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40 लाख के सोने के गहने बैंक में रखे-रखे हो गए नकली, बंद लॉकर में कैसे हुआ खेल?

गुजरात में 3 सिंतबर को पुलिस ने इंडियन बैंक के रणजीतसागर ब्रांच को बताया कि आपके लॉकर से करीब 40 लाख रुपये के सोने की ज्वेलरी चोरी हो गई है. जांच के लिए सुनार को बुलाया गया तो लॉकर में रखे हुए सोने के मंगलसूत्र, नेकलेस, अंगूठी, झुमके ओर पेंडेंट सब नकली निकले.

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गुजरात में इंडियन बैंक के लॉकर से 40 लाख रुपये का सोना चोरी हो गया. (फोटो-AI जनरेटेड)

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  • गुजरात के जामनगर जिले में 3 सितंबर को इंडियन बैंक के लॉकर से 40 लाख रुपये मूल्यों के सोने की ज्वैलरी चोरी पाई गई, जिसे नकली गहनों से बदल दिया गया था।
  • चोरी के पीछे बैंक में लंबे समय से कार्यरत चपरासी ने जब डिप्टी मैनेजर छुट्टी पर थे तब दोनों चाबियां एक ही व्यक्ति के पास होने का फायदा उठाकर असली गहने चोरी किए।
  • पुलिस ने चोरी किए गए सोने को बरामद कर चोरों को गिरफ्तार किया है और अन्य संभावित लॉकर चोरी की जांच प्रक्रिया जारी है।

मान लीजिए आपने गोल्ड लोन के लिए बैंक के लॉकर में सोना गिरवी रखा है. जांच में सोना अपनी जगह पर रखा मिला ज़रूर, मगर असली नहीं नकली. सोचिए कभी ऐसा हुआ तो आप क्या करेंगे? गुजरात में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. लेकिन पुलिस ने चोर को पकड़ लिया है और सोना वापस ले लिया है. लेकिन ये सब कुछ हुआ कैसे? डिटेल में बताते हैं.

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40 लाख का सोना चुराया 

कहानी गुजरात के जामनगर जिले की है. 3 सिंतबर को पुलिस ने इंडियन बैंक के रणजीतसागर ब्रांच को बताया कि आपके लॉकर से करीब 40 लाख के सोने की ज्वेलरी चोरी हो गई है. बैंक के अधिकारियों को यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा कुछ हो सकता है. हर लॉकर को खोलने के लिए दो चाबियों की ज़रूरत होती है, ये दोनों चाबियां दो अलग-अलग बैंक कर्मचारियों के पास होती हैं. 

इसके बाद उन्होंने लॉकर को खोलकर गहनों को जांच की, जांच के लिए सुनार को बुलाया गया तो मंगलसूत्र, नेकलेस, अंगूठी, झुमके ओर पेंडेंट सब नकली निकले. मतलब असली सोने के गहने सच में चोरी हो चुके थे. लॉकर में 342.10 ग्राम सोना रखा गया था, जिसकी कीमत 39.48 लाख रुपये है. असली गहनों को नकली गहनों से बदल दिया गया था और बैंक के अधिकारियों को ख़बर तक नहीं लगी.

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कैसे हुई चोरी?

अब बताते हैं कि चोरी हुई कैसे और चोर कैसे पकड़ा गया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले 27 अगस्त को बैंक के चपरासी हंसमुखभाई ने लॉकर से सोने के गहने उड़ाए. फिर उसे विजयभाई आळाभाई वगोरा को बेचने के लिए दिए. विजयभाई पहले भी चोरी का सोना बेचने का काम करता रहा है. 5 जिलों में उसके खिलाफ 7 FIR दर्ज हो चुकी हैं, पुलिस को खबर लग गई कि वो एक सुनार को बिना पेपर के सोना बेचने आने वाला है. 

पुलिस ने सोना बेचने पहुंचे विजयभाई आळाभाई वगोरा को वहीं पकड़ लिया. पूछताछ हुई तो उसने बैंक से सोने के गहने चोरी करने की बात कबूल कर ली. दिलचस्प बात है कि पुलिस ने जितना सोना चोरी हुआ था उससे भी 3-4 ग्राम ज्यादा सोना बरामद किया है.

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पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस से जानकारी मिलने के बाद बैंक मैनेजर हेमराज ने FIR दर्ज कराई. FIR में लिखा है कि प्यून हसमुख दिनेशभाई पारिया ने 27 तारीख को सुबह 10 से शाम 6 बजे के बीच चोरी को अंजाम दिया और असली की जगह नकली गहने रखे.  

रिपोर्ट के मुताबिक, एक चाबी बैंक मैनेजर के पास थी और दूसरी उनके डिप्टी बैंक मैनेजर के पास. डिप्टी बैंक मैनेजर छुट्टी पर थे, इसलिए उस दिन दोनों चाबियां बैंक मैनेजर के पास थीं. लंबे समय से बैंक में चपरासी रहने की वजह से हसमुख को ये बात पता थी और उसने इसका फायदा उठाया, पहले उसने चाबी चोरी की और फिर लॉकर में रखा सोना. 

अब पुलिस तीसरे आरोपी रमेश पारिया को तलाश कर रही है और अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं बैंक के दूसरे लॉकर से तो सोने के गहने चोरी तो नहीं हुए?  

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