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क्रेडिट कार्ड से म्यूचुअल फंड तक, एक सितंबर से होने वाला हर बड़ा बदलाव जान लीजिए

अगर आपकी कमाई का जरिया बिजनेस या कोई प्रोफेशन है तो एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न जल्द से जल्द दाखिल कर दें. एक्सिस बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड के नियमों और शर्तों में कई बदलावों की घोषणा की है

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बिजनेस या प्रोफेशनल के लिए आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है (फोटो क्रेडिट: Business Today)

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  • आयकर विभाग ने बताया है कि व्यवसाय या पेशे से आय वाले टैक्सपेयर्स को 31 अगस्त 2026 तक अपने इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 3 या 4 द्वारा दाखिल करना आवश्यक होगा।
  • सितंबर से अमेरिकन एक्सप्रेस और एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड नियमों में संशोधन होंगे, जिनमें रिवॉर्ड पॉइंट्स कटौती और डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन शुल्क वृद्धि शामिल है।
  • सी बीआई ने एक सितंबर से म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट्स के लिए नॉमिनेशन अनिवार्य कर दिया है ताकि निवेशकों की संपत्ति के ट्रांसफर में आसानी हो सके।

अगस्त का महीना खत्म होने में चंद दिन बचे हैं. सितंबर महीने की पहली तारीख से हमारे आपके काम के कई बदलाव होने वाले हैं. जैसे कि बिजनेस या किसी प्रोफेशनल से कमाई होती है तो उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन बेहद करीब आ चुकी है. आइए जानते हैं कि एक सितंबर से क्रेडिट कार्ड से लेकर म्यूचुअल फंड तक कौन से बदलाव होने वाले हैं?

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इन टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख

अगर आपकी कमाई का जरिया बिजनेस या कोई प्रोफेशन है तो एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) जल्द से जल्द दाखिल कर दें. इन टैक्सपेयर्स के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2026 है.

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट बताती है कि बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करने वाले टैक्सपेयर्स को अपने बिजनेस का ऑडिट कराना अनिवार्य नहीं है. ये टैक्सपेयर्स फॉर्म 3 और 4 के माध्यम से अपना रिटर्न भर सकते हैं. डेडलाइन पार करने के बाद जुर्माना चुकाना पड़ सकता है.

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आयकर विभाग ने इस बारे में अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट के जरिये जानकारी भी दी है. इसमें लिखा है, “क्या आपकी व्यावसायिक या पेशेवर आय है? यदि हां, और आपका मूल्यांकन वर्ष 2026-27 का रिटर्न गैर-ऑडिट कैटेगरी में आता है, तो कृपया अपना लागू आयकर रिटर्न 31 अगस्त, 2026 तक दाखिल करना न भूलें.”

अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड के नियमों में संशोधन

अमेरिकन एक्सप्रेस भारत में अपने प्लैटिनम ट्रैवल क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले माइलस्टोन रिवॉर्ड्स में भारी कटौती करने जा रही है. इसके चलते कार्डधारकों को 10 सितंबर, 2026 से मेंबरशिप रिवॉर्ड्स पॉइंट्स कम मिलेंगे.

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मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक 1.9 लाख रुपये के खर्च पर अब कार्डधारकों को मिलने वाले अतिरिक्त 7,500 मेंबरशिप रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं मिलेंगे. 4 लाख रुपये के खर्च पर मिलने वाले पॉइंट्स में कोई बदलाव नहीं होगा. पात्र कार्डधारकों को 10,000 बोनस मेंबरशिप रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलते रहेंगे. इसके अलावा बैंक ने क्रेडिट कार्ड के कई और नियम बदले हैं.

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एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड के नए नियम 

एक्सिस बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड के नियमों और शर्तों में कई बदलावों की घोषणा की है. ये बदलाव 28 अगस्त 2026 से लागू होंगे. मिंट की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इन बदवालों का असर कुछ अंतरराष्ट्रीय लेनदेन पर लगने वाले चार्ज, लेट पेमेंट चार्ज, रिवॉर्ड से जुड़े फायदों पर पड़ेगा. 

इनमें से एक सबसे जरूरी बदलाव डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) को लेकर है. नया नियम विदेश यात्रा करने वाले या अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों से खरीदारी करने वाले ग्राहकों को प्रभावित कर सकता है. डीसीसी मार्कअप 1.5% से बढ़कर 3.5% हो जाएगा. साथ ही टैक्स भी अतिरिक्त लगेगा.

डीसीसी एक पेमेंट का विकल्प है. यह कार्डधारक विदेशी बिक्री केंद्र या अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन व्यापारी से खरीदारी करते समय वहां की लोकल करेंसी की जगह भारतीय रुपये में भुगतान करने की अनुमति देता है.

एक्सिस बैंक अपने ग्राहकों के लिए बकाया राशि अधिक होने पर लेट पेमेंट चार्ज में भी संशोधन कर रहा है. 50,000 रुपये से अधिक की बकाया राशि पर लेट पेमेंट चार्ज बढ़कर 1,300 रुपये हो जाएगा. हालांकि 500 से कम की बकाया राशि पर कोई लेट पेमेंट चार्ज  नहीं लगेगा.

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म्यूचुअल फंड में नॉमिनेशन अनिवार्य

मिंट में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि एक सितंबर से सिंगल होल्डर डीमैट अकाउंट्स और म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनेशन के नए नियम लागू होने जा रहे हैं. मार्केट रेगुलेटर सेबी ने मई महीने में ये नियम बदले थे, लेकिन अगले महीने की पहली तारीख से ये नियम अमल में आ जाएंगे. इसको लेकर 29 मई 2026 को सेबी ने एक सर्कुलर जारी किया था. 

सेबी का कहना है कि नियमों में बदलाव का मकसद ये है कि हर निवेशक अपनी पसंद के हिसाब से जिसे नॉमिनी बनाना चाहता है आसानी से बना सके. इससे निवेशक की मौत के बाद शेयर या म्यूचुअल फंड परिवार या कानूनी वारिसों को आसानी से ट्रांसफर हो सकेंगे. इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, निवेशक नॉमिनेशन वाले कॉलम को खाली नहीं छोड़ सकते.

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