आज से 13 साल पहले जब देश में कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर के बारे में सोचता भी नहीं था तब IIT के दो लड़कों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर नहीं बल्कि इसका पूरा इकोसिस्टम बनाने की सोची. दोनों लड़के IIT मद्रास में रहते हुए लालटेन की ऊर्जा से पंखे चलाने की कोशिश कर चुके थे. मगर पहला स्कूटर बनाने में 5 साल लगा दिए. 55 प्रोटोटाइप बनाए तब जाकर पहला स्कूटर बना. लागत आई 5 लाख. मगर दाम रखा, 1 लाख 25 हजार रुपये. इतनी कीमत पर भी कोई लिवाल नहीं. इन्वेस्टर्स से जो पैसा मिला था वो भी खत्म हो गया.
5 लाख का स्कूटर सवा लाख में बेचा, Ather कैसे बनी ई-स्कूटर किंग?
Ather आज देश की तीसरी बड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी बन चुका है. इन्वेस्टर्स के फायदे वाला आईपीओ ला चुका है. 50 हजार करोड़ की कंपनी बन चुका है. प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर में 70 फीसदी मार्केट शेयर रखने के बाद 29 अगस्त 2026 को अपना नया स्कूटर Konarc लॉन्च कर रहा. इसकी कीमत 1 लाख के अल्ले-पल्ले रहने की उम्मीद है. साफ समझ आता है कि कंपनी मास मार्केट कि सड़क भी नापने का इरादा रखती है.

इतना पढ़कर आपको लगेगा ये स्कूटर तो चला ही नहीं होगा. चला क्या पूरी स्पीड से दौड़ रहा! आज देश की तीसरी बड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी बन चुका है. इन्वेस्टर्स के फायदे वाला आईपीओ ला चुका है. 50 हजार करोड़ की कंपनी बन चुका है. अरे गोला नहीं भईया, हम तो Ather की बात कर रहे. आज इसकी 'सवारी' करेंगे.
Ather का स्कूटर आज क्यों चलाएंगे?प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर में 70 फीसदी मार्केट शेयर रखने वाली Ather, 29 अगस्त 2026 को अपना नया स्कूटर Konarc लॉन्च करेगी. Konarc के लॉन्च की सबसे खास बात ये है कि ये कंपनी का पहला सस्ता स्कूटर होगा. इसकी कीमत 1 लाख के अल्ले-पल्ले रहने की उम्मीद है. साफ समझ आता है कि कंपनी मास मार्केट की ‘सड़क’ भी नापने का इरादा रखती है. अगर Konarc की सेल्स का एक्सीलेटर सही से दब गया तो TVS और बजाज को छोड़कर Ather नंबर वन कंपनी बन सकती है.
साल 2012 की बात है. IIT-मद्रास से पढ़े तरुण मेहता और स्वप्निल जैन रिसर्च रिपोर्ट पढ़ने वाली और वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली नौकरी को ब्रेक लगाकर वापस अपने संस्थान के रिसर्च पार्क में लौट आए. दोनों को लिथियम-आयन सेल और मोटर में खूब दिलचस्पी थी. रिसर्च से ये भी पता लगा लिया था कि इलेक्ट्रॉनिक्स की असल लागत तो काफी कम थी, मगर प्रोडक्शन से लेकर पार्ट्स पर दूसरे देशों पर निर्भरता की वजह से इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाना महंगा था.
खैर छोरे IIT वाले थे तो उन्होंने बैटरी को बैटर बनाने की ठान ली. हॉस्टल में रहकर और कॉलेज की लैब में काम करके छह-सात महीनों के भीतर, स्कूटर और बैटरी पैक दोनों का एक प्रोटोटाइप तैयार कर लिया. 2013 में औपचारिक रूप से Ather Energy नाम से कंपनी बना डाली. टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड और IIT के एक पूर्व छात्र से 45 लाख की फंडिंग भी मिल गई.
बात तब की है जब भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर धीमी स्पीड और कम ताकत वाले प्रोडक्ट थे, जो बुजुर्गों या बिना लाइसेंस वाले किशोरों के इस्तेमाल के लिए माने जाते थे. ऐसे में मेहता और जैन ने तय किया कि हम पेट्रोल वाला एक दमदार प्रोडक्ट बनाएंगे. स्कूटर के हैंडल पर 7-इंच का टचस्क्रीन, सिम कार्ड और पूरा सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम भी फिट करेंगे. ऐसा तब दुनिया में कोई स्कूटर कंपनी नहीं कर रही थी.
फंडिंग को फूंक डालासब ठीक था, लेकिन जो थोड़ा बहुत पैसा मिला था वो खत्म हो गया. बात प्रोटोटाइप पर अटक गई. इसी बीच फ्लिपकार्ट वाले सचिन और बिन्नी बंसल ने 1 मिलियन डॉलर दिए. कुछ समय बाद इनवेस्टमेंट फर्म टाइगर ग्लोबल ने 12 मिलियन डॉलर दिए. तब के हिसाब से देखें तो कुल 20 करोड़ रुपये. लेकिन भईया ये पैसा भी रिसर्च में खत्म हो गया.
हालांकि तब तक टीम में कॉलेज के कई साथी जुड़ चुके थे जिन्होंने कॉलेज में रेस कार बनाई थी. पैसे तो खत्म हो गए, फिर भी कंपनी ने कहा की साल 2017 में उनका पहला स्कूटर Ather S340 बाजार में आएगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं क्योंकि पार्ट्स बनाने वाले वेंडर इनके स्पेसिफिकेशन के हिसाब से काम करने को तैयार नहीं थे. बाजार में और इन्वेस्टर्स के बीच इज्जत खराब होने का डर था.

