पीयूष मिश्राः मुझे 'गुलाल' के गाने लिखने के लिए मंडी हाउस का शोर चाहिए था
मुंबई जाकर भी दिल्ली उनसे छूटा नहीं था, इसलिए वो गाने लिखने दिल्ली लौटे.
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पीयूष मिश्रा ने लखनऊ में हुए लल्लनटॉप शो में आए थे. उनके सेशन का नाम था म्यूज़िक की मालगाड़ी. पीयूष गज़ब के किस्सागो हैं. तो अपनी कहानी भी जब उन्होंने सुनाई तो समां बांध कर. इस वीडियो में पीयूष बता रहे हैं कि दिल्ली में थिएटर के दिनों में उनका संघर्ष कैसा था. बोनस में है गुलाल के गाने लिखे जाने की कहानी. देखें और जाने कि 'दूर देस के टावर से' और 'आरंभ है प्रचंड' का मंडी हाउस के शोर से क्या ताल्लुक है.
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