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1 अक्टूबर से दिल्ली में फ्यूल नहीं मिलेगा अगर PUC नहीं है तो, तगड़ा जुर्माना भी लगेगा

दिल्ली में वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफिकेट के बिना वाहन चलाने पर चालान और 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगता है. दिल्ली सरकार इसके लिए खास अभियान चलाकर नियमों का सख्ती से पालन कराने की तैयारी कर रही है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम का भी सख्ती से पालन होगा.

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1 नवंबर से दिल्ली में पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा (Courtesy: Aaj Tak)

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  • दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों पर 10,000 रुपये तक जुर्माना लगाने और 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम का सख्ती से पालन करने की घोषणा की है।
  • केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार वाहन को पहले रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद वैध PUC प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है, जिससे वाहन से निकलने वाला प्रदूषण नियंत्रित रहता है।
  • 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में बिना PUC वाले वाहनों पर कार्रवाई और अन्य प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन होगा, जिससे प्रदूषण कम करने के प्रयास जुड़े हैं।

दिल्ली जा रहे हैं और अगर आपके वाहन का PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है, तो सड़क पर निकलने से पहले इसे जरूर चेक कर लें. जी हां, दिल्ली में बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट गाड़ी चलाना जेब पर भारी पड़ सकता है. 

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दिल्ली में वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफिकेट के बिना वाहन चलाने पर चालान और 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगता है. दिल्ली सरकार इसके लिए खास अभियान चलाकर नियमों का सख्ती से पालन कराने की तैयारी कर रही है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक  ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम का भी सख्ती से पालन होगा.

PUC प्रमाणपत्र क्या होता है?

प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बताता है कि वाहन से निकलने वाला धुआं मोटर वाहन नियमों के तहत तय सीमा के भीतर है. केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115(7) के मुताबिक वाहनों को अपने पहले रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद वैध PUC प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य है. 

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ट्रैफिंग विभाग अगर चेकिंग करते समय PUC सर्टिफिकेट मांगता है तो दिखाना जरूरी है. पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहनों के लिए वैध PUC प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है. हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को इससे छूट मिली हुई है.

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सर्दियों में इन नियमों में पालन जरूरी 

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक जाड़े में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने 28 सिंतबर को कई ऐलान किये हैं. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की कि धूल पैदा करने वाली निर्माण गतिविधियों पर 1 नवंबर से 31 जनवरी तक प्रतिबंध रहेगा. वहीं, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े सभी कामों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.

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पार्किंग शुल्क दोगुना होगा, 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि 1 नवंबर से दिल्ली में पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा. इलेक्ट्रिक वाहनों पर ये नियम लागू नहीं होगा. इसके अलावा दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए ऑफिस टाइमिंग में बदलाव किया जाएगा. दिल्ली सरकार के कर्मचारियों की ऑफिस टाइमिंग सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक होगी. यह बदलाव 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगा. वहीं, 50% कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था लागू की जाएगी. यह सरकारी और निजी सेक्टर में काम करने वाले सभी कर्मचारियों पर लागू होगा. 

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड वे वाहन जो बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें 1 नवंबर से शहर में प्रवेश करने की पूरी तरह से मनाही होगी. 

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