रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लोन रिकवरी से जुड़े नियमों को और कड़ा (RBI issues stricter loan recovery rules phone lock) कर दिया है. नए नियमों के तहत बैंकों को लोन रिकवरी के लिए एक विस्तृत नीति तैयार करनी होगी. इसमें यह तय होगा कि किन परिस्थितियों में रिकवरी प्रक्रिया शुरू होगी, आर्थिक परेशानी झेल रहे ग्राहकों से कैसे संपर्क किया जाएगा, रिकवरी एजेंसियों की नियुक्ति किस प्रक्रिया से होगी और उनकी निगरानी कैसे की जाएगी. रिज़र्व बैंक ने गुरुवार, 8 जुलाई को कहा कि बैंक पर्सनल, कार या होम लोन की वसूली के लिए डिफ़ॉल्ट करने वाले कस्टमर के मोबाइल फोन और लैपटॉप को डिसेबल (बंद) नहीं कर सकते.
EMI नहीं भरी तो तुरंत बंद नहीं होगा फोन, RBI ने बताया कितने दिन में लगेगा लॉक
RBI ने कहा है कि बैंक के अधिकारी फोन, कार, होम और पर्सनल लोन की EMI न दे पाने वाले कस्टमर के मोबाइल फोन और लैपटॉप को डिसेबल (बंद) नहीं कर सकते. मोबाइल फोन बंद होगा लेकिन आरबीआई के नए गाइडलाइन के तहत.

आरबीआई के सर्कुलर के मुताबिक अगर किसी ग्राहक ने मोबाइल फोन खरीदने के लिए लोन लिया है, तभी बैंक उस डिवाइस पर तकनीकी प्रतिबंध लगा सकता है. माने आपके किसी दूसरे लोन यानी कार या होम लोन के लिए फोन बंद नहीं किया जा सकता है. फोन ऑन लोन के केस में भी ब्लॉक करने का प्रोसेस तभी स्टार्ट होगा, जब लोन की किस्त 30 दिन से अधिक समय तक बकाया हो. नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे.
फोन की रिकवरी पर क्या है नियम?भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कहा है कि जिन खास मामलों में बैंकों को लोन वसूली की प्रक्रिया के तहत डिवाइस को बंद करने की इजाज़त है, वहां उन्हें शुरुआत से ही ऐसा करने के बजाय धीरे-धीरे आगे बढ़ने का तरीका अपनाना चाहिए. पूरी तरह से डिवाइस को ब्लॉक करने की अनुमति 60 दिन बाद ही होगी. हालांकि, ऐसा करने पर भी इनकमिंग कॉल, एसएमएस, आपातकालीन SOS सुविधा और नौकरी से जुड़े जरूरी फीचर बंद नहीं किए जा सकेंगे. लोन चुकाने के 1 घंटे के भीतर बैंक को मोबाइल का लॉक हटाना होगा. देरी होने पर ग्राहक को 250 रुपये प्रति घंटे का मुआवजा मिलेगा. हालांकि, यह राशि संबंधित लोन की कुल रकम से अधिक नहीं होगी. बैंक आपके कॉल लॉग, मैसेज या फोटो को एक्सेस नहीं कर पाएंगे.
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि ये सारे नियम रिजर्व बैंक के उस प्रपोजल का हिस्सा हैं जो इसी साल मई के महीने में दिया गया था. आरबीआई को शिकायतें मिल रही थीं कि कई सारे लोन वाले फोन को पूरी तरह ब्लॉक किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर उत्पीड़न की शिकायतें आ रही थीं. इसके बाद लोन वाले फोन की रिकवरी के लिए नया फ्रेमवर्क बनाने की बात हुई थी.
ये भी पढ़ें: लोन पर लिया फोन EMI न देने पर ब्लॉक नहीं होगा, पर ये फीचर्स पक्का गायब हो जाएंगे!
अब बैंक के रिकवरी एजेंट सीधे मुंह उठाकर ग्राहक के घर नहीं धमक पाएंगे. पहली मीटिंग से कम से कम एक दिन पहले ग्राहक को इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा. एजेंट केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही ग्राहक से संपर्क कर सकेंगे, जब तक कि ग्राहक स्वयं किसी अन्य समय मिलने की अनुमति न दे. बैंक अगर रिकवरी एजेंसी बदलता है या उसकी सेवाएं समाप्त करता है, तो इसकी सूचना भी संबंधित ग्राहक को देनी होगी. बैंक को अपनी वेबसाइट पर अधिकृत रिकवरी एजेंसियों की लिस्ट भी उपलब्ध करानी होगी.
सोशल मीडिया पर ग्राहक की जानकारी साझा करना, रिश्तेदारों, दोस्तों या सहकर्मियों को डराना-धमकाना भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. रिकवरी एजेंट किसी भी ग्राहक के साथ गाली-गलौज, धमकी, बार-बार फोन करना, पहचान छिपाकर कॉल करना या सार्वजनिक रूप से अपमानित करने जैसी हरकत नहीं कर सकेंगे. यह नियम देश के सभी कमर्शियल बैंकों पर लागू होंगे. स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) और लोकल एरिया बैंक फिलहाल इसके दायरे में नहीं आएंगे.
वीडियो: सैमसंग, आईफ़ोन अब नो कॉस्ट EMI पर नहीं मिलेंगे?










