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पेट्रोल टंकी फुल करवाते वक्त 'कट्ट' बोलता है नोजल, ध्यान नहीं दिया तो गाड़ी गई काम से!

गाड़ी की टंकी फुल हो जाने के बाद और पंप के नोजल से कट्ट की आवाज आने के बाद भी जो आप गाड़ी को हिला हिलाकर उसमें एक्स्ट्रा तेल डाल (Don't fill Fuel after Auto-Cut) रहे तो यकीन जानिए बड़ा नुकसान हो सकता है. इंजन की बत्ती जलने से लेकर फ्यूल पाइप फटने का खतरा हो सकता है.

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नोजल AutoCut के बाद भी फ्यूल भरवाना खतरनाक हो सकता है. (तस्वीर- पीटीआई)

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  • फ्यूल के नोजल से 'कट्ट' की आवाज आने का मतलब है कि ऑटो कट हो चुका है और टंकी पूरी तरह भर चुकी है, इसलिए फ्यूल भरना रोक देना चाहिए।
  • ऑटो कट के बाद अतिरिक्त फ्यूल भराने पर गाड़ी के EVAP सिस्टम को नुकसान पहुंचता है, जिससे इंजन लाइट जल सकती है और माइलेज कम हो सकता है।
  • यदि टंकी में ज्यादा फ्यूल भर दिया जाए तो दबाव बढ़ने की वजह से फ्यूल पंप फट सकता है और इससे वाहन के फ्यूल सिस्टम को खतरा हो सकता है।

फ्यूल के नोजल से ‘कट्ट’ की आवाज आ गई है, मतलब Auto Cut हो चुका है. मतलब टंकी फुल हो चुकी है. फिर भी हम नहीं (Don't fill Fuel after Auto-Cut) मानते हैं. बाइक हो या कार, अक्सर हम उसे हिलाकर एक्स्ट्रा तेल भरवाते हैं. कई उत्साही तो बाकायदा कार के चक्कों पर चढ़कर गाड़ी को झंझोड़ कर तेल भरवाते जाते हैं. ऐसा करने से थोड़ा तेल तो गाड़ी में जरूर आ जाता है मगर यही थोड़ा तेल आपकी गाड़ी को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है. बताते कैसे.

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गाड़ी का EVAP सिस्टम खराब हो सकता है

Evaporative Emission Control (EVAP) फ्यूल में से निकलने वाले खतरनाक तत्वों को वातावरण में जाने से रोकता है. ये सिस्टम ऐसे तत्वों को एक कार्बन चेंबर (चारकोल कनेस्टर) के जरिए वापस से इंजन की तरफ धकेलता है जिससे वो जलकर खत्म हो जाते हैं. ऑटोकट के बाद भी अगर जबरन फ्यूल भरवाते रहे तो ये चारकोल कनस्तर में जा सकता है और उसे खराब कर सकता है. ऐसा हुआ तो दो बातें होंगी. पहला तो इंजन लाइट जलेगी और दूसरा गाड़ी का माइलेज गिरेगा.

फ्यूल सिस्टम फ्यूज़ होगा

गाड़ी की टंकी को इस तरीके से डिजाइन किया जाता है जिससे उसके अंदर थोड़ी खाली जगह बची रहे. ऐसा इसलिए क्योंकि तापमान बढ़ने से फ्यूल भाप बनकर उड़ता है, स्पेशली गर्मियों के दिनों में. ऐसा होने से टैंक पर प्रेशर पड़ता है. टंकी में बची हुई खाली जगह इस प्रेशर को एडजस्ट करने का काम करती है. मगर जो आपने ये जगह छोड़ी ही नहीं तो फिर प्रेशर के चलते फ्यूल पंप के फटने का डर होता है.

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कहने का मतलब ये है कि नोजल से आवाज आ जाने के बाद जबरदस्ती में एक्स्ट्रा फ्यूल भरवाने से सिर्फ नुकसान होते हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो फिर कंपनियां फुल टंकी वाला सेंसर ही नहीं लगाती. आप भरते रहते अपने मन से. इसलिए ऐसा मत कीजिए. फुल टंकी करवाते समय जैसे ही नोजल से कट्ट की आवाज आए, वहीं स्टॉप लगा दीजिए.

आजकल तो डिजिटल पेमेंट का जमाना है तो पैसे राउंड फिगर में करने की भी जरूरत नहीं है. जितना बनेगा उतना आराम से दिया जा सकता है. वैसे भी फ्यूल के दाम रोज बढ़ रहे. एक्स्ट्रा बर्बाद करके क्या ही मिलेगा.  

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