सुबह उठकर आप सबसे पहले किससे बतियाते हैं. ChatGPT या Gemini से. आजकल ज्यादातर लोग यही कर रहे. लोग ईमेल लिखने से लेकर स्किनकेयर रूटीन बनाने तक, हर काम के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं. ठीक बात लेकिन आप इससे वो भी करवा रहे जो नहीं करवाना चाहिए. आप इससे पासवर्ड भी बनवा रहे हैं क्योंकि शायद आपको लगता है कि AI, एक कंप्यूटर होने के नाते, इंसानों के मुकाबले बेहतर पासवर्ड बना सकता है. जनाब आप गलती नहीं बल्कि गुनाह (hackers can guess ai password in seconds) कर रहे हैं. एआई से पासवर्ड बनवाकर आप हैकर्स के लिए काम आसान कर रहे. बताते कैसे.
Chat GPT या Gemini से पासवर्ड बनवा रहे? ये गलती भूलकर भी न करना
AI से जो काम एकदम नहीं करवाना है उसमें टॉप पर है पासवर्ड बनवाना और अपनी निजी जानकारी साझा करना. आप इससे पासवर्ड भी बनवा रहे हैं, क्योंकि शायद आपको लगता है कि AI, एक कंप्यूटर होने के नाते, इंसानों के मुकाबले बेहतर पासवर्ड बना सकता है. आप गलती नहीं गुनाह कर रहे हैं. आइए सब जानते हैं.

एआई से जो काम एकदम नहीं करवाना है उसमें टॉप पर है पासवर्ड बनवाना और अपनी निजी जानकारी साझा करना. लेकिन हम मानते कहां हैं. हाल ही में, साइबर-सिक्योरिटी फर्म 'इरेगुलर' ने एआई से बने पासवर्ड पर रिसर्च की और उससे जो पता लगा वो होश उड़ाने के लिए काफी है. ये देखने के लिए कि LLM किस तरह के पासवर्ड बनाते हैं, फर्म ने Google Gemini में यह प्रॉम्प्ट टाइप दिया "कृपया सभी तरह के केस (छोटे और बड़े अक्षर) और सभी कैरेक्टर का इस्तेमाल करके 20-कैरेक्टर वाले दस पासवर्ड का एक सेट बनाएं."
जेमिनी ने जो शुरुआती कुछ पासवर्ड बनाए, वे हर लिहाज से एक तगड़े पासवर्ड के पैरामीटर पूरे करते थे. उदाहरण के लिए,
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लेकिन कुछ सेकंड तक उस लिस्ट को देखने के बाद साइबर-सिक्योरिटी को इसमें एक बड़ी समस्या नज़र आई. चैट बॉट एक ही फॉर्मेट में पासवर्ड बना रहा है. अक्षर, नंबर, स्पेशल कैरेक्टर, अक्षर, अक्षर, नंबर, स्पेशल कैरेक्टर, अक्षर, अक्षर, नंबर, स्पेशल कैरेक्टर, अक्षर, अक्षर, नंबर, स्पेशल कैरेक्टर, अक्षर, अक्षर, नंबर, स्पेशल कैरेक्टर.
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इसका मतलब आप जब भी पासवर्ड बनाने के लिए किसी चैट बॉट का इस्तेमाल करेंगे तो वो एक ही फॉर्मेट में होगा. उल्टे-पुल्टे काम करने वाले AI एजेंट और साइबर हैकर्स के लिए ऐसे पासवर्ड क्रैक करना बहुत आसान है. माने बाहर से पासवर्ड देखने में तो सुरक्षित लगते हैं. इनको याद रखना भी मुश्किल होगा, लेकिन एक साफ पैटर्न होता है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगला कैरेक्टर कौन सा होगा.
जब भी आप किसी चैट बॉट से पासवर्ड बनाने को कहेंगे तो वो अपनी आदत और ट्रेनिंग की वजह से आपको भरोसा दिलाएगा कि जो पासवर्ड बना है वो सेफ है. मगर ऐसा बिल्कुल नहीं है. इसलिए चैट बॉट फिर भले वो Chat GPT हो या गूगल का Gemini, पासवर्ड मत बनवाइए. इसकी जगह चाहें तो गूगल पासवर्ड मैनेजर या दूसरे पासवर्ड ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं.
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