Apple Pay फाइनली इंडिया में भी आ गया है. अब आप अपने आईफोन में डेबिट या क्रेडिट कार्ड सेव करके POS मशीन पर टच करके पेमेंट कर सकते हैं. अपने लॉन्च के 12 साल बाद ऐप्पल का टच एण्ड पे सिस्टम अब इंडिया में भी चलेगा. लेकिन अगर इतना पढ़ते ही आप अपना आईफोन निकालकर कार्ड डिटेल्स सेव करने जा रहे तो जरा रुकिए. ठहरिए तो जरा. जान तो लीजिए कि ये किस कार्ड के साथ काम करेगा. कहां काम करेगा. क्या यूपीआई भी सपोर्ट करेगा.
Apple Pay अब इंडिया में भी चलेगा, टच करने से होगा पेमेंट मगर...
Apple को लेकर अगर इतना पढ़ते ही आप अपना आईफोन निकालकर कार्ड डिटेल्स सेव करने जा रहे हैं, तो जरा ठहरिये. पहले ये जान लीजिए कि किस कार्ड के साथ ये व्यवस्था काम करेगी. कहां काम करेगी. इस बारे में सब कुछ.

Apple पे क्रेडिट और डेबिट कार्ड बेस्ड पेमेंट सिस्टम है, जिसमें कार्ड को बटुए से निकाले बिना भुगतान किया जा सकता है. यूजर को अपने आईफोन में डेबिट या क्रेडिट कार्ड का डिटेल भरना होता है. इसके बाद फोन को POS मशीन पर टच करते ही भुगतान हो जाता है. ये एक कॉन्टेक्टलेस पेमेंट तकनीक है जो आपके कार्ड के साथ पहले से काम कर रही. POS मशीन मतलब पॉईंट ऑफ सेल्स वाली मशीन. ये मशीन आपने दुकानों से लेकर मॉल और सिनेमाघरों में देखी होगी, जिसमें कार्ड को टच करके या इन्सर्ट करके भुगतान होता है.
इसे NFC (Near Field) कहते हैं. Apple Pay को Apple Watch से भी कनेक्ट किया जा सकता है. इस पेमेंट सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी ये है कि आईफोन बंद होने पर भी पेमेंट हो जाता है. बताने की जरूरत नहीं कि Apple पे सिर्फ आईफोन में ही चलेगा. ऐसा ही पेमेंट सिस्टम सैमसंग के डिवाइस में भी होता है.
हाल-फिलहाल तो ऐप्पल पे से भुगतान करने के लिए आपके पास ऐक्सिस बैंक का डेबिट या क्रेडिट कार्ड होना चाहिए, वो भी Visa या Mastercard. बाकी बैंक को अभी सपोर्ट नहीं है. देसी RuPay कार्ड और UPI को भूल ही जाइए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही HDFC और ICICI और एसबीआई के कार्ड को भी सपोर्ट मिलेगा. ऐप्पल पे सेट करने के लिए आपको फोन के wallet ऐप में जाना होगा. एक बात का ध्यान रहे, आपका ऐप्पल अकाउंट इंडिया सेट होना चाहिए. Settings > General > Language & Region में जाकर देख लीजिए. कार्ड के डिटेल्स डालने के बाद आपको बैंक ऐप या एसएमएस पर आई ओटीपी से इसको एक बार वेरीफाई भी करना होगा.

रेगुलेशन का चक्कर बाबू भईया. Apple पे बहुत ही सेफ पेमेंट सिस्टम है. ‘तुमने कछु करो नईया और हमने कछु देखो नईया’ टाइप. लेन-देन की जानकारी सिर्फ दो पार्टियों को होती है. Apple को भी कुछ पता नहीं होता. डेटा लोकलाइजेशन और आरबीआई (RBI) के नियम यहां आड़े आ गए. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, भारत में होने वाले सभी डिजिटल भुगतानों का डेटा (Data Localization) भारत के ही सर्वरों पर स्टोर होना अनिवार्य है. Apple को इससे दिक्कत थी. अब शायद उसने हामी भरी होगी या फिर कोई दूसरा रास्ता निकाला होगा.
Apple अपनी भुगतान सेवा के लिए बैंकों से हर ट्रांजेक्शन पर तय हिस्सा (कमीशन) मांगता है. Apple भारत के बड़े कार्ड जारीकर्ता बैंकों (जैसे HDFC, ICICI, SBI) से प्रति ट्रांजेक्शन लगभग 0.15% से 0.20% (15-20 basis points) कमीशन की मांग कर रहा है, जबकि भारतीय बैंक कम शुल्क देने पर अड़े हुए हैं. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक 10 पॉइंट पर मामला सुलटा है.
भारत का डिजिटल पेमेंट ढांचा पूरी तरह से UPI (Unified Payments Interface) पर आधारित है, जो QR कोड के जरिए आसानी से काम करता है. एक क्यूआर कोड मिला और काम हो गया. जबकि NFC चिप पर Apple का कड़ा नियंत्रण है. iPhones में मौजूद NFC चिप का एक्सेस किसी अन्य तीसरे पक्ष के पेमेंट ऐप (जैसे PhonePe या Google Pay) को Tap to Pay के लिए नहीं देता है. इस वजह से भी भारतीय बैंक और वॉलेट कंपनियां अपनी Tap-and-Pay सेवाएं iPhones पर आसानी से रोल-आउट नहीं कर पा रही थीं.
भारतीय नियमों (NPCI/RBI) के तहत भुगतान पूरा करने के लिए PIN या OTP (Two-Factor Authentication) अनिवार्य है. वहीं Apple पे केवल Face ID/Touch ID (बायोमेट्रिक) से सीधे Tap-and-Pay कराने की सुविधा देता है. हालांकि, आरबीआई ने हाल ही में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से जुड़े दिशानिर्देशों में ढील दी है, जिससे Apple का रास्ता आसान हुआ है.
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