AI ने वो काम कर दिखाया है जिसके लिए वो वाकई बना है. माने इंसान की हेल्प करने के लिए. अगड़म-बगड़म फोटो बनाने और इंडिया-पाकिस्तान के फर्जी मैच क्लिप से इतर AI चैटबॉट ने अदालत में इंसानी वकील को हराकर केस जीत लिया है.
HR कंसल्टेंट ने AI चैटबॉट को वकील रखा, कोर्ट से लाखों का बकाया दिलवाया, असली वकील देखता रह गया
गारफील्ड एआई ने तामीरेस कमाल ताकीदिर (Tamires Camal Taquidir) नाम की एक फ्रीलांस एचआर का केस लड़ा. ताकिदिर ने बकाया फ़ीस को लेकर एक हॉस्पिटैलिटी बिज़नेस पर मुकदमा किया था. ब्रिटेन में कानूनी लड़ाई लड़ने का मतलब है भारी-भरकम फीस. लेकिन गारफील्ड ने यह काम 400 पाउंड यानी लगभग 50 हजार रुपये में कर दिया.


ब्रिटेन में हुई सुनवाई में 'गारफील्ड एआई' (Garfield AI) नाम के लीगल चैटबॉट ने ना सिर्फ केस के कागज-पत्री तैयार किए, बल्कि कोर्ट में जाकर बहस भी की. तीन घंटे की बहस के बाद एआई चैटबॉट ने अदालत में असली वकील को हराकर लगभग 7,000 पाउंड (8.79 लाख रुपये) का केस जीत लिया.
लाखों का काम हजारों में निपटा दियारिपोर्ट के अनुसार, गारफील्ड एआई ने तामीरेस कमाल ताकीदिर (Tamires Camal Taquidir) नाम की एक फ्रीलांस एचआर का केस लड़ा. ताकीदिर ने बकाया फ़ीस को लेकर एक हॉस्पिटैलिटी बिज़नेस पर मुकदमा किया था. ब्रिटेन में कानूनी लड़ाई लड़ने का मतलब है भारी-भरकम फीस. लेकिन गारफील्ड अईया (इंसान होता तो भईया लिखते) ने यह काम महज 400 पाउंड यानी लगभग 50 हजार रुपये में कर दिया.
गारफ़ील्ड को पिछले साल अप्रैल में ब्रिटेन की सॉलिसिटर्स रेगुलेशन अथॉरिटी (SRA) से मंज़ूरी मिली थी. इसके बाद उसी ने ये केस तैयार किया. AI ने ट्रायल से पहले का सारा कानूनी काम किया, जिसमें चार गवाहों के बयान और कई सारे दस्तावेज़ शामिल थे.

इसके बाद, ट्रायल शुरू होने से कुछ समय पहले गारफ़ील्ड ने 'वन एसेक्स कोर्ट' के जूनियर बैरिस्टर डोमिनिक ली को काम पर रखा. मई में वैंड्सवर्थ काउंटी कोर्ट में तीन घंटे तक चले ट्रायल में दोनों पक्षों की ओर से बैरिस्टर पेश हुए थे. आखिर में कोर्ट ने ताक़ीदिर के पक्ष में फ़ैसला सुनाया. उन्हें £7,000 दिए और काउंटर-क्लेम को खारिज कर दिया. डोमिनिक ली ने केस खत्म होने के बाद कहा,
“मुझे गारफ़ील्ड AI द्वारा तैयार किए गए दस्तावेज़ इस ट्रायल के मक़सद के लिए काफ़ी से ज़्यादा लगे.”
Philip Young इसके फाउंडर हैं. उन्होंने दुनिया की पहली ऐसी लॉ फ़र्म हैं जिसे सिर्फ़ AI के ज़रिए कानूनी सेवाएं देने के लिए अधिकृत और रेगुलेट किया गया है. (Garfield AI) ऐसी पहली फ़र्म भी है जो सिर्फ AI के ज़रिए कानूनी मुक़दमे लड़ती है. ये फर्म कंपनियों और लोगों को इंग्लैंड और वेल्स के 'स्मॉल क्लेम्स कोर्ट' के ज़रिए £10,000 तक के छोटे कर्ज़ के दावों को वसूलने में मदद करती है.
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