Submit your post

Follow Us

नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार ने इंदिरा गांधी को लेकर क्या पोस्ट डाला कि बड़ा बवेला खड़ा हो गया?

पंजाब कांग्रेस के मुखिया नवजोत सिंह सिद्धू फिर चर्चा में हैं. अपने बयानों से नहीं, बल्कि अपने सलाहकारों के बयानों की वजह से. नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकारों में से एक मालविंदर सिंह माली ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का एक स्कैच सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसके बाद विपक्ष के साथ कांग्रेस के लोग ही नवजोत सिंह सिद्धू और उनके सलाहकारों को आड़े हाथ ले रहे हैं. इस पोस्ट के बाद शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को बैठे-बिठाए सत्तारूढ़ कांग्रेस पर हमला करने का बहाना मिल गया है. बवाल बढ़ता देख सोमवार 23 अगस्त को सिद्धू ने दोनों सलाहकारों को अपने पटियाला स्थित आवास बुलाया.

क्या है पूरा मामला?

नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मालविंदर सिंह माली ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर इंदिरा गांधी का एक विवादास्पद स्कैच पोस्ट किया था. इसमें इंदिरा गांधी मानव खोपड़ियों के एक ढेर के पास खड़ी दिखाई दे रही हैं. उनके हाथ में एक बंदूक है जिसके नेज़े पर एक मानव खोपड़ी लटकी हुई है. इस स्कैच पर पंजाबी में एक टैगलाइन दी हुई है. आजतक/इंडिया टुडे से जुड़े सतेंदर चौहान के मुताबिक, टैगलाइन में लिखा है,

“हर जबर दी इही कहाणी, करना जबर ते मुंह दी खाणी.”

मतलब, हर दमन की एक ही कहानी होती है, अंत में उसकी हार होती है.

ये स्कैच कोई 32 साल पुराना है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जून 1989 में ‘जनतक पैगाम’ नामक एक पंजाबी पत्रिका के एक अंक के कवर पेज पर ये स्कैच छपा था.

Indira Gandhi
ये है वो स्कैच

किसने क्या कहा?

माली के इंदिरा गांधी का स्कैच सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और तमाम विपक्ष के नेता सिद्धू और कांग्रेस पर हमलावर हैं. वहीं, कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इसकी निंदा की है.

समाचार एजेंसी ANI से हुई बातचीत में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा,

नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार द्वारा पोस्ट किया गया कार्टून बहुत ही आपत्तिजनक था. मैं पंजाब प्रदेश अध्यक्ष को सलाह देता हूं कि ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें. नवजोत सिंह सिद्धू स्वयं अपने सलाहकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए आगे आएं. इतिहास वास्तविकता से संबंधित है और किसी को कल्पना के साथ नहीं, बल्कि उसके आधार पर खड़ा होना चाहिए.”

वहीं, इंडिया टुडे से बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चग ने कहा,

“मालविंदर सिंह माली की फेसबुक पोस्ट ने अस्सी के दशक के दौरान कांग्रेस के जघन्य गेम प्लान को उजागर कर दिया है. नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मालविंदर सिंह माली की इस पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को बंदूक के साथ दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने 1984 में सिखों को निशाना बनाया था.”

तरुण चग ने सवाल किया कि क्या मालविंदर सिंह माली को सिद्धू ने ही आधिकारिक तौर पर फेसबुक पर ऐसी पोस्ट अपलोड करने के लिए कहा है?

बीजेपी ने कहा कि सिद्धू लोगों को ये भी बताएं कि क्या वे अब भी इंदिरा गांधी को अपना नेता मानते हैं या नहीं.

इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इतवार 22 अगस्त को सिद्धू के सलाहकारों की टिप्पणियों को काल्पनिक बताया और कहा कि ऐसे बयान राज्य और देश की शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक हैं.

अमरिंदर सिंह ने माली और गर्ग को सलाह देते हुए कहा,

“उनका काम कांग्रेस अध्यक्ष को सलाह देना है. वे अपना काम करें और उन मामलों पर तो न ही बोलें जिनके बारे में उन्हें जानकारी कम है या नहीं है. उन्हें पता ही नहीं है कि इस तरह के बयानों के क्या मायने हैं.”

उधर, इंडिया टुडे के रिपोर्टर मंजीत सहगल से हुई बातचीत में अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा,

सिद्धू की चुप्पी ये साबित करने के लिए काफी है कि वो अपने सलाहकारों के विचारों का समर्थन कर रहे थे.

