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अब ट्रेन में फोन का स्पीकर ऑन मत करना, वरना बहुत पछताओगे

ट्रेन के एसी कोचों जैसे बंद स्थानों पर तेज़ रिंगटोन, बिना हेडफ़ोन के ऑडियो चलाना और लंबी फोन कॉल अन्य यात्रियों के लिए सिरदर्द बन जाती है. अब इस मुद्दे पर यात्रा को लेकर कुछ नए नियम आ गए हैं, जिन्हें जरूर जान लीजिए.

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ट्रेन में फोन का स्पीकर ऑन किया तो जाना पड़ सकता है जेल (तस्वीर: एआई)

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  • भारतीय रेलवे ने यात्रियों को ट्रेन और रेलवे परिसर में मोबाइल फोन के स्पीकर मोड पर ऑडियो चलाने पर 5000 रुपये तक जुर्माना और छह महीने तक जेल की चेतावनी दी है।
  • यह नियम यात्रियों के बीच मोबाइल फोन पर जोर-जोर से बातचीत और बिना हेडफोन के वीडियो चलाने से होने वाली असुविधा और शोर को नियंत्रित करने के लिए लागू किया गया है।
  • यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे शिकायत के लिए टिकट परीक्षकों से संपर्क करें या रेल मदद ऐप/पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि यात्रा में शांति बनी रहे।

अगर आप भी इंडियन रेलवे के साथ यात्रा करते हैं जो आप करते ही होंगे और जो आप ट्रेन में जोर-जोर से बात करते हैं या बिना हेडफोन लगाए रील देखते हैं तो आपके ऊपर 5 हजार रुपये तक का जुर्माना (5000 fine for talking or watching on speaker mode) लग सकता है. आपको ट्रेन से उतारा भी जा सकता है. 6 महीने की जेल भी हो सकती है. भारतीय रेलवे ने यात्रियों को ट्रेनों और रेलवे परिसरों में मोबाइल फोन पर स्पीकर मोड का उपयोग करके गाने, वीडियो या अन्य ऑडियो चलाने के लिए चेतावनी दी है.

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TTE फाड़ेंगे जुर्माना

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती उल्लंघन यानी पहली बार पकड़े गए तो 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा और ट्रेन से उतारा भी जा सकता है. इसके बाद भी आप नहीं माने तो फिर जुर्माने की रकम 5,000 रुपये तक हो सकती है या छह महीने तक की जेल की सजा हो सकती है. टिकट परीक्षकों (TTE) को ऐसे मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है.

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे साथी यात्रियों को परेशान होने से बचाने के लिए इयरफ़ोन का उपयोग करें और फोन पर बातचीत कम और तथा कम आवाज़ में करें. अब ये कोई बताने वाली बात तो नहीं फिर भी बता देते हैं कि एसी कोचों (AC Coaches) जैसे बंद स्थानों पर तेज़ रिंगटोन, बिना हेडफ़ोन के ऑडियो चलाना और लंबी फोन कॉल अन्य यात्रियों के लिए सिरदर्द बन जाती है.

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वैसे भी आपकी पसंद का गाना है तो उसका मजा लीजिए. बाकी यात्रियों को चैन से सोने या बैठने दीजिए. आपके दूर के फूफा के बेटे का दोस्त किसी बड़ी कंपनी में अधिकारी बन गया तो ये बात जोर-जोर से बोलकर सभी को क्यों बताना. पता है-पता है, आप कहोगे मैं ये सब नहीं करता, लेकिन जो करते हैं, उनकी शिकायत कहां कर सकता हूं.

रेल मदद पर शिकायत कीजिए

ट्रेन में यात्रा करते समय अगर आपको भी इस किस्म की परेशानी से दो-चार होना पड़ता है और सामने वाला आपके कहने से भी रील का वॉल्यूम कम नहीं करता तो आपको झगड़ा-झगड़ा नहीं खेलना है. आप रेलवे कर्मियों या TTE को इसकी सूचना दे सकते हैं या रेल मदद (RailMadad) ऐप/पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
 

आपकी यात्रा मंगलमय हो…

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