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EPFO ने रिटायर कर्मचारी से 2.5 करोड़ रुपये वापस मांगे, कोर्ट ने कहा एक पैसा भी वापस नहीं मिलेगा

तेलंगाना हाई कोर्ट ने शख्स के पक्ष में फैसला सुनाया और कहा कि रिटायर हो चुके कर्मचारी से उसके PF का पैसा वापस करने के लिए नहीं कहा जा सकता. हाई कोर्ट ने कहा कि अगर EPFO ​​को कानूनी कार्रवाई करनी है, तो वह कंपनी और उसके PF ट्रस्ट के खिलाफ ऐसा कर सकता है. जानिए पूरा मामला.

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EPFO ने रिटायर हो चुके व्यक्ति से 2.5 करोड़ रुपये वापस मांगे थे

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  • तेलंगाना के एक रिटायर कर्मचारी से EPFO ने 2.5 करोड़ रुपये ब्याज सहित सात दिनों में वापस करने को कहा, जिसे लेकर तेलंगाना हाईकोर्ट ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला सुनाया।
  • कंपनी के प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट ने अपना छूट वाला दर्जा छोड़ दिया था, जिसके कारण EPFO ने भुगतान को गैरकानूनी मानते हुए रिकवरी नोटिस जारी किया था।
  • हाईकोर्ट ने EPFO को कर्मचारी से रकम वसूलने से मना किया और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय EPFO पर छोड़ा।

EPFO यानी प्रॉविडेंट फंड में हम अपना पैसा जमा करते हैं. जरूरत पड़ने पर या रिटायर होने पर उसको निकाल लेते हैं. आमतौर पर यही प्रोसेस होता है मगर तब क्या हो जब EPFO आपसे निकाला हुआ पैसा वापस (EPFO demanded retired employee to return Rs 2.5 crore) मांगने लगे, वो भी थोड़ा बहुत नहीं बल्कि पूरे 2.5 करोड़. आप कहोगे ऐसा कैसे हो सकता है. अजी ऐसा ही हुआ है. तेलंगाना के एक रिटायर व्यक्ति से EPFO ने सात दिन के अंदर 12 फीसदी ब्याज के साथ 2.5 करोड़ रुपये जमा करने को कहा. फिर क्या हुआ. अजी वही हुआ जो होना चाहिए. शख्स कोर्ट पहुंच गया.

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‘तेलंगाना हाई कोर्ट ने शख्स के पक्ष में फैसला सुनाया और कहा कि रिटायर हो चुके कर्मचारी से उसके PF का पैसा वापस करने के लिए नहीं कहा जा सकता. हाई कोर्ट ने कहा कि अगर EPFO ​​को कानूनी कार्रवाई करनी है, तो वह कंपनी और उसके PF ट्रस्ट के खिलाफ ऐसा कर सकता है.’

आखिर मामला क्या था?

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक तेलंगाना के रहने वाले जे.वी. नृपेंद्र साल 2023 में अपनी सर्विस से रिटायर हुए. रिटायरमेंट के समय, उन्हें अपने एम्प्लॉयर से प्रोविडेंट फंड (PF) के बकाया पैसे का कुछ हिस्सा, यानी 2.5 करोड़ रुपये मिले. इस एम्प्लॉयर के पास पहले 'एग्जेम्प्ट ट्रस्ट' का स्टेटस था. उनको 70 लाख रुपये और मिलने वाले थे, लेकिन पेमेंट में देरी हुई क्योंकि कंपनी के PF ट्रस्ट ने यह रकम YES बैंक के बॉन्ड में इन्वेस्ट की थी. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के निर्देशों और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के कारण ये बॉन्ड फ़्रीज़ कर दिए गए थे.

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हालांकि, कंपनी ने 1 मार्च, 2023 को अपना PF ट्रस्ट छूट का दर्जा छोड़ दिया और 21 जुलाई, 2023 को मिस्टर राव को उनके PF के 2.5 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया, साथ ही बाकी बचे 70 लाख रुपये बाद में देने का वादा किया.

EPFO ने रिकवरी नोटिस क्यों भेजा?

मिस्टर राव को 2.5 करोड़ रुपये का PF बकाया चुकाते समय, कंपनी ने उन्हें एक पेमेंट लेटर के ज़रिए बताया कि उसने 1 मार्च, 2023 से अपना PF ट्रस्ट छूट का दर्जा (exemption status) छोड़ दिया है. इसका मतलब है कि यह पेमेंट कंपनी के PF ट्रस्ट द्वारा छूट का दर्जा छोड़ने के बाद किया गया था. बाद में यही बात विवाद का मुख्य मुद्दा बन गई.

17 फरवरी 2025 को EPFO ​​ने मिस्टर राव को रिकवरी नोटिस भेजा, जिसमें उनसे सात दिनों के भीतर 12 फीसदी सालाना ब्याज के साथ 2.5 करोड़ रुपये चुकाने को कहा गया. नोटिस में कहा गया है कि कंपनी के PF ट्रस्ट ने प्रोविडेंट फंड अधिकारियों के पास अपना छूट का दर्जा (exemption status) सरेंडर कर दिया था और उन्हें जो पेमेंट किया गया था, वह EPF एक्ट और उसके तहत बनी स्कीम के नियमों के मुताबिक नहीं था.

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नियमों के मुताबिक एक बार जब किसी ट्रस्ट का छूट वाला स्टेटस खत्म हो जाता है, तो वह अपने सदस्यों को PF का बकाया पैसा नहीं दे सकता, क्योंकि उसे पूरा पैसा EPFO ​​को जमा करना होता है.

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

EPFO के वकीलों ने तर्क दिया कि EPF स्कीम, 1952 के पैरा 28(1)(ii) के अनुसार, छूट सरेंडर या रद्द होने पर, एम्प्लॉयर को हर फैक्ट्री के सब्सक्राइबर्स के खाते में जमा कुल रकम ट्रांसफर करनी होती है. यह काम स्कीम लागू होने या छूट रद्द होने के 10 दिनों के भीतर (बैंक में नकद राशि के मामले में) और तीस दिनों के भीतर (सिक्योरिटीज़ के मामले में) करना होता है.

कोर्ट ने इस दलील को नहीं माना और मिस्टर राव को जारी नोटिस रद्द कर दिया, लेकिन कंपनी के खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई करने का फैसला EPFO ​​पर छोड़ दिया. case no. WP No. 6276 OF 2025 के 5 मई 2026 के फैसले में कोर्ट ने इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की कि कंपनी ने EPF एक्ट और उसके नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं. कोर्ट ने सिर्फ़ इतना कहा कि EPFO ​​मिस्टर राव से पैसे वसूल नहीं कर सकता.

कुल जमा बात ये कि अगर आपका पैसा भी EPFO में जमा है तो गाहे-बगाहे उसका प्रोविडेंट फंड स्टेट्स चेक करते रहिए. पता चले आपकी मेहनत की गाढ़ी कमाई आपको मिले ही नहीं. जो मिले तो कहीं वापस करने का नोटिस ना आ जाए.

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