सरकार तो अभी ऐप बना ही रही है मगर कुछ धुरंधर लोगों ने इसी नाम का ऐप बना भी डाला और गूगल प्ले स्टोर पर चढ़ा भी दिया. कुछ ऐप्स बस कोरोना से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं तो कुछ रजिस्ट्रेशन के नाम पर यूजर का डेटा भी ले रहे हैं. इस डेटा का बहुत तरीके से गलत इस्तेमाल हो सकता है. और जो ऐप्स बस कोरोना से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं तो वो बस आपके जरिए पैसे कमा रहे हैं.

गूगल प्ले स्टोर पर पड़ा हुआ नकली Co-WIN ऐप.
आप इतना ध्यान रखिए कि अभी सरकारी ऐप किसी भी प्लैट्फॉर्म पर मौजूद नहीं है. जब आएगा तो डेवलपर के नाम के आगे शायद NIC eGov Mobile Apps लिखा हुआ मिले. वही नाम जो आरोग्य सेतु ऐप के नीचे लिखा होता है. असली Co-WIN ऐप का क्या स्टटेस है? अभी Co-WIN ऐप का सिर्फ़ वेब वर्ज़न मौजूद है, यानी कि एक वेबसाइट खोलकर ऐप के फंक्शन चलेंगे. इधर भी ऐसा नहीं है कि कोई भी मुंह उठाकर रजिस्ट्रेशन कर ले. Co-WIN का इस्तेमाल अभी सिर्फ़ पहले चरण के टीकाकरण के लिए हो रहा है. और इस फेज़ में सिर्फ़ फ्रन्ट लाइन वर्कर शामिल हैं-- मतलब कि अस्पताल का स्टाफ वग़ैरह. Co-WIN की वेबसाइट और वेब ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने का ऑप्शन सिर्फ़ इन्हीं चुनिंदा लोगों के खुला है. बाकी लोगों को सिर्फ़ लॉगिन करने का ही ऑप्शन दिखेगा.

असली Co-WIN ऐप का डैश्बोर्ड.
नई जानकारी के मुताबिक हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा है कि हेल्थकेयर वर्कर और फ्रन्ट लाइन वर्कर को ऐप पर रजिस्टर करने की जरूरत नहीं है, उनका डेटा Co-WIN पर डाला जा चुका है. कोरोना की वैक्सीन आपको कब मिलेगी? दूसरे चरण का टीकाकरण भी हेल्थ वर्कर के लिए ही होगा, उसके बाद 50 साल से ज्यादा की उम्र वाले लोगों को वैक्सीन मिलेगी और फिर कहीं जाकर रजिस्ट्रेशन बाकी नागरिकों के लिए खुलेगा.
यूनियन हेल्थ मिनिस्टर हर्ष वर्धन ने कहा है कि जब फ्रन्ट लाइन वर्कर को वैक्सीन मिल जाएगी उसके बाद लोग Co-WIN ऐप का इस्तेमाल करके वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करा पाएंगे. हर्ष वर्धन ने ये तो बताया है कि हेल्थ वर्कर के लिए कोरोना की वैक्सीन फ़्री होगी मगर बाकी जनता को पैसा देना होगा या नहीं, ये बात क्लियर नहीं है.
तो फिलहाल अभी न Co-WIN ऐप गूगल प्ले स्टोर पर है और न ही ऐपल ऐप स्टोर पर. जब ऐप आएगा, सरकार खुद इसकी जानकारी देगी. तब के लिए ऐसे किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से बचिए. मास्क पहनिए और सोशल डिस्टेंन्सिंग चालू रखिए.





















