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EV खरीद भी ली तो ये दिक्कत पल-पल सताएगी! लेने से पहले ही जान लीजिए

Electric Vehicle Tips: इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) को चार्ज करने के लिए जिस चार्जिंग लाइन और प्लग की जरूरत पड़ती है, उसकी जगह को लेकर रिहायशी इमारतों में विरोध होने लगा है. बिल्डिंग में रहने वाले और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) इसके लिए साफ मना कर रहे हैं. कुछ केस से समझते हैं.

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EV खरीदने से पहले ये जान लीजिए.

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) लेने जा रहे हैं फिर भले कार हो या स्कूटर तो थोड़ा रुक (Do not buy an electric car) जाइए. ईवी चार्जिंग से जुड़ी एक बड़ी परेशानी सामने आ रही है स्पेशली बड़े शहरों में. अगर इसका प्रबंध आपने पहले नहीं किया तो शायद आपके लाखों रुपये बे-कार जा सकते हैं. चार्जिंग की चकल्स आपके पूरे अनुभव को खराब कर सकती है. कैसी चकल्स भाई. चार्जर तो साथ में आता है. स्लो नहीं चाहिए तो फास्ट वाला भी अलग से मिल जाता है. चार्जिंग स्टेशन भी खूब हैं. ठीक बात, मगर चार्जर खोंसने का प्लग कहां है. दिमाग का फ्यूज़ उड़ा ना?

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दरअसल EV को चार्ज करने के लिए जिस चार्जिंग लाइन और प्लग की जरूरत पड़ती है, उसकी जगह को लेकर रिहायशी इमारतों में विरोध होने लगा है. बिल्डिंग में रहने वाले और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) इसके लिए साफ मना कर रहे हैं. कुछ केस से समझते हैं.

केस 1: हमारे एक परिचित ने एक इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा है. जहां पहले पेट्रोल वाले स्कूटर को खड़ा करते थे, वहीं इलेक्ट्रिशियन को बुलाकर बढ़िया सी चार्जिंग लाइन और प्लग लगवा दिया. पहले-पहल तो सब ठीक था, मगर अब बिल्डिंग में रहने वालों को इससे दिक्कत है. दिक्कत कहें या डर. आग लगने का डर. इस केस में घर खुद का है तो बिल्डिंग वाले साफ मना नहीं कर रहे, मगर ग्रुप में जरूर चर्चा कर रहे हैं.

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केस 2: मार्केटिंग मैनेजर नितिन सिन्हा ने बताया कि कैसे उनके जानने वाले को सोसायटी ने ईवी का चार्जर इंस्टाल करने से मना कर दिया. 20 लाख की उनकी ईवी अब बिल्डिंग में नहीं बल्कि बाहर पब्लिक चार्जिंग पॉइंट पर चार्ज होती है.

EV charging problem
नितिन सिन्हा के एक्स पोस्ट से 

केस 3: जाने-माने ऑटो एक्सपर्ट गौरव यादव भी इस दिक्कत के बारे में बता चुके हैं. उनके मुताबिक गुरुग्राम में कई सोसायटी बेसमेंट से ईवी चार्जिंग हटाने वाली हैं क्योंकि फायर डिपार्टमेंट ने NOC देने से मना कर दिया है. 

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कई सोसायटी में चार्जिंग पॉइंट हैं भी तो इक्का-दुक्का, जिनसे सभी का काम नहीं चलेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि ईवी के साथ आने वाले चार्जर बहुत स्लो चार्ज करते हैं. अमूमन एक गाड़ी को फुल चार्ज होने में कम से कम आठ घंटे चाहिए. जैसे-जैसे ईवी की बिक्री बढ़ रही, ये एक नई दिक्कत सामने आ रही है.

अगर आप किरायेदार हैं तो आपको ज्यादा दिक्कत होने वाली है क्योंकि आपको तो कथित नियम-कानून मानने ही पड़ेंगे. वैसे चार्जिंग की जगह को लेकर होने वाली इस परेशानी के पीछे सही पॉलिसी का नहीं होना है. सरकारों ने ईवी खरीदने के लिए तो पॉलिसी बना दी, कई सारे डिस्काउंट भी दे दिए मगर ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अभी काफी काम होना बाकी है.

बिल्डिंग भी इस तरीके से नहीं बनी हैं जिसमें चार्जिंग के लिए खुली और हवादार जगह का प्रबंध हो. देर-सवेर ऐसा हो जाएगा जब ईवी गाड़ियां ही ज्यादा होंगी. लेकिन तब तक अगर आप ईवी लेने वाले हैं तो पहले चार्जिंग का जुगाड़ देख लीजिए. हां, जो आपका अपना आंगन वाला घर है तो फिर क्या ही चिंता.  

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