फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हो चुका है. 11 जून को मेक्सिको में ओपनिंग सेरेमनी के बाद मेजबान टीम ने जीत के साथ इस वर्ल्ड कप की शुरुआत की. 2010 के रिपीट ओपनिंग मैच में इस बार बाजी मेक्सिको ने मार ली. पिछली बार साउथ अफ्रीका के साथ ड्रॉ खेलने वाली मेजबान टीम ने 2-0 से जीत हासिल कर ग्रुप ए में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली. लेकिन, इस जीत के बावजूद जितनी चर्चा मेक्सिको के प्लेयर्स की है. उससे कहीं ज्यादा ब्राज़ील के रेफरी विल्टन सम्पायो (Wilton Sampaio) की है.
FIFA वर्ल्ड कप 2026 : कौन हैं विल्टन सम्पायो? वो 'कड़क' रेफरी, जिसने पहले ही मैच में दिखा दिए 3 रेड कार्ड
फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के ओपनिंग मैच में 3 रेड कार्ड दिखाने वाले ब्राजीलियाई रेफरी विल्टन सम्पायो (Wilton Sampaio) कौन हैं? जानिए उनके 'रोबोकॉप' लुक और उनके करियर की पूरी कहानी.


दरअसल, रेफरी विल्टन सम्पायो FIFA वर्ल्ड कप 2026 की ओपनिंग नाइट पर अचानक चर्चा का विषय बन गए. उन्होंने मशहूर एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम में हुए ओपनिंग मुकाबले में तीन रेड कार्ड दिखाए. यही कारण रहा कि मेजबान टीम के लिए गोल करने वाले जूलियन क्विनोन्स (Julian Quinones) और राउल जिमेनेज (Raul Jimenez) से ज़्यादा चर्चा सम्पायो की हो रही है. सोशल मीडिया पर लोगों का ये तक मानना है कि मैच के असली स्टार सीटी बजाने वाले रेफरी ही थे.
प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड देने की उठी मांगसम्पायो के फ्यूचरिस्टिक दिखने वाले कम्युनिकेशन हेडसेट ने भी लोगों का ध्यान खींचा. इसकी तुलना Xbox गेमिंग गियर से लेकर रोबोकॉप तक से की जाने लगी. मैच शुरू होने के कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई. मैच खत्म होने तक कई फैंस मज़ाक में कह रहे थे कि ब्राज़ील के रेफरी को ही 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' अवॉर्ड मिलना चाहिए.
48 टीमों वाले इस फुटबॉल महाकुंभ के शुरुआती मैच में काफी ड्रामा देखने को मिला. दक्षिण अफ्रीका को 9 प्लेयर्स के साथ खेलते हुए 2-0 से हार का सामना करना पड़ा. वहीं, मेक्सिको ने 10 खिलाड़ियों के साथ मैच खत्म किया. सम्पायो के फैसलों ने यह पक्का किया कि टूर्नामेंट की शुरुआत यादगार रहे. इसमें VAR रिव्यू के बाद लिया गया एक फैसला भी शामिल था.
सम्पायो दक्षिण अमेरिका के सबसे अनुभवी रेफरी में से एक हैं. वो एक दशक से ज़्यादा समय से इंटरनेशनल फुटबॉल सर्किट में एक जाना-माना चेहरा रहे हैं. 1981 में ब्राज़ील के टेरेसिन डी गोइयास में जन्मे, 44 वर्षीय सम्पायो ने 2009 में ब्राज़ील के टॉप डिवीज़न में रेफरी के तौर पर काम करना शुरू किया.
उन्होंने जल्द ही देश के प्रमुख रेफरी में अपनी पहचान बना ली. उनके शानदार प्रदर्शन की वजह से उन्हें ब्रासीलेइराओ (Brasileirao) के बेहतरीन अधिकारियों में गिना जाने लगा. 2013 में उन्हें FIFA का बैज भी मिल गया. उन्होंने कोपा लिबर्टाडोरेस, कोपा सुदामेरिकाना, कोपा अमेरिका, FIFA क्लब वर्ल्ड कप और कई वर्ल्ड कप क्वालिफाइंग कैंपेन में रेफरी की भूमिका निभाई है.
वो 2018 और 2022 FIFA वर्ल्ड कप में FIFA की रेफरी टीम का भी हिस्सा थे. कतर वर्ल्ड कप के दौरान, फ्रांस से इंग्लैंड की क्वार्टर-फाइनल हार के बाद उन्होंने काफी ध्यान खींचा. मैच के बाद कई खिलाड़ियों और फैंस ने उनके कुछ फैसलों पर सवाल उठाए थे.
ब्राज़ील में सख्त अनुशासन बनाए रखने के लिए मशहूर सम्पायो ने डोमेस्टिक और कॉन्टिनेंटल कॉम्पिटिशंस में अक्सर ज़्यादा कार्ड दिखाए हैं. उनकी यही काबिलियत एक बार फिर वर्ल्ड कप 2026 के ओपनिंग मैच में भी दिखी.
