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यशस्वी और शेफाली बुरा फंसे, डोप टेस्ट नहीं देने पर NADA ने थमाया नोटिस!

महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा का डोप टेस्ट 7 नवंबर को होना था. वहीं, यशस्वी जायसवाल का डोप टेस्ट 17 दिसंबर को निर्धारित था. लेकिन, जब DCO तय समय और लोकेशन पर पहुंचा, तो दोनों प्लेयर वहां पर मौजूद नहीं मिले.

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यशस्वी और शेफाली को NADA ने नोटिस जारी किया है. (फोटो- PTI)

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  • नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा को डोप टेस्ट के लिए बताई गई जगहों पर न होने के कारण 'मिस्ड टेस्ट' नोटिस जारी किया है।
  • यशस्वी और शेफाली दोनों NADA के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल के सदस्य हैं और उन्हें टेस्ट के लिए अपनी उपस्थिति की जानकारी पहले से देना अनिवार्य है, लेकिन वे दिए गए टेस्ट की तारीखों पर उपस्थित नहीं हुए।
  • अब दोनों खिलाड़ियों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा और यदि वे NADA की सुनवाई में अपना बचाव नहीं कर पाते हैं तो उन्हें दो साल तक का प्रतिबंध मिल सकता है।

भारतीय क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) और महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा (Shafali Verma) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. यशस्वी और शेफाली को डोप टेस्ट नहीं देने पर नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) की तरफ से नोटिस जारी किया गया है. NADA ने इन दोनों क्रिकेटर्स के खिलाफ 'वेयर अबाउट्स फेल्योर' (दिए गए पते पर नहीं मिलना) के तहत 'मिस्ड टेस्ट' नोटिस दिया है. दोनों क्रिकेटर तय डोप टेस्ट के लिए बताई गई जगहों पर नहीं मिले थे.

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सफाई देने का मौका मिलेगा

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों क्रिकेटर्स को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा. इस बारे में BCCI को भी बता दिया गया है. यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा दोनों ही प्लेयर NADA को रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (RTP) का हिस्सा हैं.

RTP को देनी पड़ती है जानकारी

NADA के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल में शामिल प्लेयर्स को पहले से एजेंसी को यह जानकारी देनी होती है कि वे किस समय और किस स्थान पर डोप टेस्ट देने के लिए उपलब्ध रहेंगे. एक डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर (DCO) तय समय के दौरान सैंपल लेने आ सकता है. बताई गई जगह पर मौजूद न होने पर टेस्ट छूट सकता है.

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7 नवंबर और 17 दिसंबर को होना था टेस्ट

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा का डोप टेस्ट 7 नवंबर को होना था. वहीं, यशस्वी जायसवाल का डोप टेस्ट 17 दिसंबर को निर्धारित था. लेकिन, जब DCO तय समय और लोकेशन पर पहुंचा, तो दोनों प्लेयर वहां पर मौजूद नहीं मिले.

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इसके बाद,  NADA ने फरवरी में दोनों प्लेयर्स को स्पष्टीकरण नोटिस भेजा. नाडा ने यशस्वी जायसवाल से 18 फरवरी को और शेफाली वर्मा से 20 फरवरी को जवाब मांगा था. लेकिन, दोनों खिलाड़ियों ने जवाब नहीं दिया. इसके बाद, एजेंसी ने दोनों प्लेयर्स के खिलाफ ‘मिस्ड टेस्ट’ दर्ज कर लिया.

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क्या दोनों प्लेयर्स के खिलाफ होगी कार्रवाई?

'मिस्ड टेस्ट' होने का मामला सीधे डोपिंग उल्लंघन की श्रेणी में नहीं आता. NADA के नियमों के मुताबिक, अगर कोई प्लेयर 12 महीने के भीतर 3 बार जगह के बार में सही नहीं बताता है, तो उसे एंटी डोपिंग नियम तोड़ने का दोषी माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में अगर प्लेयर NADA की सुनवाई में अपने आपको निर्दोष साबित नहीं कर पाता, तो उन पर 2 साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है.

यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा के लिए यह खबर बहुत अहम है. मौजूदा समय में यशस्वी IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे हैं. वहीं, शेफाली वर्मा 12 जून से इंग्लैंड में शुरू हो रहे विमेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 में इंडियन विमेंस टीम का हिस्सा हैं.

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