The Lallantop

एक्सेंचर वाले पढ़ रहे सबके WhatsApp मैसेज? एलन मस्क बोले अब ऐप पर भरोसा नहीं रहा

WhatsApp पर इसलिए सवाल उठा रहे हैं क्योंकि कंपनी के खिलाफ एक नया मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि मेटा के स्वामित्व वाले ऐप ने बुलेटप्रूफ एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के अपने दावों के बावजूद यूजर्स के निजी संदेशों को इंटरसेप्ट किया और यहां तक ​​कि उन्हें एक्सेंचर जैसी तीसरी पार्टियों के साथ साझा भी किया.

Advertisement
post-main-image
एलन मस्क को व्हाट्सऐप पर भरोसा नहीं रहा

WhatsApp जितना चर्चा में रहता है उतना ही चिट-चैट उसके end-to-end encryption (E2EE) को लेकर भी होती है. (E2EE) को लेकर एक बार फिर मामला गरमाया है और इस बार मेटा के मालिकाना हक वाली कंपनी अरबपति कारोबारी एलन मस्क से भी भिड़ गई है. दरअसल (E2EE) को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है जिसमें दावा किया जा रहा है कि यूजर्स के मैसेज को Accenture जैसी थर्ड पार्टी कंपनियों के कर्मचारी भी पढ़ सकते हैं. जानकारी बाहर आते ही मस्क ने ऐप को टारगेट करना स्टार्ट कर दिया है. व्हाट्सऐप भी जवाब दे रहा है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

WhatsApp पर भरोसा नहीं

टेस्ला और एक्स के मालिक एलन मस्क और मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग की दुश्मनी जगजाहिर है. टेक फील्ड तो छोड़िए, बॉक्सिंग रिंग में भी लड़ने का मौका तलाशते रहते हैं. अबकी बार मस्क ने मुक्का मारते हुए कहा, “Can’t trust WhatsApp” माने व्हाट्सऐप पर भरोसा नहीं. अरबपति ऐप पर इसलिए सवाल उठा रहे हैं क्योंकि कंपनी के खिलाफ एक नया सामूहिक मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि मेटा के स्वामित्व वाले ऐप ने बुलेटप्रूफ एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के अपने दावों के बावजूद यूजर्स के निजी संदेशों को इंटरसेप्ट किया और यहां तक ​​कि उन्हें एक्सेंचर जैसी तीसरी पार्टियों के साथ साझा भी किया.

Advertisement
दावे के मुताबिक ऐप के संदेशों को एक्सेंचर के कर्मचारी भी पढ़ सकते हैं
दावे के मुताबिक ऐप के संदेशों को एक्सेंचर के कर्मचारी भी पढ़ सकते हैं 
बेतुकी बात है

मस्क की पोस्ट के जवाब में व्हाट्सऐप ने आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए लिखा, “इस मुकदमे में किए गए दावे सरासर झूठे और बेतुके हैं. ऐप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का उपयोग करके एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है, इसलिए आपके संदेश सिर्फ भेजने वाला और प्राप्तकर्ता के अलावा कोई और नहीं पढ़ सकता. 

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि इस साल की शुरुआत में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिकी कानून एजेंसियां ​​मेटा के एक पूर्व कांट्रेक्टर द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही थीं कि कंपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के दावों के बावजूद संदेशों तक पहुंच सकती थी. वैसे इस पूरे मामले में टेलीग्राम के सीईओ Pavel Durov भी कूद गए हैं. उन्होंने ऐप के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को इतिहास का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा बताया है. देखते हैं आगे क्या होगा. रही बात एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की तो इसे आप प्याज के छिलकों की परतें समझ लीजिए. 

ये भी पढ़ें: क्या WhatsApp वाले आपका मैसेज पढ़ते हैं? आज अंदर की हकीकत जान ही लीजिए

Advertisement

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को लेकर कंपनी के ऊपर आरोप कोई नई बात नहीं है. कंपनी के खिलाफ 2024 में भी अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) में भी इसी तरह की एक व्हिसलब्लोअर शिकायत दर्ज की गई थी. खबरों के मुताबिक, पिछले साल व्हाट्सऐप के लिए कंटेंट मॉडरेशन का काम करने वाले दो लोगों ने वाणिज्य विभाग के उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो के एक जांचकर्ता को बताया कि मेटा के कुछ कर्मचारियों की ऐप के संदेशों तक पहुंच थी. उन्होंने यह भी बताया कि कंसल्टिंग फर्म एक्सेंचर के कुछ कर्मचारियों की भी लोगों के निजी संदेशों की सामग्री तक व्यापक पहुंच थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि लार्किन फोर्डिस एक्सेंचर के साथ एक ठेकेदार थे, जो मेटा के लिए कंटेंट मॉडरेशन का काम करते थे.

वीडियो: शाहरुख खान ने अल्लू अर्जुन-एटली की फिल्म 'राका' की तारीफ करते हुए क्या कहा?

Advertisement