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335 गोलियां, सामने इजरायली टैंक और कार में फंसी 5 साल की हिंद रजब... क्या हुआ था उस दिन?

Gaza में परिवार के साथ कार से भाग रही 5 साल की Hind Rajab घंटों तक मदद मांगती रही. बाद में उसकी और उसके परिवार की मौत हो गई. एक जांच में Israeli Tanks की मौजूदगी और सैकड़ों राउंड फायरिंग के दावे सामने आए.

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हिंद रजब की मौत इजरायली हमले में हुई थी (PHOTO- PTI)

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  • 5 साल की बच्ची हिंद रजब गाजा में इजरायली सेना की गोलीबारी में मारी गई, जब वह अपने परिवार के साथ कार में शहर से भाग रही थी।
  • हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला किया था, जिसके बाद इजरायल ने गाजा पर बमबारी शुरू की, जो इस हिंसा का कारण बनी।
  • जांच में पाया गया कि इजरायली टैंक ने हिंद की कार पर 335 राउंड फायर किए और बचाव में आई एम्बुलेंस पर भी गोलाबारी हुई, जिससे यह घटना गंभीर भूमिकाएं रखती है।

दुनिया के किसी भी हिस्से में जंग हो, सबसे अधिक नुकसान किसका होता है? कोई कहता है इकोनॉमी का, कोई कहेगा सैनिकों, उनके परिवारों का. लेकिन जब जंग मैदानों या खुले इलाकों से निकल कर शहरों में आ जाती है, तब इसके सबसे बड़े शिकार होते हैं बच्चे. वो मासूम बच्चे जिन्हें अलग-अलग सैनिकों के बीच की वर्दी का फर्क तक पता नहीं होता. उनके मन में इतनी दहशत भर जाती है कि हाथ में बंदूक लिए हर शख्स से उन्हें डर लगता है. ऐसी ही एक कहानी है हिंद रजब नाम की एक 5 साल की बच्ची की. 

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हिंद, जंग से तबाह हो चुके गाजा में रहती थी. बाकी बच्चों की तरह ही उसके भी सपने भी थे. लेकिन 7 अक्टूबर 2023 से सबकुछ बदल गया. हमास ने इजरायल पर हमला किया. 1 हजार से अधिक इजरायली मारे गए. सैकड़ों को बंदी बना लिया गया. इसके बाद इजरायल ने गाजा पर बम बरसाने शुरू किए.

कैसे गई थी हिंद की जान?

इस बमबारी से बचने की कोशिश में हिंद की जान चली गई. 29 जनवरी 2024 को, हिंद रजब अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ कार में गाजा शहर से भाग रही थी. कार पर इजरायली सेना ने गोलीबारी कर दी. कार में सवार चार लोगों की मौत हो गई. गोलीबारी के शुरुआती दौर में सिर्फ हिंद और उसकी 15 साल की कजिन, लयान हमदा ही बच पाईं.

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घंटों तक, लयान और हिंद ने फ़िलिस्तीनी रेड क्रिसेंट के डिस्पैचर से मदद की गुहार लगाई. उन्होंने बताया कि एक टैंक उनकी तरफ आ रहा है और कॉल कटने से पहले कहा कि उन्हें अंधेरे से डर लग रहा है. उन्हें बचाने के लिए भेजे गए दो पैरामेडिक्स भी मारे गए. बारह दिन बाद, बचाव कर्मियों ने मलबे से उन सभी सात लोगों के शव बरामद किए.

हालांकि इससे पहले IDF ने बार-बार कहा था कि हिंद की हत्या के समय उसका कोई भी सैनिक उस इलाके में मौजूद नहीं था. इस दावे पर जल्दी ही सवाल उठने लगे. बाद में IDF ने बताया कि उसने गाजा शहर के इलाकों में आतंकी ठिकानों पर रेड की थी. इनमें तेल अल-हवा भी शामिल है, जहां हिंद मौजूद थी.

रिपोर्ट में खुलासा, इजरायली टैंकों ने दागे थे गोले

पहले तो इजरायली सेना ने इस बाद को नकार दिया. फिर कतर की समाचार एजेंसी अल जजीरा ने इसकी जांच शुरू की. इस जांच में हिंद रजब फाउंडेशन और रिसर्च ग्रुप 'फोरेंसिक आर्किटेक्चर' भी शामिल थे. जांच में सैटेलाइट तस्वीरों और ऑडियो एनालिसिस का इस्तेमाल करके इजरायल के मर्कावा टैंकों की मौजूदगी का पता लगाया गया. ये टैंक उस गाड़ी से बस कुछ ही मीटर की दूरी पर थे. जांच में दोनों तरफ से गोलीबारी का कोई सबूत नहीं मिला. गोलीबारी सिर्फ इजरायली पक्ष से हुई थी.

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जांच के दौरान, फोरेंसिक आर्किटेक्चर ने पाया कि एक इजरायली टैंक ने हिंद रजब की कार पर 335 राउंड फायर किए थे. फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी के पैरामेडिक्स, यूसुफ अल-जेइनो और अहमद अल-मधुन को ले जा रही एम्बुलेंस पूरी तरह से नष्ट हो गई थी. बहुत मुमकिन है कि यह इजरायली टैंक के गोले से हुआ हो.

(यह भी पढ़ें: फिलिस्तीनी बच्ची हिंद रजब की मौत की कहानी, जिस पर बनी फिल्म भारत में रिलीज नहीं हुई)

वहीं कैंपेन ग्रुप 'अवाज' (Avaaz) ने भी इस मामले पर एनालिसिस की. एनालिसिस से पता चला कि परिवार पर गोलीबारी और उन्हें बचाने के लिए भेजी गई एम्बुलेंस पर गोलाबारी के बीच लगभग तीन घंटे का समय बीता था. इससे यह संकेत मिलता है कि कमांडरों के पास यह जानने का समय था कि जमीन पर असल में क्या हो रहा है.

वीडियो: 6 साल की हिंद रजब की रूह कंपा देने वाली क्या कहानी है?

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