Submit your post

Follow Us

Urban Company की महिला 'पार्टनर्स' ने इसके खिलाफ मोर्चा क्यों खोल दिया है?

अर्बन कंपनी (Urban Company). एक ऐसा प्लेटफॉर्म जो वेबसाइट और मोबाइल ऐप के ज़रिए लोगों के तरह-तरह के काम करता है. मेकअप कराना हो, घर सजाना हो, बाथरूम की सफाई, बिजली से जुड़ी फिटिंग या कोई और काम, बस अर्बन को बताइए और वो आपके यहां काम का आदमी भेज देगी. 2014 में शुरू हुई इस कंपनी ने बीते सालों में काफ़ी बड़े पैमाने पर अपना कारोबार बढ़ाया है. इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक़ क़रीब 35 हजार कर्मचारी अर्बन कंपनी के साथ जुड़े हैं.

इन्हीं में से कुछ महिला कर्मचारी कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं. खबरों के मुताबिक, अर्बन कंपनी  की 100 से भी ज्यादा महिला कर्मचारी सड़क पर हैं. उसके खिलाफ ‘हाय-हाय’ के नारे लगा रही हैं. बीती 8 अक्टूबर को इन महिलाओं ने गुरुग्राम स्थित अर्बन कंपनी के दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था. इनका कहना है कि अर्बन इन्हें बहुत कम वेतन देती है, ज्यादा कमीशन वसूलती है और कंपनी में महिलाओं के लिए सुरक्षा इंतजामों की कमी है. इसे लेकर अर्बन ने भी सफाई दी है.

‘देर रात तक करना पड़ता है काम’

हड़ताल में शामिल लगभग सभी महिलाएं ब्यूटिशियन या स्पा वर्कर का काम करती हैं. इनका आरोप है कि अर्बन के साथ काम करने का कोई टाइम टेबल नहीं है. दी एंट्रैकर नाम की वेबसाइट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़, अर्बन से जुड़ी महिलाएं 12-13 घंटे काम करती हैं. एक महिला ने दी एंट्रैकर से कहा,

“हम सुबह 7 बजे काम पर निकलते हैं. वापस जाते-जाते 9-10 बज जाते हैं. हमें कभी-कभी घर पर बच्चों को बंद तक करके आना पड़ता है.”

महिलाओं का आरोप है कि कई बार देर रात की भी ड्यूटी उन्हें दी जाती है. रिपोर्ट में एक हड़ताली महिला कहती है,

“क्या इतनी देर रात किसी महिला के लिए किसी के घर जाना सुरक्षित है?”

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ये ब्यूटिशियन खुद ब्यूटी प्रॉडक्ट्स नहीं ख़रीद सकतीं. उनको ये प्रॉडक्ट्स कंपनी देती है. वो भी बाजार से ज्यादा दाम में. इन महिलाओं का ये भी दावा है कि बाक़ी कंपनियों की तरह अर्बन कंपनी की कर्मचारियों को भी बीमा की सुविधा नहीं दी जाती है.

कंपनी ने डराने की कोशिश की?

दी एंट्रैकर के लिए रिपोर्टिंग करने वाले सौम्य ने बीती 8 फरवरी की शाम को अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया था. इसमें उनका दावा था कि अर्बन कंपनी ने अपने खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर चेतावनी भरा मेसेज किया था. सौम्य ने उस संदेश का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया था. इसमें लिखा है,

“आप सभी काम पर जाएंगे. अगर आपको को कोई रोके या मना करे काम पर जाने से तो कृपया हमें नीचे दिए गए नंबर्स पर संपर्क करें. जो भी किसी प्रोफ़ेशनल को काम करने से रोकेगा UC उसके खिलाफ स्ट्रिक्ट पुलिस ऐक्शन लेगा.”

इसके अलावा लॉजिकल इंडियन नाम की एक वेबसाइट के मुताबिक़ अर्बन कंपनी में काम करने वाली एक ब्यूटिशियन ने दावा किया है कि उसे 4 लोगों को सर्विस देने के बदले केवल 67 रुपये मिले.

अर्बन कंपनी का जवाब

इन तमाम आरोपों के बीच बीती 10 अक्टूबर को अर्बन कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर एक लंबा ब्लॉग लिखा. ये सर्विस प्रोवाइडर प्लेटफॉर्म अपने साथ काम करने वालों को ‘पार्टनर’ कहता है. ब्लॉग में UC ने बताया है कि वो अपने पार्टनर्स को किस तरह और कैसे पेमेंट करती है. उन्हें क्या सुविधाएं दी जाती हैं, वगैरा-वगैरा. ब्लॉग पोस्ट में कंपनी ने उस महिला पार्टनर का भी जिक्र किया है, जिसे लेकर दावा किया गया था कि 4 जगह सर्विस देने के बाद उसे केवल 67 रुपये मिले. इस बारे में कंपनी ने लिखा है,