फंडिंग फूंक कर डिस्चार्ज पड़े Ather को चार्ज करने का काम किया देसी ‘हीरो’ ने. हीरो मोटर्स ने 2016 में कंपनी में 180 करोड़ रुपये इन्वेस्ट किए और 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली. आखिरकार साल 2018 में पहला स्कूटर आया. स्कूटर वाकई जबरदस्त था. पेट्रोल स्कूटर से ज्यादा पावर और साथ में टच स्क्रीन. लेकिन लागत हो गई 5 लाख. मार्केट में दाम रखा 1 लाख 25 हजार जो तब बहुत ज्यादा था. इतने पैसे में तब दो पेट्रोल स्कूटर आ जाते थे.
एक्सपर्ट ने हाथ खड़े कर दिए5 लाख में एक स्कूटर बन रहा था तो कंपनी ने तय किया कि सिर्फ 200 स्कूटर ही बनाएंगे ताकि पैसा बचा रहे. दुनिया जहान के एक्सपर्ट से कहा कि लागत कम करने का तरीका बताओ, लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए. कंपनी ने तब अपनी इनहाउस टीम को पुश किया, हीरो की मदद ली और 2020 तक कंपनी को प्रॉफ़िट मिलने लगा.
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TVS, बजाज और ओला आ गए7 साल हो चुके थे और देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर का एक्सीलेटर हल्लु-हल्लु दबने लगा था. पुराने दिग्गज बजाज और TVS भी इधर आ गए थे तो देश के स्टार्ट अप इकोसिस्टम का पोस्टर बॉय ओला भी मैदान में था. इन सभी के बीच Ather की रफ्तार वैसी नहीं रही जैसी उम्मीद थी. इसकी वजह से कंपनी को Production Linked Incentive या PLI स्कीम का फायदा नहीं मिला. क्योंकि कंपनी सरकार की इस स्कीम के खाके के हिसाब से छोटी थी. कंपनी के पास न तो 10 हजार करोड़ से ऊपर की सेल थी और न एक हजार करोड़ की नेटवर्थ. जहां PLI स्कीम की वजह से दूसरी कंपनियों को दाम कम रखने में मदद मिली वहीं Ather अटका रहा.
प्रोडक्ट ही राजा हैसाल आया 2022. कंपनी ने महंगे होने के बाद भी 54,769 यूनिट्स बेचीं. 2023 में बिक्री बढ़कर 1 लाख 11,812 यूनिट्स हो गई. 2025 में कंपनी ने 2,14,985 यूनिट्स सेल कीं. माने 57 फीसदी का जंप. इस साल जून तक कंपनी 1 लाख 69,020 यूनिट्स सेल कर चुकी है. माने साल खत्म होते मीटर 3 लाख के पार होगा. 2025 में कंपनी 3000 करोड़ का आईपीओ भी ला चुकी है.

हालांकि ये गजब अपने आप नहीं हुआ है. दरअसल कंपनी जिस सेगमेंट में काम करती है वो प्रीमियम सेगमेंट है. स्कूटर का दाम 1.60 लाख से भी ज्यादा चला जाता है. यहां बहुत कम प्लेयर हैं इसलिए अपने आप ही कंपनी इस सेगमेंट में आगे निकल गई. कंपनी ने सर्विस पर खास ध्यान दिया है. हालांकि इसके लिए पूरे नंबर नहीं मिलेंगे, लेकिन जहां कुछ नामी कंपनियां को माइनस में नंबर मिलेंगे तोAther को 100 में से 80. कंपनी ने चार्जिंग का भी बड़ा नेटवर्क बना दिया है जो ईवी में सबसे बड़ा दर्द है. और सबसे इतर प्रोडक्ट तो है ही दमदार. अब कंपनी सस्ता स्कूटर ला रही. देखते हैं क्या बैटर करेगी.
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