सितंबर में भारत के लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) आयात में बड़ा फेरबदल देखने को मिला. खाड़ी देश ओमान, भारत का सबसे बड़ा LNG सप्लायर बनकर उभरा है. पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पिछले कुछ महीनों में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LNG सप्लायर बन गया था. लेकिन यूरोपीय आयातकों द्वारा अमेरिकी गैस की खरीद बढ़ाने के चलते उसे दूसरे सप्लायरों से कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा.
भारत ने ओमान से खरीदी सबसे ज्यादा गैस, अमेरिका टॉप से बाहर हो गया
खाड़ी देश ओमान, भारत का सबसे बड़ा LNG सप्लायर बनकर उभरा है. पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पिछले कुछ महीनों में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LNG सप्लायर बन गया था.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भारत में एलएनजी की खपत बढ़ रही है. इस वजह से भारतीय गैस आयातक सामान्य से कहीं ज्यादा कीमतों पर एलएनजी खरीद रहे हैं. कुछ दूसरे प्रमुख एशियाई एलएनजी खरीदारों ने आयात में कटौती की है. पश्चिम एशिया में चल रहे संकट ने भारत को होर्मुज के अलावा दूसरे रास्ते से एलएनजी मंगाने का रास्ता खोजने को मजबूर किया है.
युद्ध से पहले कतर था सबसे बड़ा गैस सप्लायरटैंकर डेटा के मुताबिक, सितंबर में ओमान और नाइजीरिया एलएनजी सप्लायर्स की लिस्ट में टॉप पर रहे, उसके बाद अमेरिका का स्थान रहा. अगस्त में, अमेरिका भारत का टॉप सप्लायर था. इसके बाद नाइजीरिया, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात का स्थान था.
पश्चिम एशिया युद्ध से पहले, कतर भारत का एलएनजी का सबसे बड़ा सप्लायर था. संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका अक्सर दूसरे और तीसरे स्थान के लिए आपस में मुकाबले करते थे. कमोडिटी मार्केट एनालिटिक्स फर्म केप्लर के शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, सितंबर में अमेरिका से एलएनजी आयात में महीने-दर-महीने 60.7% की गिरावट आई , जबकि ओमान से आयात में 11.6% की वृद्धि हुई.
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विदेशों से करीब 50% गैस मंगाता है भारतभारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग आधी जरूरत को पूरा करने के लिए एलएनजी आयात पर निर्भर है. इस आयात का लगभग 60% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अहम समुद्री मार्ग से होकर आता है. खासतौर से कतर और संयुक्त अरब अमीरात से. ये दोनों खाड़ी देश वैश्विक स्तर पर भी प्रमुख एलएनजी निर्यातक हैं. कतर और संयुक्त अरब अमीरात के विपरीत, ओमान का एलएनजी निर्यात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भर नहीं है.
पश्चिम एशिया युद्ध के शुरुआती दो महीनों (मार्च और अप्रैल) में गिरावट के बाद, भारत के एलएनजी आयात में साल-दर-साल लगातार वृद्धि देखी गई है. केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, इस सुपर-चिल्ड गैस का आयात साल-दर-साल 17.8% बढ़कर मई-सितंबर की अवधि में करीब 1.18 करोड़ टन हो गया.
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5 महीने तक अमेरिका भारत का टॉप गैस सप्लायर थाइस साल अप्रैल से लेकर अगस्त तक (5 महीने के दौरान) भारत ने अमेरिका से सबसे ज्यादा गैस खरीदी. इस दौरान भारत ने अमेरिका से 34.1 करोड़ टन गैस खरीदी. यह भारत के कुल एलएनजी आयात का 28.7% है. इस अवधि के दौरान अमेरिकी एलएनजी आयात की मात्रा पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 175% अधिक थी.
पिछले कुछ महीनों में, यूरोपीय आयातकों ने सर्दियों से पहले अमेरिका से ताबड़तोड़ गैस खरीदी है. इसके चलते बड़ी संख्या में अमेरिकी एलएनजी कार्गो यूरोप जा रहे हैं. वहीं, मई-सितंबर के दौरान भारत का ओमान से एलएनजी आयात 23 लाख टन रहा. यह पिछले साल की तुलना में लगभग 419% अधिक है. यह भारत के कुल एलएनजी आयात का लगभग 20% है.
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