता और दिल्ली-अहमदाबाद के बीच का किराया 17-17 हजार रुपये दिख रहा है.
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क्यों बढ़ रहा हवाई किराया?त्योहारी छुट्टियों के दौरान बड़ी तादाद में लोग हवाई यात्रा करते हैं. ऐसे में मांग में भारी इजाफा होने से हवाई किराये में ये बढ़ोतरी हुई है. जैसे ही कम कीमत वाली सीटें बुक हो जाती हैं वैसे ही एयरलाइंस कंपनियों का डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम (डिमांड और सप्लाई) लागू होने से फ्लाइट्स के टिकट ऊपर जाने लगते हैं.
एयरलाइंस कंपनियों से जुड़े आंकड़े मुहैया कराने वाली फर्म ओएजी के मुताबिक सितंबर में भारत की डोमेस्टिक रूट्स की फ्लाइट्स की क्षमता में पिछले साल की तुलना में 5.6% की गिरावट आई है. सितंबर में एयरलाइंस में सीटों की संख्या करीब 1.5 करोड़ रह गई. सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो की क्षमता में भी 4.5% की गिरावट आई है. इंडिगो में इस दौरान 1 करोड़ 12 लाख सीट थीं.
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एयर इंडिया की क्षमता में 8.8% की गिरावट आई है और यह घटकर 32.2 लाख सीटें रह गई है. ईंधन की बढ़ती लागत के कारण इंडिगो और एयर इंडिया ने घरेलू क्षमता में कटौती की थी. इससे सीटों की उपलब्धता कम हो सकती है और किराया ऊंचा बना रह सकता है.
हवाई जहाज का तेल (एयर टरबाइन फ्यूल) महंगा होने से एयरलाइंस कंपनियों की लागत बढ़ी है. इसके अलावा एयरलाइंस कंपनियों को लीज औऱ नए विमानों के आर्डर मिलने में दिक्कतें हो रही हैं. हालिया आंकड़ों के मुताबिक इंडिगो और एयर इंडिया दोनों मिलकर भारत के एविएशन मार्केट में करीब 90% से ज्यादा हिस्से पर कब्जा रखती हैं.
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