इस साल ज्यादातर कंपनियों ने अपनी गाड़ियों के दाम में बेतहाशा वृद्धि की है. आए दिन खबर आती है कि फलां कंपनी ने कारों के दाम में बढ़ोतरी कर दी. लेकिन अगर किसी गाड़ी का दाम सीधे 34 लाख (Defender New Price) कम हो जाए तो कैसा लगेगा? भरोसा नहीं होगा. लेकिन, यह हकीकत है और हम आपको सारी डिटेल बताते हैं. हम आपको एक ऐसी कार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके दाम 34 लाख रुपये कम हुए हैं.
अब रईसों की फेवरेट गाड़ी DEFENDER का सपना होगा पूरा! सीधे 34 लाख रुपये सस्ती हुई SUV
भारतीय रईसों की हालिया पसंद Land Rover Defender की कीमत करीब 34 लाख रुपये तक कम हो गए हैं. इस लग्जरी कार की कीमत अब देश में एक करोड़ से नीचे आ गई है. इसकी वजह है कि कंपनी ने लोकल असेंबली शुरू कर दी है.

भारतीय रईसों की नई पसंद बनकर उभरी Land Rover Defender की कीमत अब देश में एक करोड़ से नीचे आ गई है. Autocar की खबर के मुताबिक Defender 110’s X-Dynamic HSE का दाम घटकर 99 लाख रुपये एक्स शोरूम हो गया है. JLR (Jaguar Land Rover) ने अपनी पुणे फैसिलिटी में 'कंप्लीटली नॉकड डाउन' (CKD) किट्स का इस्तेमाल किया है. डिफेंडर 110 की लोकल असेंबली शुरू कर दी है.
इससे इसकी एक्स-शोरूम कीमत में 34 लाख रुपये तक की कमी आई है. ये CKD किट्स स्लोवाकिया से आएंगी. डिफेंडर 110 के 'X-डायनामिक HSE' ट्रिम पर में 350hp 3-लीटर डीजल, 400hp 3-लीटर पेट्रोल और 300hp 2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन ऑप्शन के साथ आता है.
लोकल में असेम्बल होने की वजह से 2-लीटर टर्बो-पेट्रोल डिफेंडर 110 की कीमत अब 1.13 करोड़ रुपये से घटकर 99 लाख रुपये हो गई है. इस मॉडल की कीमत में 14 लाख रुपये की कमी आई है. 3-लीटर डीजल और 3-लीटर टर्बो-पेट्रोल X-डायनामिक HSE वर्ज़न की कीमत अब नई दिल्ली में 1.18 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है. पूरी तरह से इम्पोर्ट किए गए वर्ज़न की कीमत 1.52 करोड़ रुपये थी. यानी इसकी कीमत सीधे 34 लाख रुपये कम हुए हैं. डिफेंडर 110 लाइनअप के बाकी मॉडल जिनमें ऑक्टा (Octa) और 5-लीटर V8 मॉडल, साथ ही 90 और 130 बॉडी स्टाइल शामिल हैं. हालांकि, ये अभी भी इम्पोर्ट किए जाते रहेंगे.
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डिफेंडर 110 X-डायनामिक HSE के अलावा, रेंज रोवर, स्पोर्ट, वेलार, इवोक और डिस्कवरी स्पोर्ट को भी देश में ही असेंबल किया जाता है. डिफेंडर को पहले पूरी तरह से इम्पोर्ट करके बेचा जाता था. FY2026 में JLR इंडिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल रहा. अब तक भारत में डिफेंडर की 9,000 से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं.
कंप्लीटली नॉकड डाउन होती है असेंबली प्रक्रियाकंप्लीटली नॉकड डाउन' (CKD) का मतलब एक ऐसी असेंबली प्रक्रिया से है. इसमें किसी वाहन (कार या बाइक) के सभी कलपुर्जे और कंपोनेंट्स अलग-अलग टुकड़ों या बंडलों में जहां बेचना है, उसी देश में आयात किया जाता है. दूसरे देश से पार्ट्स मंगाने के बाद, उन्हें उस देश की फैक्ट्री, जैसे भारत में JLR का पुणे प्लांट में जोड़ा या असेंबल किया जाता है. फिर गाड़ी को तैयार किया जाता है.
पूरी तरह से बनी हुई गाड़ी (CBU - Completely Built Unit) को आयात करने पर सरकारें बहुत ज्यादा इम्पोर्ट ड्यूटी वसूलती हैं. इसके मुकाबले, CKD यूनिट्स पर टैक्स या आयात शुल्क काफी कम लगता है. इससे कंपनियों को गाड़ियां थोड़े कम दाम में उपलब्ध कराने में मदद मिलती है. आप कहोगे ये तो 34 लाख कम हुआ, बहुत बड़ी रकम है. अजी जनाब जहां करोड़ों की बात है वहां 34 लाख थोड़ा ही हुआ.
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