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हिमाचल के मेडिकल सामान घोटाले के तार किन-किन रसूखदारों से जुड़ रहे हैं?

हिमाचल प्रदेश में कथित पीपीई किट और अन्य मेडिकल सामान के खरीद के घोटाले में अब पंजाब की एक कंपनी के कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किये गये व्यक्ति से बातचीत का ही आडियो वायरल हुआ था, जिसके कारण पिछले महीने स्वास्थ्य निदेशक (डीएचएस) डॉक्टर ए. के. गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था. एंटी करप्शन और विजिलेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि हिमाचल के सिरमौर जिले का रहने वाला 46 साल का पृथ्वी सिंह पंजाब के एक फर्म ‘बायोएड’ में काम कर रहा था. इसे 6 जून, शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है.

बीते दिनों हिमाचल प्रदेश में कोरोना इक्वीपमेंट यानी पीपीई किट और अन्य मेडिकल सामानों के खरीद घोटाले में नाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी. इसी मामले में डॉ. एस. के. गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था. अब दूसरी गिरफ्तारी पृथ्वी सिंह की हुई है.

क्या है पूरा मामला

हिमाचल से पिछले दिनों एक ऑडियो टेप सामने आया था. इसमें एक स्वास्थ्य अधिकारी कथित तौर पर रेणुका के एक मेडिकल सामान के सप्लायर से पांच लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था. क्लिप सामने आने के बाद 20 मई को विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो ने स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. के. गुप्ता को गिरफ्तार किया. साथ ही डॉ. गुप्ता के बैंक खाते सील कर दिए गए थे.

इस मामले में कांग्रेस ने एक बीजेपी नेता के भी शामिल होने के आरोप लगाए थे. विपक्ष का आरोप था कि ऑडियो में एक तरफ डॉ. ए. के. गुप्ता हैं. डॉ. गुप्ता जिस व्यक्ति से बात कर रहे थे, वह बीजेपी के एक नेता का करीबी है. विपक्ष सरकार से उस बीजेपी नेता के नाम के खुलासे की मांग कर रहा है. इसी कड़ी में हिमाचल बीजेपी अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया.

अब तक हुई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बीजेपी अध्यक्ष ने कथित तौर पर 31 मई, 2020 को सेवानिवृत्त हो रहे स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. के. गुप्ता को तीन महीने की एक्सटेंशन देने की सिफारिश भी की थी.

एंटी करप्शन और विजिलेंस ब्यूरो में पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया-

पृथ्वी सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन ब्यूरो द्वारा जुटाए गए नए सबूत दिखाए जाने पर उन्होंने सीधा सा जवाब दिया. मामले की जांच चल रही है और यह अभी तक पता नहीं चला है कि स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. के. गुप्ता को रिश्वत की रकम सौंपी गई थी या नहीं.

यह गिरफ्तारी राजीव बिंदल के ‘नैतिक आधार’ पर राज्य भाजपा अध्यक्ष के पद से हटने के कुछ दिनों बाद हुई है. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पिछले गुरुवार, 4 जून 2020 को एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान कहा-

इस्तीफे पर टिप्पणी करना उचित नहीं है. बार-बार आरोप लगने से बेहतर था कि उन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया. इस लेन-देन में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. विपक्ष अनावश्यक आराोप लगा रहा है.

राज्य का विजिलेंस विभाग इस ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक लैब में जांच करवा रहा है, लेकिन इस ऑडियो क्लिप में बात कर रहा आरोपी पृथ्वी ने खुद स्वीकार कर लिया है कि वह ऑडियो उसी ने रिकॉर्ड किया था.

कौन है पृथ्वी सिंह

पृथ्वी सिंह डेराबस्सी स्थित ‘बायोएड कॉर्पोरेशन’ का अधिकृत लाइजनिंग प्रतिनिधि है, जो कि प्रमुख तौर पर पीपीई किट्स बनाती है. आरोप है कि पृथ्वी सिंह राजीव बिंदल का करीबी है. पृथ्वी सिंह हिमाचल प्रदेश के रेणुका जी विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुका है. 2007 में बहुजन समाज पार्टी से वह विधानसभा का चुनाव हार गया था. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, वह बाद में बीजेपी में आ गया और एससी मोर्चा का अध्यक्ष भी रहा. रेणुका जी से ही पूर्व बीजेपी विधायक और पृथ्वी सिंह के रिश्तेदार हृदय लाल ने भी इस बात की पुष्टि की. वर्तमान में जिला भाजपा इकाई के ‘विशेष आमंत्रित’ सदस्य हृदय लाल ने बताया कि पृथ्वी सिंह अभी भाजपा सदस्य हैं और लगभग चार-पांच साल पहले एससी मोर्चा के अध्यक्ष थे. उन्होंने यह भी बताया कि पृथ्वी सिंह फिलहाल किसी निजी व्यवसाय में हैं.

राजीव बिंदल से क्या कनेक्शन है

स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. के. गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद से ही कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर घूमने लगीं. कई तस्वीरों में पृथ्वी सिंह, सोलन के एक मेडिकल टेस्टिंग सेंटर ‘एपेक्स डायग्नोस्टिक्स’ के स्टाफ के रूप में दिख रहा है. ‘एपेक्स डायग्नोस्टिक्स’ बिंदल की बेटी और दामाद चलाते हैं. पृथ्वी सिंह का एक विजिटिंग कार्ड भी सर्कुलेट हो रहा है, जिस पर उसका पद ‘एपेक्स डायग्नोस्टिक्स’ का मार्केटिंग मैनेजर लिखा हुआ है.

बिंदल के दामाद डॉ. राज कुमार गांधी ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि पृथ्वी सिंह ने काफी समय पहले काम किया था, उन्हें चल रही किसी भी जांच के बारे में कुछ भी पता नहीं है. हालांकि इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, एक महिला ने ‘एपेक्स डायग्नोस्टिक्स’ के लैंडलाइन नंबर पर बात करते हुए कहा कि पृथ्वी सिंह एक कर्मचारी था, जो COVID -19 के समय से उनके साथ काम नहीं कर रहा है.

फिलहाल बिंदल ने इस मुद्दे पर बात करने से इनकार कर दिया है. कुछ दिनों पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था-

जो प्रश्न मुझसे संबधित नहीं है, जो व्यक्ति मुझसे जुड़ा नहीं है, मीडिया ने उसको घुमा दिया. मैंने उत्तर दे दिया है. अब विजिलेंस को उनका काम करने दिया जाए. परिणाम आने दीजिए.

राजीव बिंदल रसूखदार नेता रहे हैं. पांच बार विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं. उन्हें 18 जनवरी को हिमाचल बीजेपी का मुखिया बनाया गया था. उन्हें इस पद के लिए सबका समर्थन मिला था. इससे पहले वे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के स्पीकर थे. बिंदल से पहले सतपाल सिंह सत्ती आठ साल तक हिमाचल बीजेपी के अध्यक्ष रहे थे. फिलहाल मामले की जांच चल रही है.



वीडियो देखें: हिमाचल प्रदेश के भाजपा नेताओं का सेक्स वीडियों मांगने, बांटने और देखने वालों को ये वीडियो भेजें

 

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