“हाल ही में एक ट्वीट में दावा किया गया है कि एक ब्यूटी पार्टनर ने 4 ऑर्डर के लिए 67 रुपये कमाए. यहां तथ्यों को गलत तरीक़े से दिखाया गया है. दिखाए गए स्क्रीनशॉट उसके कमाई वाले पेज का नहीं बल्कि उनके बैंक अकाउंट में दिए गए पैसों का लेखा-जोखा है. इस पार्टनर को 2 ऑर्डर के लिए नकद पैसे दिए गए थे, और बाक़ी दो बुकिंग के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था. 1 से 3 अक्टूबर के बीच दिए 4 ऑर्डर के लिए UC के कमीशन और बाक़ी फ़ीस के बाद उनकी कमाई 1,941 रुपये थी.”

इस लंबी पोस्ट में अर्बन कंपनी ने कहा है कि वो “परफेक्ट नहीं है” इसलिए संभव है उससे कुछ ग़लतियां हुई हों.

कंपनी ने अपने बयान में कहा,

“अर्बन कंपनी के भागीदार औसतन 280-300 रुपये प्रति घंटे कमाते हैं. इसमें कमीशन, बाक़ी शुल्क और बाक़ी सभी लागत जुड़ी है. सर्विस पार्टनर्स में कई ऐसे लोग हैं जो सभी कमीशन, बाक़ी शुल्क, मिलाकर हर महीने 36 हजार रुपये से भी ज़्यादा कमाते हैं.”

महिला कर्मचारियों ने बीमा की सुविधा नहीं होने का आरोप लगाया है. लेकिन कंपनी का कहना है कि वो ये सुविधा देती है. ब्लॉग में कहा गया है कि अर्बन कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए 6 लाख रुपये तक का ऐक्सिडेंटल बीमा देती है. कंपनी ने लिखा है,

“सभी अर्बन कंपनी पार्टनर्स को जीवन और ऐक्सिडेंट बीमा कवर दिया जाता है. कई भागीदार मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी उठाते हैं.”

कंपनी ने ये भी दावा किया कि कोरोना महामारी के दौरान उसने भागीदारों को लाखों रुपये का ब्याज मुक्त लोन भी दिया था.

बहरहाल, पिछले कुछ सालों में इस तरह की सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के ख़िलाफ़ उनके ही कर्मचारियों ने कई बार विरोध प्रदर्शन किए हैं. अर्बन कंपनी के अलावा फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म Zomato, Swiggy के डिलिवरी बॉयज भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं. वहीं टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों, जैसे Ola, Uber के ख़िलाफ़ भी उनके कैब ड्राइवर्स ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया है.


वीडियो- ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय ने इतनी धाराएं लगवाईं कि महिला को अब मुसीबत हो सकती है!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

विराट कोहली जी, इस बहसबाज़ी की ज़रूरत नहीं थी

बेकार का बवाल.

सुनील नरेन ने तय कर दिया KKR का IPL जीतना?

स्टैट्स तो यही कहते हैं.

RCB के बिग शो ने कौन सा बड़ा काम कर दिया?

जो इस सीजन कोहली-ABD भी नहीं कर पाए.

मध्य प्रदेश: SDM को चोर की नसीहत- घर में पैसे नहीं थे तो लॉक नहीं करना था कलेक्टर

देवास जिले में चोरों का कॉन्फिडेंस आसमान छू रहा है!

इकनॉमिक्स का नोबेल इन 3 लोगों को, पुरस्कार की राशि का बंटवारा दिलचस्प है!

इसी के साथ इस साल के नोबेल पुरस्कारों की लिस्ट पूरी.

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने महिलाओं के लिए क्या कहा कि एडवांस सॉरी बोलने पर भी बवाल हो गया?

लेकिन कुछ लोगों ने मंत्री का समर्थन भी किया है.

कोलकाता के खिलाफ उतरने से पहले कोहली ने क्यों कहा- हमारे लिए कुछ नहीं बदलता!

फाइनल से बस दो जीत दूर हैं RCB और KKR.

लखीमपुर खीरी घटना का नया वीडियो, शांति से जा रहे काफिले में अचानक कोहराम मच गया

इस वीडियो में दिख रही घटना के बाद ही लखीमपुर खीरी में हिंसा हुई थी.

गाड़ी धीरे चलाने के लिए कहा तो छह लोगों पर चढ़ा दी SUV, 2 की मौत

हरियाणा की घटना, शादी के घर में छाया मातम.

पैंडोरा पेपर्स: अगस्ता वेस्टलैंड वाले राजीव सक्सेना और बकुल नाथ के बारे में बड़ी जानकारी मिली

बकुल नाथ, कमल नाथ के बेटे हैं. राजीव सक्सेना ने ED की पूछताछ में उनका नाम लिया था.