बहुत जल्द हमारे हाथ में प्लास्टिक (India Plastic Currency) वाले नोट आ सकते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 100-100 करोड़ रुपये के पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोट छापेगा. वित्त मंत्रालय ने सोमवार, 27 जुलाई को संसद को बताया कि सरकार ने 10 और 20 रुपये मूल्यवर्ग वाले पॉलिमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
अब छपेंगे प्लास्टिक के नोट, RBI को मिल गई बड़ी मंजूरी
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 100-100 करोड़ रुपये यानी टोटल 200 करोड़ रुपये के पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोट छापेगा. ये भी बताया गया है कि पॉलिमर बैंक नोट आने के बाद मौजूदा कागजी नोटों के साथ क्या किया जाएगा.

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा,
"RBI ने अपने सेंट्रल बोर्ड की सिफारिश पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1934 की धारा 25 के तहत सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था. इस प्रस्ताव में फील्ड ट्रायल के लिए 10 और 20 के 1-1 अरब पॉलिमर बैंक नोट लाने और फील्ड ट्रायल के सफल होने के बाद इन दो मूल्यवर्गों में पॉलिमर बैंक नोट को नियमित रूप से जारी करने की बात कही गई थी. सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है."
सरकार ने साफ किया कि इस कदम का मतलब पेपर करेंसी का अंत नहीं है. पॉलीमर बैंकनोट मौजूदा कागजी नोटों के साथ-साथ चलन में लाए जाने का प्रस्ताव है, और कागजी बैंक नोटों को हटाकर उनकी जगह पॉलिमर मुद्रा लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा,
"कागज वाले बैंक नोटों की जगह पॉलिमर वाले बैंक नोट लाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है."
वैसे पॉलिमर नोटों का ट्रायल कब शुरू होगा, इसकी तारीख का ऐलान अभी नहीं किया गया है.
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प्लास्टिक नोट लाने की वजहप्लास्टिक वाले नोट छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं क्योंकि इनको बनाने के लिए एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलिमर सबस्ट्रेट का इस्तेमाल किया जाता है. ये नोट पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं हैं. ट्रायल के लिए आरबीआई की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने पॉलिमर सबस्ट्रेट शीट की सप्लाई के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है, जिसमें बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त तय की गई है. टेंडर प्रोसेस पूरा होने, कच्चा माल मिलने और छपाई के बाद ही यह नोट अलग-अलग चरण में बाजार में देखने को मिलेंगे. अगर ये ट्रायल सफल रहता है, तो आगे और भी नोट पॉलिमर में छापे जाएंगे.
प्लास्टिक के नोट कोई नई चीज नहीं हैं. दुनिया के 60 से ज्यादा देश इनका इस्तेमाल करते हैं. ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में चलन में मौजूद सभी या लगभग सभी बैंक नोट पॉलिमर वाले होते हैं, तो सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड जैसे कई देशों में कुछ करेंसी प्लास्टिक वाली होती है.
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