iPhone की अपनी तमाम खूबीयां हैं. गिनाने बैठे तो गिनती पूरी होते iPhone 18 भी लॉन्च हो जाएगा. लेकिन इन सारी खूबियों के बीच एक बड़ी कमी भी है. फोन बहुत गर्म होता है. गाड़ी के डैशबोर्ड और गर्मी के मौसम को छोड़िए, आईफोन कई बार एसी वाले कमरे में भी गर्म होकर बंद हो जाता है. अब आम यूजर को तो ये गर्मी सहना पड़ती है मगर हरियाणा के एक वकील साब को ये गर्मी (Apple India to refund Rs 45,500) एकदम पसंद नहीं आई. आईफोन 15 की गर्मी शांत करने पहले वो कंपनी के सर्विस सेंटर गए और फिर कंज्यूमर कमीशन. इसके बाद,
iPhone 15 ने हरियाणा के वकील को गर्मी दिखाई, कोर्ट ने मुआवजे से गर्मी शांत कर दी
रोहतक जिला उपभोक्ता आयोग ने Apple India को वकील साब को 45,500 रुपये वापस (Apple India to refund Rs 45,500) करने का आदेश दिया है. आयोग ने पाया कि कंपनी iPhone 15 में बार-बार आ रही दिक्कतों से जुड़े विवाद में 'अनधिकृत बदलाव' (unauthorised modification) के अपने दावे को साबित नहीं कर पाई.

रोहतक जिला उपभोक्ता आयोग ने Apple India को वकील साब को 45,500 रुपये वापस करने का आदेश दिया है. आयोग ने पाया कि कंपनी iPhone 15 में बार-बार आ रही दिक्कतों से जुड़े विवाद में 'अनधिकृत बदलाव' (unauthorised modification) के अपने दावे को साबित नहीं कर पाई.
iPhone 15 ज्यादा गर्म होवे हैएनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायतकर्ता राजबीर फोगाट ने जनवरी 2024 में 64,999 रुपये में iPhone 15 खरीदा था. उन्होंने आरोप लगाया कि डिवाइस में शुरू से ही समस्याएं आ रही थीं, जिनमें ओवरहीटिंग, ब्लूटूथ की दिक्कतें और नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्याएं शामिल थीं. फोगट ने बताया कि वे कई बार Apple के अधिकृत सर्विस सेंटर गए, डिवाइस अपडेट किया, iCloud स्टोरेज भी खरीदा और सर्विस स्टाफ़ की सलाह पर अपना मोबाइल नेटवर्क Jio से Airtel पर बदल डाला. लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात. पेशे से वकील फोगाट ने तंग आकर उपभोक्ता आयोग का रुख किया.

ऐप्पल ने शिकायत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि उसकी वारंटी में अनधिकृत बदलाव शामिल नहीं हैं. कंपनी ने सर्विस रिकॉर्ड का हवाला दिया, जिनमें बटनों में धूल, संभवत, अनधिकृत रियर कैमरा लेंस और बैक ग्लास, तथा अन्य नुकसान का जिक्र था. कहने का मतलब कि डिवाइस में कुछ पार्ट्स बाहर से बदले गए, ऐसा लगता है.
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हालांकि, कमीशन ने पाया कि Apple ने कथित बदलावों को साबित करने के लिए कोई अलग से टेक्निकल प्रूफ या एक्सपर्ट रिपोर्ट नहीं दी थी. कमीशन ने कहा कि सर्विस जॉब शीट में लिखी गई कोई अंदरूनी टिप्पणी, वारंटी को रद्द करने या उससे बाहर रखने के लिए काफी नहीं है.
कमीशन ने 7 अगस्त के अपने फैसले में Apple को 45,500 वापस करने का आदेश दिया है. इस रकम पर जून 2024 से भुगतान होने तक 9 फीसदी सालाना ब्याज लगेगा. हालांकि, कमीशन ने खरीद की पूरी कीमत देने के बजाय, असल कीमत पर 30 फीसदी डेप्रिसिएशन (मूल्य में कमी) की कटौती की. कंपनी को मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए 5,000 रुपये और मुकदमे के खर्च के तौर पर 5,000 रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया. फोगाट को निर्देश दिया गया है कि रिफंड मिलने पर डिवाइस Apple को सौंप दें.
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