सर गारफील्ड सोबर्स. क्रिकेट जगत का वो सुनहरा अध्याय, जो शु्क्रवार 17 जुलाई को अस्त हो गया. दुनिया के सबसे महान ऑलराउंडर्स में शुमार गैरी सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके बेटे डैनियल ने इसकी पुष्टि की. उनका निधन क्रिकेट जगत के लिए बड़ा लॉस है. महज 10 दिनों के बाद गैरी 90 साल के होने वाले थे. गैरी वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे सुनहरे दौर के नायक थे.
गैरी सोबर्स नहीं रहे! क्रिकेट इतिहास का सबसे महान ऑलराउंडर, जिसने एक ओवर में लगाए थे 6 छक्के
17 जुलाई को क्रिकेट जगत को बड़ा झटका लगा. वेस्टइंडीज के महान पूर्व ऑलराउंडर Sir Garfield Sobers (Garry Sobers) नहीं रहे. वेस्टइंडीज क्रिकेट ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते उनके निधन की जानकारी दी.


वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडरों में शामिल हैं. मार्च 1954 से अप्रैल 1974 के बीच गैरी ने कुल 93 टेस्ट मैच खेले. इस दौरान उन्होंने 57.78 के औसत से 8,032 रन बनाए. इसमें 26 सेंचुरी और 30 फिफ्टी शामिल थे. बाएं हाथ के बैटर और मीडियम पेसर सोबर्स के नाम टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट हैं. उन्होंने 20 साल के क्रिकेटिंग करियर में सिर्फ एक ODI मैच खेला. इस मुकाबले में उन्होंने एक विकेट भी झटका था.
वहीं, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले वो पहले बल्लेबाज थे. 1968 में नॉटिंघमशर के लिए खेलते हुए ग्लेमोर्गन के खिलाफ उन्होंने यह कारनामा किया था. बाएं हाथ के शानदार बैटर सोबर्स ने 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन बनाए थे. यह रिकॉर्ड 36 साल तक टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर के तौर पर कायम रहा.
वह एक बेहतरीन बॉलर भी थे, जो स्पिन और सीम दोनों तरह की बॉलिंग करते थे. नॉटिंघमशर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने वाले सोबर्स को 1975 में क्रिकेट में उनके योगदान के लिए 'नाइटहुड' की उपाधि से सम्मानित किया गया था. विस्डन ने उन्हें 20वीं सदी के बेस्ट 5 क्रिकेटरों में शामिल किया था.
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वेस्टइंडीज और नॉटिंघमशर ने दी श्रद्धांजलिक्रिकेट वेस्टइंडीज ने उनके निधन पर कहा,
एक शानदार पारी का अंत हो गया है. सर गारफील्ड सोबर्स हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे.
नॉटिंघमशर ने सोबर्स को क्रिकेट के अब तक के सबसे महान ऑलराउंडर और नॉटिंघमशर के इतिहास की एक प्रतिष्ठित हस्ती बताया. क्लब ने कहा,
सर गारफील्ड सोबर्स के निधन की खबर सुनकर हमें बहुत दुख हुआ है.
सोबर्स ने 16 साल की उम्र में बारबाडस के लिए फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था. वहीं, 17 साल की उम्र में उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया. शुरुआत में वह बैटर के बजाय बॉलर के तौर पर ज्यादा सफल थे. वह बाएं हाथ से रिस्ट स्पिन, फिंगर स्पिन और तेज गेंदबाजी करते थे. लेकिन, बाद में उन्होंने 26 टेस्ट शतक बनाए और 57.78 के बल्लेबाजी औसत के साथ अपना करियर एंड किया.
सोबर्स का फर्स्ट-क्लास करियर भी शानदार था. उन्होंने फर्स्ट क्लास में कुल 28,314 रन बनाए. इसमें नॉटिंघमशर के लिए बनाए गए 7,041 रन भी शामिल हैं. वह एक बेहतरीन फील्डर भी थे. हालांकि, एक खिलाड़ी के तौर पर वे जितने सफल थे, उतने सफल कप्तान नहीं रहे. वेस्टइंडीज के गोल्डन जेनरेशन को तैयार करने में उनका बहुत अहम योगदान था. वो 1965 से 1972 के बीच वेस्टइंडीज के कप्तान रहे थे. उन्होंने 1970 में इंग्लैंड के दौरे पर 'रेस्ट ऑफ़ द वर्ल्ड XI' की कप्तानी भी की थी.
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