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एथेनॉल वाले पेट्रोल से गाड़ियों का गिरता है माइलेज, नितिन गडकरी ने भी माना

एथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू कम होती है और माइलेज पर इसका थोड़ा असर (ethanol has a minor impact on mileage) पड़ता है. लेकिन यह सड़क और ट्रैफिक की स्थितियों पर भी निर्भर करता है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी यह बात मान ली.

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E20 फ्यूल से गाड़ी का माइलेजगिरता है

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  • सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में पुष्टि की कि E20 फ्यूल से गाड़ियों के माइलेज पर मामूली लेकिन वास्तविक प्रभाव पड़ता है और इसका कैलोरीफिक वैल्यू पेट्रोल से कम होता है।
  • E20 फ्यूल के माइलेज पर विवाद महीनों से सोशल मीडिया और सर्वेक्षणों के जरिए उभरा था, जिसके चलते गडकरी ने इसे मानते हुए गलतफ़हमी दूर करने के लिए सार्वजनिक बयान दिया।
  • गडकरी ने कहा कि E20 फ्यूल से गाड़ियों को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं है और उन्होंने आलोचकों को चैलेंज दिया है, जबकि तहसीन पूनावाला ने इसके खिलाफ 10 उदाहरण पेश करने का दावा किया है।

E20 फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज गिरता है. ये बात सोशल मीडिया पर तो महीनों से चल रही थी. कई सारे सर्वे भी इसी तरफ इशारा करते थे मगर अब खुद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी ये मान (ethanol has a minor impact on mileage) लिया है. इंडिया टुडे से बातचीत में उन्होंने इसकी पुष्टि की. केंद्रीय मंत्री ने कहा,

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"एथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू कम होती है और माइलेज पर इसका थोड़ा असर पड़ता है. लेकिन यह सड़क और ट्रैफिक की स्थितियों पर भी निर्भर करता है. मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि लोगों के पास अलग-अलग इलाकों में वैकल्पिक फ्यूल चुनने का विकल्प होना चाहिए. अगर किसी इलाके में मेथनॉल उपलब्ध है, जो कि सस्ता है, तो लोग उसे चुन सकते हैं. जिन जगहों पर एथेनॉल का ज्यादा मिश्रण उपलब्ध है, वहां लोग फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां चुन सकते हैं."

उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर गाड़ियों के खराब होने की जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे "बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई" हैं और एक सोची-समझी "गलत कहानी" का हिस्सा हैं. गडकरी ने कहा कि E20 ब्लेंड को पूरे देश में पिछले साल तभी लागू किया गया था, जब पुणे की टेस्टिंग लैब ARAI (ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया) और गाड़ी बनाने वाली कंपनियों ने कई टेस्ट में इसे मंज़ूरी दे दी थी.

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मंत्री ने कहा कि पुरानी कारों के कुछ हिस्सों पर मामूली असर पड़ने की वजह से, वाहन निर्माताओं को सर्विसिंग के दौरान उन्हें बदलने का निर्देश दिया गया है.  उन्होंने कहा, 

"मुझे एक भी ऐसी कार दिखाएं जो E20 फ्यूल की वजह से खराब हुई हो. सोशल मीडिया पर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे एक सोची-समझी गलत कहानी का हिस्सा हैं."

माइलेज के मुद्दे पर गडकरी ने कहा: “देखिए, कुछ बातें हैं.पहली बात तो एथेनॉल और पेट्रोल की कैलोरीफ़िक वैल्यू (ऊर्जा क्षमता) में अंतर है जो एक सच्चाई है. लेकिन माइलेज ड्राइविंग की स्थितियों पर भी निर्भर करता है, खासकर दिल्ली या मुंबई जैसे शहरों में, जहां ड्राइविंग की स्थितियों की वजह से गाड़ियां कम गियर में चलती हैं. ARAI की रिपोर्ट के मुताबिक, खास तौर पर फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियों में माइलेज की कोई समस्या नहीं होती है. इसीलिए हम फ्लेक्स-इंजन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने पर भी काम कर रहे हैं.”

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गडकरी और तहसीन पूनावाला के बीच चैलेंज गेम

E20 को लेकर चल रहे विवाद के बीच  कांग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने गडकरी का चैलेंज स्वीकार कर लिया है. दरअसल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इंडिया टुडे को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा था कि E20 को लेकर कोई परेशानी नहीं है. प्रदर्शनकारियों और आलोचकों के दावे झूठे हैं. इसपर उन्होंने E20 के प्रदर्शकारियों और आलोचकों को चैलेंज किया कि क्या वो एक भी ऐसा केस लाकर दिखा सकते हैं, जिसकी गाड़ी E20 की वजह से खराब हुई हो?

इसी के जवाब में तहसीन ने एक वीडियो मैसेज जारी किया है. उन्होंने कहा है कि वो साबित कर सकते हैं कि E20 से गाड़ियों में परेशानी आ रही है. उनका दावा है कि जहां केंद्रीय मंत्री ने केवल उदाहरण पेश करने को कहा था वहां वो 10 ऐसे लोगों को सामने लाकर खड़ा कर सकते हैं.
 

वीडियो: टल सकता है पेट्रोल में 25% Ethanol मिलाने का फैसला, E20 पेट्रोल ने बवाल काम कर दिया?

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