The Lallantop

मैदान पर कोहली-ईशांत में जो बात हुई, उसकी वजह 12 साल पीछे दबी है

साउथ अफ्रीका में सिर्फ क्रिकेट ही नहीं खेला जा रहा है.

Advertisement
post-main-image
मैदान पर ईशांत शर्मा और विराट कोहली (फाइल फोटो)

तीसरे दिन का खेल. लंच से ठीक पहले का ओवर. गेंद मोर्ने मोर्केल के हाथ में थी. 6 फ़ुट 4 इंच लंबा बॉलर. एक आर्मी वाली फ़िल्म में सुना था कि ऊपर पहाड़ से कोई अगर कंकड़ भी फेंके, तो नीचे मौजूद होने वाले को वो गोली जैसा लगेगा. जेपी दत्ता की LOC थी शायद. या शायद ऋतिक वाली 'लक्ष्य'. खैर, फिलहाल एक इंडियन बैट्समैन के लिए मोर्ने मोर्केल वही पहाड़ था, क्योंकि दूसरा वाला तो ऐसे खेल रहा था, मानो बल्ला पकड़ना ही साउथ अफ़्रीका में सीखा हो.

Advertisement

विराट कोहली 140 पर थे. उनके साथ बैटिंग कर रहे थे इशांत शर्मा. चूंकि लंच से ठीक पहले का ओवर था, कोहली कोई गड़बड़ नहीं चाहते थे. पहली तीन गेंदें कोहली ने बिना एक भी रन बनाए निष्क्रिय कर दीं. फिर इशांत को आवाज़ लगाई, "इसकी दो खेलेगा?" कोहली चौथी गेंद पर रन लेना चाहते थे. वो चाहते थे कि पांचवीं और छठी गेंद इशांत खेलें, जिससे लंच के बाद इशांत को ही सीधा अटैक न झेलना पड़े. इशांत ने बड़े मज़े से हां में सिर हिलाया. कोहली ने फिर से पूछा, "पक्का?"


श्रीलंका के खिलाफ एक मैच में बैटिंग के दौरान अग्रेसिव ईशांत
श्रीलंका के खिलाफ एक मैच में बैटिंग के दौरान अग्रेसिव ईशांत

ये "पक्का?" इशांत की काबिलियत पर सवाल नहीं था. ये एक दोस्त का दूसरे दोस्त से फ़िक्रमंदी भरा सवाल था. वो दोस्त, जो 20 दिसंबर 2006 को सुबह-सुबह पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी कॉलोनी से कार में बैठकर फ़िरोज़शाह कोटला के लिए निकले थे. दिल्ली का कर्नाटक से मैच था. कर्नाटक के 446 रनों के जवाब में दिल्ली 103 रन पर 5 विकेट खोकर कुछ मुश्किल में थी. विराट कोहली अपने जीवन का चौथा फर्स्ट क्लास मैच खेलते हुए 40 रन पर नाबाद था और दिल्ली का खेल उसके खेल पर टिका हुआ था.

शुरुआती दिनों में ईशांत (बाएं) और विराट (दाएं से दूसरे)
शुरुआती दिनों में ईशांत (बाएं) और विराट (दाएं से दूसरे)

गाड़ी में उसके साथ उसका दोस्त इशांत शर्मा बैठा हुआ था. अमूमन ये दोनों इशांत की गाड़ी में गाने बजाते हुए, क्रिकेट की बातें करते हुए मैदान में पहुंचते थे. लेकिन उस रोज़ न गाना था और न ही बातें. कोहली बस गाड़ी चलाए जा रहा था. वो सड़क पर नहीं, शून्य में देख रहा था. इशांत ने जब पूछा, तो कोहली ने उसे बताया- पिछली देर रात कोहली के पापा की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. इशांत कुछ भी नहीं बोल सका. पहले तो उसे विश्वास नहीं हुआ, लेकिन फिर वो भी कोहली की ही तरह जड़ हो गया.

Advertisement

अपने पिता और मां के साथ विराट कोहली
अपने पिता और मां के साथ विराट कोहली

कोहली ने बैटिंग की. बैटिंग में जाने से पहले वो अपनी टीम के सामने खूब रोया. ऑस्ट्रेलिया गए हुए कोच राजकुमार शर्मा से बात करते हुए रोया. और फिर बैटिंग करते हुए 90 रन बनाए. अंपायर के एक खराब फ़ैसले के चलते कोहली को शतक से 90 रन पहले आउट दे दिया गया. आउट होने से पहले कोहली ने पुनीत बिष्ट के साथ 152 रन की पार्टनरशिप बनाई और मैच ड्रॉ हुआ.


आज 12 साल बाद भी दोनों में वही गर्माहट. तो क्या हुआ कि वेस्ट दिल्ली का चीकू दुनिया का सबसे काबिल बल्लेबाज बन बैठा था और टीम का कप्तान था. वो चौथी गेंद भी खेलता है और पांचवीं पर सिंगल लेकर नॉन-स्ट्राइकिंग एंड से इशांत का हौसला बढाते हुए कहता है, "शाबाश लंबू!"

ईशांत और विराट
ईशांत और विराट

मोर्केल रनअप पर जा रहा था. इधर कोहली सलाह दे रहा था, "लंबी गेंद आएगी." लेकिन तभी कप्तान डुप्लेसी ने एक फील्डर शॉर्ट लेग में लगा दिया. कोहली ने तुरंत ऐलान किया, "छोटी फेंकेगा ये तुझे." मोर्केल दौड़ता हुआ आया और पहाड़ से एक कंकड़ सरका दिया. पहले से शॉर्ट गेंद के इंतजार में खड़ा इशांत गेंद की लाइन में आया और उसे बल्ले से वहीं रोक लिया. अंपायर ने लंच की घोषणा की और कोहली ने जाकर इशांत से फिस्ट पम्प की.


कोहली को बाउंसर फेंकते मॉर्केल
कोहली को बाउंसर फेंकते मॉर्केल

लंच के बाद इशांत ने कुछ ओवर खेले और 90वें ओवर में जताया कि उन्हें फिलेंडर की गेंद खेलने में कोई दिक्कत नहीं हो रही थी. ये एक नासमझ दोस्त की निशानी थी. एक टेल-एंडर दोस्त की. इशांत ने फिलेंडर की गेंदें तो झेल लीं, लेकिन अगले ओवर में मोर्केल की ही गेंद पर वो शॉर्ट लेग को कैच दे बैठे.

Advertisement



क्रिकेट के कद्रदानों के लिए हमारे पास और भी बहुत कुछ है:

रबाडा ने विराट कोहली को गाली दी और फिर पूरी अफ्रीकी टीम पछताई

इंडियन टीम साउथ अफ़्रीका में कैच लेना भूल गई है क्या?

हार्दिक पांड्या से कहना चाहता हूं- टोपा हो का बे

जयपुर की गलियों से निकला ये जोरदार बॉलर सबको चौंका रहा है

Advertisement