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'AI से हो जाएगा कैंसर का इलाज' ऐसा मानकर खूब सिगरेट पी रहे वैज्ञानिक, CTO के दावे से हड़कंप!

पलांटिर (Palantir) के सीटीओ का दावा है कि एआई पर रिसर्च करने वाले धूम्रपान (ai researchers smoking cigarettes agi) कर रहे हैं. एआई की वजह से रिचर्स करने वाले अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. शोधकर्ता सिगरेट फूंक रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि एआई कैंसर का इलाज कर देगा.

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Palantir के सीटीओ का दावा है कि एआई पर रिसर्च करने वाले धूम्रपान कर रहे हैं (तस्वीर: एआई से बनी है जिसमें गलती हो सकती है)

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  • पलांटिर के CTO श्याम शंकर ने कहा है कि एआई पर रिसर्च करने वाले शोधकर्ता स्मोकिंग करने लगे हैं ताकि वे एआई पर अपनी गहरी विश्वासता दिखा सकें।
  • सिलिकॉन वैली में AGI विकसित करने की होड़ ने शोधकर्ताओं में सामाजिक भ्रम और सामूहिक मनोविकार की स्थिति उत्पन्न की है, जिससे वे जोखिम भरे व्यवहार अपना रहे हैं।
  • कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों के लिए निकोटीन पाउच मुफ़्त उपलब्ध कराए हैं और शोधकर्ता भविष्य में एआई द्वारा कैंसर के इलाज की संभावना पर भरोसा दिखा रहे हैं।

AI Agent कितना रायता फैला सकते हैं, ये पिछले कुछ महीनों में पता चल चुका है. आए दिन किसी ना किसी एआई कंपनी का एजेंट कमांड मानने से इनकार कर देता है. कभी डेटा में सेंधमारी करने लगता है. लेकिन अब इस AI ने एआई पर रिसर्च करने वालों को भी परेशान कर दिया है. अब ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं कि एआई की वजह से रिसर्च करनेवाले अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. शोधकर्ता सिगरेट फूंक (ai researchers smoking cigarettes agi) रहे हैं. शोध करनेवालों का मानना है कि एआई कैंसर का इलाज कर देगा.

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AI बन गया है बड़ी परेशानी 

पलांटिर (Palantir) के सीटीओ का दावा है कि एआई पर रिसर्च करने वाले धूम्रपान कर रहे हैं. सीबीएस (CBS) के शो "फेस द नेशन" को दिए गए एक इंटरव्यू में शंकर ने कहा, "कई शोधकर्ताओं ने स्मोकिंग शुरू कर दी है. यह सिर्फ दूसरे रिसर्चर्स को यह साबित करने के लिए है कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बहुत भरोसा है."

Palantir के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) श्याम शंकर (Shyam Sankar) के अनुसार शोधकर्ताओं ने स्मोकिंग की आदत महज इसलिए अपना ली क्योंकि उनको भरोसा है कि एआई कैंसर का इलाज ढूंढ लेगा. उनका मानना है कि इस तरह का व्यवहार एआई के आसपास मौजूद "सामाजिक भ्रम" (social delusion) को दर्शाता है. माने आपके आसपास का ऐसा माहौल जो आपको किसी चीज पर अंधा भरोसा करने पर मजबूर कर दे.

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जैसे कई बार हममें से कई लोगों को किसी दिन उदासी महसूस होती है. ऐसा इसलिए भी हो सकता है, क्योंकि हमारे आसपास का माहौल वैसा होता है. भले बाहर की दुनिया में सब नॉर्मल होता है. श्याम शंकर ने धुआं उड़ाने की इस आदत को "सामूहिक मनोविकार" (mass psychosis) कहा है. उनके मुताबिक, 'सिलिकॉन वैली (अमेरिका का टेक हब) में कृत्रिम सामान्य बुद्धिमत्ता (AGI - Artificial General Intelligence) को सबसे पहले विकसित करने की होड़ में ये पागलपन हो रहा है.

श्याम शंकर की बात में दम है

हालांकि अमेरिकी सॉफ्टवेयर और डेटा एनालिटिक्स कंपनी के CTO ने अपने दावे का कोई सबूत तो नहीं बताया. लेकिन आंकड़े उनकी बात की गवाही तो देते हैं. Fortune की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पलांटिर ने खुद अपने वाशिंगटन डी.सी. कार्यालय के वेंडिंग मशीनों में 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए मुफ्त निकोटीन पाउच उपलब्ध कराए हैं.

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पिछले महीने Business Insider ने भी रिपोर्ट दी थी कि कुछ स्टार्टअप फाउंडर्स ने सिलिकॉन वैली की हेल्थ-मैक्सिंग (स्वास्थ्य पर ध्यान देने वाली) संस्कृति को छोड़कर नेटवर्किंग में मदद के लिए धूम्रपान करना शुरू कर दिया है. एआई वियरएबल स्टार्टअप 'फ्रेंड' (Friend) के सीईओ अवि शिफमैन (Avi Schiffmann) भी कहते हैं, "जब तक आपको फेफड़ों का कैंसर होगा, तब तक हमारे एआई रोबोट्स उसका इलाज ढूंढ चुके होंगे."

बाकी आपके लिए हमारी आपके लिए चेतावनी है कि स्मोकिंग से दूर ही रहिए.

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