चीमा ने सिद्धू की तरफ़ इशारा करते हुए कहा,

”जब देश पाक के खिलाफ था तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की तरफ़ दोस्ती का हाथ किसने हाथ बढ़ाया था? पाक आर्मी जनरल को किसने गले लगाया था? जब नवजोत सिंह सिद्धू ख़ुद ऐसे हैं, तो उनके सलाहकारों से शिकायत क्यों की जाए.”

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा- पहले तो यही समझ से बाहर है कि नवजोत सिंह सिद्धू को इतने सलाहकारों की ज़रूरत क्यों है. लगता है कि नवजोत सिंह सिद्धू के पास अपना दिमाग नहीं है और वो अपने एडवाइजर्स पर ही निर्भर हैं. इसी वजह से उनके एडवाइजर जो भी अनाप-शनाप बयान देश की अखंडता के खिलाफ दे रहे हैं उसे वो मानते हुए चल रहे हैं.

(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे शिवेंद्र ने लिखी है.)


वीडियो- नेता नगरी: सिद्धू और CM अमरिंदर सिंह के बीच चल रही तनातनी का कांग्रेस पर क्या असर होगा?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

LIC पॉलिसी से PAN नंबर लिंक नहीं है, ये बड़ा नुकसान होगा!

LIC पॉलिसी से PAN नंबर लिंक नहीं है, ये बड़ा नुकसान होगा!

लिंक करने का पूरा प्रोसेस बता रहे हैं, जान लीजिए.

यूपी चुनाव: सपा-सुभासपा गठबंधन का ऐलान, राजभर बोले- एक भी सीट नहीं देंगे तो भी समर्थन रहेगा

यूपी चुनाव: सपा-सुभासपा गठबंधन का ऐलान, राजभर बोले- एक भी सीट नहीं देंगे तो भी समर्थन रहेगा

सपा ने ट्वीट कर कहा- 2022 में मिलकर करेंगे बीजेपी को साफ़!

आगरा में पुलिस कस्टडी में सफाईकर्मी की मौत, बवाल के बाद पुलिसकर्मियों पर FIR, 6 सस्पेंड

आगरा में पुलिस कस्टडी में सफाईकर्मी की मौत, बवाल के बाद पुलिसकर्मियों पर FIR, 6 सस्पेंड

थाने के मालखाने से 25 लाख चोरी के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था सफाईकर्मी को.

लखीमपुर की जांच से हाथ खींच रही यूपी सरकार? SC ने तगड़ी फटकार लगाते हुए और क्या सवाल दागे?

लखीमपुर की जांच से हाथ खींच रही यूपी सरकार? SC ने तगड़ी फटकार लगाते हुए और क्या सवाल दागे?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कभी खत्म न होने वाली कहानी न बन जाए ये जांच.

केरल के साथ उत्तराखंड में भी बारिश का कहर, सड़कें, इमारतें, पुल ध्वस्त, 16 की मौत

केरल के साथ उत्तराखंड में भी बारिश का कहर, सड़कें, इमारतें, पुल ध्वस्त, 16 की मौत

केरल में भारी बारिश के कारण हुई मौतों की संख्या 35 तक पहुंची.

जिस CBI अफसर को केस बंद करने के लिए सौंपा गया था, उसी ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया राम रहीम को

जिस CBI अफसर को केस बंद करने के लिए सौंपा गया था, उसी ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया राम रहीम को

इंसाफ दिलाने के लिए धमकियों और खतरों की परवाह नहीं की.

लगातार दूसरे दिन आतंकियों ने गैर कश्मीरी मजदूरों को बनाया निशाना, 2 की मौत, 1 घायल

लगातार दूसरे दिन आतंकियों ने गैर कश्मीरी मजदूरों को बनाया निशाना, 2 की मौत, 1 घायल

पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा.

केरल में भारी बारिश से तबाही, 25 से ज़्यादा मौतें, कई लापता

केरल में भारी बारिश से तबाही, 25 से ज़्यादा मौतें, कई लापता

पीएम मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री से की बात.

श्रीनगर में बिहार के रेहड़ीवाले और पुलवामा में यूपी के मजदूर की गोली मारकर हत्या

श्रीनगर में बिहार के रेहड़ीवाले और पुलवामा में यूपी के मजदूर की गोली मारकर हत्या

कश्मीर ज़ोन पुलिस ने बताया घटनास्थलों को खाली कराया गया. तलाशी जारी.

सिंघु बॉर्डर पर युवक की बर्बर हत्या पर किसान नेताओं ने क्या कहा है?

सिंघु बॉर्डर पर युवक की बर्बर हत्या पर किसान नेताओं ने क्या कहा है?

राकेश टिकैत ने भी मीडिया से बात की है.