भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. जिस एनकाउंटर को परिवार फर्जी बता रहा है, उसी मामले में अब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हो गया है. जगदीशपुर के SDPO को हटा दिया गया है और गांव में महापंचायत होने वाली है. SDPO राजेश वर्मा को पद से हटाकर अगले आदेश तक पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है. ये एक्शन सीएम सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद हुआ है.
भरत तिवारी एनकाउंटर केस में SDPO का तबादला, परिवार संतुष्ट नहीं, बुलाई महापंचायत
Bharat Tiwari encounter case: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने जगदीशपुर के SDPO का तबादला कर दिया है. लेकिन भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने साफ किया कि वो इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं. गांववालों ने महापंचायत का ऐलान किया है.


राजेश वर्मा की जगह अब पंकज मिश्रा को जगदीशपुर का नया SDPO बनाया गया है. और ये सब भरत तिवारी के एनकाउंटर के 7 दिन बाद हुआ है. वो भी तब जब गांववालों ने महापंचायत का ऐलान कर दिया. हालांकि परिवार पुलिसवालों के तबादले भर से संतुष्ट नहीं है. भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने साफ कहा कि वो और उनकी मां सरकार के फैसले से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं.
भरत तिवारी के भाई ने क्या बताया?चंदन तिवारी ने कहा,
‘जो कार्रवाई हुई है उससे मैं संतुष्ट नहीं हूं. जो मेरी और मेरी मां की मांग है उसको पूरा किया जाए. यहां की जनता भी वही चाहती है. आरोपी को फांसी या उम्रकैद की सज़ा होनी चाहिए. उससे कम कुछ नहीं. मुझे उम्मीद है कि महापंचायत में भी इस मांग को स्वीकारा जाएगा.’
23 जून को भरत तिवारी की मां की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर शाहपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था. FIR में तत्कालीन एसडीपीओ राजेश वर्मा, शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार और एनकाउंटर में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया था. परिवार का आरोप है कि भरत तिवारी की मौत पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है. इसी शिकायत के आधार पर हत्या और अन्य धाराओं में केस दर्ज होने से मामला और गंभीर हो गया है.
महापंचायत होगीएक तरफ परिवार का कहना है कि सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए. वहीं दूसरी तरफ सरकार की तरफ से भरोसा दिलाया जा रहा है कि निष्पक्ष जांच होगी. बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा,
‘सरकार ने इस मामले में पारदर्शिता से संज्ञान लिया है. न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं और उसी के बाद मामले की तह तक पहुंचा जा सकता है. कमिटी की रिपोर्ट के बाद सही फैसला लिया जाएगा.’
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भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद, उनके गांव और उसके आसपास इलाकों में काफी गुस्सा है. इसी वजह से 24 जून को बिलौती गांव में बड़ी महापंचायत बुलाई गई है. इस महापंचायत में भरत तिवारी के समर्थन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. लोगों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक सवाल खत्म नहीं होंगे. फिलहाल प्रशासन भी महापंचायत को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है.
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