The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Farmers protest march from Noida to Delhi traffic advisory barricades and barriers at borders

दिल्ली पर फिर 'किसान आंदोलन' का साया, नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी, अन्नदाता की मांगें मालूम हैं?

Farmers March to Delhi: नोएडा-ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ आसपास के जिलों से हजारों किसान 2 दिसंबर को दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं. गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने कई रूट्स को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है.

Advertisement
pic
2 दिसंबर 2024 (अपडेटेड: 2 दिसंबर 2024, 01:55 PM IST)
Delhi, Delhi Noida Border, Border
दिल्ली की तरफ कूच करेंगे नोएडा के किसान (फाइल फोटो)
Quick AI Highlights
Click here to view more

दिल्ली को एक बार फिर से किसान आंदोलन (Farmers Protest) का सामना करना पड़ सकता है. नोएडा-ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ आसपास के जिलों से हजारों किसान 2 दिसंबर को दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं. किसानों ने ये फैसला अथॉरिटी के साथ हुए लगभग 3 घंटे तक चली बैठक के बाद लिया है. जिसमें किसानों ने अपनी मांगे रखी, हालांकि इसका कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका. किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने कई रूट्स को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी (Traffic Advisory) जारी की है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय किसान परिषद (BKP) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) तथा संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) सहित कई अन्य समूहों के बैनर तले किसान इस आंदोलन में हिस्सा लेंगे. किसान 2 दिसंबर को दोपहर 12 बजे नोएडा के महामाया फ्लाईओवर पर इकट्ठा होकर दिल्ली कूच करेंगे. किसान दिल्ली की ओर पैदल और ट्रैक्टर से मार्च करेंगे. इस मार्च में गौतमबुद्ध नगर, आगरा, अलीगढ़ और बुलंदशहर समेत 20 जिलों के किसान हिस्सा लेंगे.

इंडिया टुडे के मुताबिक 1 दिसंबर को किसानों की पुलिस, जिलाधिकारी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक हुई. जिसमें किसानों की तरफ से कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं. हालांकि, अधिकारियों ने किसानों की मांगों को मानने से इनकार कर दिया. जिसके बाद किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि अपनी मांगों को लेकर वो दिल्ली कूच करेंगे. किसानों के मुताबिक अगर उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो उनका आंदोलन और तेज हो सकता है.

ये भी पढ़ें: किसान आंदोलन 2.0 की असली कहानी!

क्या है किसानों की मांगें?

अब किसान आंदोलन क्यों करना चाह रहे हैं, ये जान लीजिए. नोएडा-ग्रेटर नोएडा के किसानों के मुताबिक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है. किसानों का कहना था कि गोरखपुर में बन रहे हाईवे के लिए चार गुना मुआवजा दिया गया, जबकि गौतमबुद्ध नगर को इससे वंचित रखा गया. किसानों के मुताबिक पिछले 10 साल से सर्किल रेट भी नहीं बढ़ा है. इसे बढ़ाया जाना चाहिए. वहीं, किसानों की प्रमुख मांगों में 10 फीसदी विकसित प्लॉट दिए जाने, हाई पावर कमेटी की सिफारिशों और नए भूमि अधिग्रहण कानून का लाभ दिया जाना शामिल है. किसान ये भी चाहते हैं कि भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार और पुनर्वास का लाभ दिया जाए.

ये भी पढ़ें: दिल्ली मार्च: पंजाब-हरियाणा के किसानों से कितनी अलग है वेस्ट यूपी के किसानों की मांग

गौतम बुद्ध नगर पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

किसानों के प्रस्तावित मार्च को  देखते हुए, गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. दिल्ली बॉर्डर से लगे गौतमबुद्ध नगर के सभी बॉर्डर पर बैरियर लगाकर सघन चेकिंग की जाएगी. इस वजह से लोगों को जाम की समस्या से दो-चार करना पड़ सकता है. 

एडवाइजरी के मुताबिक यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मेट्रो का अधिक से अधिक प्रयोग करें. यमुना एक्सप्रेस-वे से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे होकर दिल्ली जाने वाले रास्तों पर मालवाहक वाहनों की एंट्री बैन कर दी गई है.यातायात से संबंधित किसी भी असुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 9971009001 भी जारी किया गया है.

 

वीडियो: Tonk की कलेक्टर Saumya Jha ने किसानोंसे क्या कहा जो वायरल हो गया?

Advertisement

Advertisement

()