आपके मोबाइल में बैंक से दो मेसेज (SMS) आए हैं. एक ही टाइम पर दोनों एकदम एक जैसे और दोनों मैसेज में एक ही बात लिखी है. माने पैसे डेबिट होने या क्रेडिट होने की या फिर किसी और लेनदेन की. लेकिन इसमें से एक मैसेज असली है और एक नकली. नकली मतलब स्कैम वाला मैसेज जिसमें दी गई लिंक पर अगर आपने जानबूझकर क्लिक कर दिया तो फिर अकाउंट में कितना बैलेंस बचेगा, वो ठग की मर्जी पर. आप कहोगे, ठीक बात है. ऐसे मैसेज आते हैं. लेकिन आखिर पता कैसे चलेगा कि फलां मैसेज असली है और फलां नकली है. दो तरीके हैं.
बैंक के एक जैसे दो SMS आए, कौन असली है, कौन फर्जी? ऐसे करें मिनटों में पता
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नियम के अनुसार बल्क मैसेज भेजने वाले हर संस्थान, कंपनी, बैंक को Sender ID रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है. इसे हेडर रजिस्ट्रेशन कहते हैं. लेकिन ठग तो ठग हैं. ठगी के लिए नया तरीका निकाल लेते हैं. ऐसे में अगर एक जैसे दो मैसेज आ गए तो आप वो कीजिए जो हम बता रहे.

वैसे तो एसएमएस के Sender ID को ध्यान देने से देखने पर भी असली मैसेज का पता चलता है. Sender ID के Prefix, Middle और Suffix से SMS के source और category के बारे में जानकारी मिल सकती है. उदाहरण के लिए AD HDFCK T से अगर मैसेज आया तो यहां A का मतलब एयरटेल है. D मतलब दिल्ली सर्किल. HDFCK माने बैंक का नाम हुआ. T का मतलब Transactional यानी लेनदेन.
P माने Promotional. S बोले तो सर्विस और G माने Government. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नियम के अनुसार, बल्क मैसेज भेजने वाले हर संस्थान, कंपनी, बैंक को Sender ID रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है. इसे हेडर रजिस्ट्रेशन कहते हैं. लेकिन ठग तो ठग हैं. ठगी के लिए नया तरीका निकाल लेते हैं. ऐसे में अगर एक जैसे दो मैसेज आ गए तो आप वो कीजिए जो हम बता रहे.
एसएमएस का हेडर यानी AD HDFCK T टाइप करो या कॉपी करो और उसे 1909 पर भेज दो. अगर हेडर रजिस्टर हुआ तो मैसेज में पता चलेगा. अगर हेडर स्कैम वाला है तो मैसेज में लिखा होगा कि फलां संस्थान या कंपनी रजिस्टर नहीं है. बोले तो स्कैम चाचा आपको चूना लगाने आए हैं.
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हेडर की वेबसाइट देखोएसएमएस से बात नहीं बने तो फिर smsheader.trai.gov.in वेबसाइट का रुख कीजिए. यहां हेडर के साथ नंबर से आने वाले मैसेज मसलन 1600 को भी चेक करने का उत्तम प्रबंध किया गया है. पहली बार इधर आएंगे तो लॉगिन करना पड़ेगा. इस वेबसाइट पर फर्जी हेडर और नंबर्स की कुंडली बांचने का काम तसल्लीबख़्श तरीके से किया जाता है.

एक बात का ध्यान जरूर रखें. मैसेज चाहे असली हो या नकली. किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करना है. अगर कोई संदेह है तो बैंक की वेबसाइट या ऐप ओपन कीजिए.
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