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खामेनेई को अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ा ईरान, 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'Kill Trump' के नारे भी लगे

Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा और विदाई की रस्में शुरू हो गई हैं. तेहरान की मस्जिद में उनका ताबूत रखा गया है. 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.

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बड़ी संख्या में लोग शोक मनाने के लिए जमा हुए हैं. (फोटो: X)

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  • ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 3 जुलाई से 9 जुलाई तक जनाजे को ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में ले जाकर 9 जुलाई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
  • अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में हुई थी, जिसके कारण उनका अंतिम संस्कार और राजकीय शोक का आयोजन किया जा रहा है।
  • खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ईरान में शोक की भावनाएं व्यक्त की जा रही हैं और उनके समर्थक देश और धर्म की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दिखाने के लिए घटना में शामिल हो रहे हैं।

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा और विदाई की रस्में शुरू हो गई हैं. 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में उनकी मौत हो गई थी. अधिकारियों ने तेहरान की ग्रैंड मोसाला मस्जिद में उनका ताबूत रखा है, जहां बड़ी संख्या में लोग शोक मनाने के लिए जमा हुए हैं. 3 जुलाई से 9 जुलाई तक उनके जनाजे को ईरान और इराक के कई शहरों में ले जाया जाएगा. इसके बाद 9 जुलाई को ईरान के मशहद शहर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.

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ईरान ने 4 जुलाई को राजकीय शोक की शुरुआत की. यह तारीख संयुक्त राज्य अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ भी है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 'ग्रैंड मोसाल्ला' में एक ओपन-एयर स्टेज बनाया गया है. खामेनेई का ताबूत एक कांच के बक्से में रखा गया है. उनके मृत परिवार के सदस्यों के ताबूत उनके अपने ताबूत के नीचे रखे गए हैं. 

खामेनेई के ताबूत के ऊपर उनकी काली पगड़ी रखी है, जो उन्हें पैगंबर मुहम्मद का सीधा वंशज बताती है. यह नजारा देखकर लोग रो पड़े और कुछ लोगों ने नारे लगाए, 

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“हमारा एक ही वचन है! बदला! बदला!” 

Ayatollah Ali Khamenei
(फोटो साभार: फार्स न्यूज)

कुछ लोग बैनर और झंडे लिए हुए हैं, जबकि पूरे तेहरान में बिलबोर्ड पर खामेनेई की तस्वीर लगी है. 

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शोक में डूबे पुरुषों ने अपनी छाती भी पीटी. अपनी मां के साथ आईं 27 साल की हनानाह मौसावी ने कहा, 

“मैं यहां अपने प्यारे नेता अली खामेनेई को विदाई देने आई हूं. मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन देखना पड़ेगा. काश, इस त्रासदी से पहले ही मैं मर गई होती.”

आयोजकों ने भीड़ पर पानी का छिड़काव किया और गर्मी में कोल्ड ड्रिंक्स बांटी. तेहरान से लगभग 530 किलोमीटर दूर तबरीज से आए अली काजेमी ने कहा,

"हम अंतिम संस्कार में इसलिए शामिल हुए ताकि यह दिखा सकें कि हम सभी अपने देश और धर्म की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं."

इस दौरान ‘अमेरिका मुर्दाबाद!’ के नारे भी सुनाई दिए. यह नारा 1979 की इस्लामिक क्रांति और अमेरिकी दूतावास में बंधक संकट के समय से ही ईरान में सुना जाता रहा है. तेहरान में शोक मनाने वाले कुछ लोगों ने एक बड़ा झंडा दिखाया जिस पर लिखा है, "#KillTrump" (ट्रंप को मारो).

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अयातुल्ला अली खामेनेई के शव को अब ईरान और पड़ोसी देश इराक के शहरों में ले जाया जाएगा. यह अभी साफ नहीं है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं. मरहूम सुप्रीम लीडर 1989 में अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में रोते हुए दिखे थे. 

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