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कैब या बाइक वाले को टिप देने का नियम बदला, अब कस्टमर और ड्राइवर दोनों की मौज

केंद्र सरकार ने राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स ओला, उबर और रैपिडो को सख्त निर्देश दिया है कि वे राइडर्स को एडवांस टिप देने की सुविधा तुरंत बंद करें. आगे किस तरह के नियम होंगे ये भी बताया गया है.

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प्रतीकात्मक फोटो

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  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने उबर, ओला, रैपिडो जैसे राइड-हेलिंग ऐप्स को एडवांस टिप फीचर हटाने के निर्देश दिए हैं, जिससे बिना कारण अतिरिक्त भुगतान का दबाव न बने।
  • कुछ प्लेटफॉर्म्स ने एडवांस टिप देने का विकल्प शुरू किया था जो हाई डिमांड के समय यात्रियों पर अनावश्यक अतिरिक्त भुगतान का दबाव डाल रहा था।
  • अब टिप देना यात्रियों की इच्छा पर निर्भर होगा और ट्रिप के बाद दी गई पूरी टिप ड्राइवर को बिना किसी कटौती के मिलेगी।

कुछ महीनों से आपने देखा होगा कि जब भी आप उबर और रैपिडो जैसी सर्विस से कैब या बाइक राइड बुक करते हैं, तो स्क्रीन पर दिखता है कि कई ड्राइवर ने आपकी राइड कैंसिल कर दी, क्योंकि उन्हें पैसा कम मिल रहा था. ठीक इसी के नीचे चार्जेस बढ़ाने का ऑप्शन होता था जिसके मुताबिक अगर आपने ड्राइवर को कुछ टिप दे दी तो आपकी राइड बुक होने के चांस बढ़ जाएंगे. टिप देने से राइड जल्दी कन्फर्म होगी, ड्राइवर जल्दी स्वीकार करेगा या बेहतर सर्विस मिलेगी. एक किस्म से एडवांस टिप (Advance Tip). कुछ तो गड़बड़ है दया वाली फीलिंग आती थी ना. अब नहीं आएगी.

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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सभी कैब/राइड एग्रीगेटर्स को ऐप में मौजूद ऐसे फीचर्स तुरंत हटाने/बदलने के निर्देश दिए हैं. केंद्र सरकार ने बुधवार को राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स ओला, उबर और रैपिडो को सख्त निर्देश दिया है कि वे राइडर्स को एडवांस टिप देने की सुविधा तुरंत बंद करें.

टिप दे सकते हैं लेकिन…

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर कहा कि कुछ प्लेटफॉर्म्स ने अपने ऐप्स पर यह फीचर स्टार्ट किया था, जिससे यात्रियों को पहले से टिप देने के लिए लुभाया जा रहा था. मंत्रालय के मुताबिक, इस किस्म की व्यवस्था से ऐसा लग रहा था मानो एडवांस टिप देने पर राइड जल्दी मिलने की संभावना बढ़ जाती है. स्पेशली हाई डिमांड के समय यह विकल्प यूजर्स पर बिला-वजह एक्स्ट्रा पेमेंट करने का दबाव डाल रहा था.

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का सर्कुलर 
कस्टमर और ड्राइवर दोनों की मौज कैसे?

मंत्रालय ने साफ किया कि टिप देना या नहीं देना पूरी तरह से यात्री के ऊपर है. इसे राइड जल्दी मिलने से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. टिप केवल सर्विस से संतुष्ट होने पर ही दी जाती है वो भी कोई जरूरी नहीं है. यदि यात्री चालक की सेवा से संतुष्ट है, तो वह यात्रा पूरी होने के बाद अपनी इच्छा से टिप दे सकता है. पहले देने का कोई तुक नहीं.

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किसी भी कंडीशन में पहले से टिप मांगना या देना अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता. ट्रिप खत्म होने के बाद टिप के लिए भी साफ निर्देश दिए गए हैं. टिप की 100 फीसदी रकम ड्राइवर को मिलेगी, एग्रीगेटर कोई कटौती नहीं कर सकेगा.

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