क्यों पूरे मैच के दौरान चर्चा में बने रहे सैम्पायो?शुरुआत में सैम्पायो के चर्चा में आने का कारण रेड कार्ड से जुड़ा नहीं था. शकीरा और बर्ना बॉय की शानदार ओपनिंग सेरेमनी के बाद सब मैच शुरू होने का इंतजार करने लगे. इसी दौरान फैंस की नज़र रेफरी पर पड़ी. उन्होंने अपने माइक्रोफ़ोन सिस्टम से जुड़ा एक बड़ा 'ओवर-ईयर' कम्युनिकेशन डिवाइस पहना हुआ था. इस इक्विपमेंट की वजह से वो भविष्य के किसी किरदार जैसे लग रहे थे. इसी कारण वो शुरुआत से ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए.
कई फैंस ने इस सेटअप की तुलना गेमिंग हेडसेट से की. वहीं, कुछ ने मज़ाक में कहा कि सैम्पायो ऐसे लग रहे थे, जैसे वे सीधे 'रोबोकॉप' फ़िल्म से निकलकर आए हों. पूरी रात इसे लेकर मीम्स बनते रहे. हालांकि, ये तो सिर्फ शुरुआत थी. असली चर्चा तब शुरू हुई, जब उन्होंने कार्ड दिखाने शुरू किए.
हाल के समय का ये सबसे उथल-पुथल वाला वर्ल्ड कप ओपनिंग मैच बन गया. मैच के दौरान ब्राज़ीलियाई रेफरी ने लगातार तीन रेड कार्ड दिखाए. अमूमन रेफरी पहले वॉर्निंग देते हुए येलो कार्ड दिखाते हैं. लेकिन, सम्पायो ने तीनों प्लेयर्स को सीधा रेड कार्ड दिखाकर मैच से बाहर कर दिया.
इसकी शुरुआत हाफ-टाइम के ठीक बाद हुई. सबसे पहले उन्होंने साउथ अफ़्रीका के स्फेफेलो सिथोले को बाहर भेजा. अभी उस झटके से साउथ अफ्रीकी टीम उबरी भी नहीं थी कि सम्पायो ने थेंबा ज़वाने को बाहर का रास्ता दिखा दिया. इस फैसले के लिए उन्होंने VAR का सहारा लिया.
VAR रिव्यू के दौरान नज़र आया कि थेंबा ने रॉबर्टो अल्वाराडो के चेहरे पर मारा था. फिर क्या था सम्पायो ने रेड कार्ड दिखाने में ज़रा भी देरी नहीं दिखाई. वो यहीं नहीं रुके. इसके बाद उन्होंने मेक्सिको के डिफेंडर सीज़र मोंटेस को भी स्टॉपेज टाइम में खुलिसो मुदाऊ को गिराने के कारण बाहर भेज दिया.
सबसे ज़्यादा रेड कार्ड का रिकॉर्ड अब भी बरकरारहालांकि, इतने ड्रामे के बावजूद मेक्सिको बनाम दक्षिण अफ़्रीका मैच के नाम वर्ल्ड कप का रिकॉर्ड नहीं बना. यह अनचाहा रिकॉर्ड अभी भी 2006 FIFA वर्ल्ड कप के दौरान हुए कुख्यात ‘बैटल ऑफ़ नूरेमबर्ग’ के नाम ही है.
नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ पुर्तगाल के राउंड-ऑफ़-16 मैच में 4 रेड कार्ड और 16 येलो कार्ड दिखाए गए थे. यह वर्ल्ड कप हिस्ट्री के सबसे तनावपूर्ण मैचों में से एक बन गया. इसी कारण इसका नाम बैटल ऑफ़ नूर्नबर्ग भी पड़ गया. उस मुकाबले में पुर्तगाल की ओर से कोस्टिन्हा और डेको को बाहर भेजा गया था. वहीं, डच टीम की तरफ से खालिद बौलाह्रोज़ और जियोवानी वैन ब्रोंकहोर्स्ट को रेड कार्ड मिले थे.
बहरहाल, मेक्सिको बनाम दक्षिण अफ़्रीका ओपनिंग मैच हाल के समय के सबसे उथल-पुथल भरे वर्ल्ड कप मैचों में गिना जा सकता है. रेफरी सैम्पायो के लिए ये रात 'रोबोकॉप' वाले मज़ाक के साथ शुरू हुई. लेकिन, ये खत्म तीन रेड कार्ड वाले प्रदर्शन के साथ खत्म हुई. इसने यह भी पक्का कर दिया कि फ़ाइनल विसल बजने के बाद भी उनका नाम दुनिया भर में ट्रेंड करता रहे.
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