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फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने लूट लिया Apple स्टोर, चोरी हुए iPhone और Macbook का क्या होगा?

ऐप्पल स्टोर से अगर कोई मैकबुक या फोन चुरा ले तो क्या होता है? आपको बता दें कि वैसे तो इन स्टोर में सिक्योरिटी काफी सख्त होती है लेकिन फिर भी अगर कोई चोरी करे तो उसकी खैर नहीं! जानें डिटेल में कि ऐसे गैजेट्स का क्या होता है.

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Apple Store से चोरी होने वाले iPhone महज एक पेपरवेट बन जाते हैं (तस्वीर: एआई)

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  • पेरिस में हुई गर्दिश के दौरान Apple और Louis Vuitton के स्टोरों को लूटा गया और सरकारी इमारतों तथा निजी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।
  • ऐप्पल स्टोर से चोरी किए गए आईफोन और मैकबुक में डेमो सॉफ्टवेयर एवं जियो-फेंसिंग तकनीक लगी होती है, जिससे वे चोरी होने पर तुरंत निष्क्रिय हो जाते हैं।
  • ऐप्पल की सुरक्षा प्रणाली के कारण चोरी हुए डिवाइस पुनः सक्रिय नहीं किए जा सकते, जिससे वे उपयोग या स्पेयर पार्ट्स के लिए भी अनुपयोगी हो जाते हैं।

पेरिस जल रहा है. फ्रांस की राजधानी में कहीं गाड़ियां जलाई गईं, कहीं दुकानें लूटी गईं और कहीं सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया. Louis Vuitton और Apple जैसे ब्रांड के शोरूम लूटे गए. ऐसे में एक सवाल दिमाग में कौंधा. क्या Apple Store से चुराए गए डिवाइस इस्तेमाल के लायक होते भी है या नहीं? इत्ती बड़ी टेक कंपनी क्या अपने प्रोडक्टस के लिए कोई सेफ्टी सिस्टम नहीं लगाती. खोजबीन करने पर काफी कुछ दिलचस्प पता चला. 

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चोरी का माल किसी काम का नहीं

ऐप्पल स्टोर (Apple Store) से चोरी किए गए आईफोन और मैकबुक आम तौर पर पूरी तरह से बेकार होते हैं. डिस्प्ले से चोरी किए गए डिवाइस एक पेपरवेट या ईंट से ज्यादा कुछ नहीं है. ऐप्पल के पास चोरी हुए या स्टोर के डिस्प्ले मॉडल को ब्लॉक करने के लिए बहुत सालिड सिक्योरिटी सिस्टम होता है. स्टोर में रखे जाने वाले फोन और मैकबुक आम तौर पर सामान्य रिटेल यूनिट नहीं होते है. उनमें एक विशेष डेमो सॉफ्टवेयर (Demo Software) और प्रोफाइल इंस्टॉल होती हैं.

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डिस्प्ले में लगे डिवाइस में डेमो सॉफ्टवेयर (Demo Software) और प्रोफाइल इंस्टॉल होती हैं 

जैसे ही ये डिवाइस स्टोर के वाई-फाई या जियो-फेंसिंग (Geofencing) के दायरे से बाहर जाते हैं या स्टोर के नेटवर्क से संपर्क टूटता है, इनमें लगा सिक्योरिटी सिस्टम एक्टिव हो जाता है. जियो-फेंसिंग मतलब एक निश्चित परिधि में डिवाइस इस्तेमाल हो सकता है. स्टोर से चोरी हुए डिवाइस को ट्रैक किया जा सकता है. ऐप्पल इन्हें रिमोटली पूरी तरह से निष्क्रिय (Deactivate) कर सकता है. ऐप्पल के पास पूरा फुल प्रूफ सिस्टम है. जैसे ही कोई डिवाइस स्टोर से बिना बिल या अथॉराइज तरीके के बाहर जाता है, उसे सेंट्रल सर्वर के जरिए तुरंत ब्लॉक (Lock) कर दिया जाता है.

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Activation Lock की चाबी नहीं होती

आईफोन और मैकबुक में Activation Lock होता है. बिना अधिकृत ऐप्पल आईडी और पासवर्ड के इन्हें रीसेट या दोबारा सेटअप नहीं किया जा सकता. कहने का मतलब है कि अगर कोई इन फोन को चोरी कर भी ले, तो उसमें मौजूद iCloud अकाउंट से लॉगआउट नहीं किया जा सकता. चलो कोई बात नहीं. इस्तेमाल के काम नहीं आएगा तो उसके स्पेयर पार्ट्स जैसे स्क्रीन, बैटरी या कैमरे तो काम आएंगे. नहीं ऐसा भी संभव नहीं क्योंकि मॉडर्न ऐप्पल डिवाइसेस के पार्ट्स भी मदरबोर्ड से लॉक होते हैं, जिससे पार्ट्स बदलना भी आसान नहीं होता. 

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आईफोन और मैकबुक में Activation Lock होता है

माने जो एक चोरी हुए आईफोन की बैटरी अगर दूसरे फोन में लगाई गई तो वो सपोर्ट ही नहीं करेगा. कुल सारांश यही है कि ऐप्पल स्टोर से चोरी हुए डिवाइस किसी काम के नहीं.

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