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फिर से हुई इंडिया और चीन के सैनिकों में झड़प? जानिए अधिकारियों ने क्या कहा

भारत और चीन (India and china) की सेनाओं के फिर से आमने-सामने आने की खबर है. ये आमना-सामना भारत-चीन सीमा के पूर्वी सेक्टर पर हुआ है. सूत्रों के मुताबिक भारत और चीन के गश्ती दल अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाक़े में आमने-सामने आ गए. धक्का-मुक्की हुई. कुछ देर बाद स्थितियां शांत हो गई.

कब और कहां की है ये घटना?

ये घटना पिछले हफ्ते हुई है. मामला तवांग सेक्टर का है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने रक्षा सूत्रों के हवाले से लिखा है कि चीनी सैनिक पर्याप्त मात्रा में आए और उनका भारतीय गश्ती दल से सामना हो गया. हालांकि एक अफसर का कहना है कि ऐसा अक्सर होता रहता है. इसके बाद जवानों के बीच कुछ धक्का-मुक्की हुई लेकिन बाद में इसे लोकल कमांडरों द्वारा सुलझा लिया गया. बता दें कि अरुणाचल प्रदेश का तवांग भारत और चीन के बीच पारंपरिक रूप से विवाद का विषय रहा है. 1962 के भारत-चीन युद्ध में पहले के ही कुछ दिनों में ही चीन ने तवांग पर कब्जा कर लिया था. चीन का तवांग पर दावा है. दावा ये कि अरुणाचल प्रदेश असल में दक्षिणी तिब्बत है.

क्यों आमने-सामने आते हैं भारत-चीन के सैनिक?

कहा जाता रहा है कि सीमा को लेकर भारत और चीन दोनों की अपनी समझ है. अधिकारियों कहते हैं कि चूंकि भारत-चीन सीमा आधिकारिक तौर पर तय नहीं है ऐसे में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल को ही दोनों देश की सेनाएं सरहद मानती हैं.

अधिकारियों का कहना है कि आधिकारिक तौर पर सीमा तय न होने के कारण जब भी दोनों तरफ के गश्ती दल कहीं पर मिलते हैं तो हालातों को पहले से तय एक प्रोटोकॉल और मेकैनिज्म के तहत सुलझाया जाता है. अब ये भी संभव है कि मामला शांत हो, उससे पहले धक्का-मुक्की हो जाए और कुछ घंटों तक चलती रहे. ताज़ा घटना की बात करें तो अधिकारियों ने बताया है कि भारतीय सेना को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है.

अधिकारियों का क्या कहना है?

ख़बरों की मानें तो सरकारी अधिकारियों का कहना है कि तवांग सेक्टर में इस तरह की घटनाएं होती रहती है. लेकिन इस बार ऐसी घटना काफी लंबे वक्त बाद हुई है. इससे पहली ऐसी एक घटना 2016 में हुई थी. हालांकि ये घटना कॉर्प्स कमांडर लेवल की 13वें राउंड की बातचीत से पहले हुई है. इस बातचीत में पूर्वी लद्दाख में 17 महीने तक चले गतिरोध को लेकर लिए गए संकल्प को लेकर चर्चा होगी. अधिकारियों का कहना है कि बातचीत अगले कुछ दिनों में होगी.

30 अगस्त की घटना का रीकैप

उत्तराखंड के बाराहोती में चीन के करीब सौ सैनिक सीमा रेखा पार कर भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे. भारतीय सीमा में करीब पांच किलोमीटर अंदर तक आने के बाद चीनी सैनिक वापस लौट गए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा क्षेत्र से वापस लौटने के पहले इलाके में एक पुल को भी नुकसान पहुंचाया था. हालांकि, इस खबर को सुरक्षा एजेंसियों ने खारिज कर दिया था. बता दें कि पूर्वी लद्दाख में पिछले साल अप्रैल से ही तनातनी चल रही है. डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी तनाव जारी है. दोनों देशों के बीच गतिरोध दूर करने के लिए सैन्य स्तर की बातचीत जारी है तो साथ ही चीन की ओर से कथित तौर पर उकसावे वाली कार्रवाई भी.


वीडियो – दी लल्लनटॉप शो: उत्तराखंड में बड़ी चीनी घुसपैठ की खबर पर मोदी सरकार कुछ बोल क्यों नहीं रही?

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