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विराट कोहली के शाकाहारी बनने की कहानी पर बड़ा सवाल, इस डॉक्टर ने छेड़ी बड़ी बहस

विराट कोहली ने मांसाहारी से शाकाहारी बनने की जो कहानी बताई उसे डॉक्टर ने नीमहकीमी से जोड़ दिया है.

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विराट कोहली की वजह को ट्विटर पर झुठलाया गया (तस्वीर- ट्विटर और Unsplash.com)

Virat Kohli. दुनियाभर के लिए इंस्पिरेशन. विराट की फिटनेस और डेडिकेशन का लेवल ही अलग माना जाता है. हालांकि, विराट के करियर में एक दौर ऐसा आया था, जब उनकी हड्डियां कमज़ोर होने लगी थीं. उसी दौरान वो मांसाहारी से शाकाहारी बन गए थे. विराट कोहली ने खुद एक इंटरव्यू में इसके बारे में बताया है. हालांकि इंटरव्यू हालिया नहीं है और इसे शेयर करते हुए एक यूजर ने विराट की बात को नीमहकीमी से जोड़ दिया है.

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क्यों शाकाहारी बने विराट?

सोशल मीडिया पर वायरल इस इंटरव्यू के फुटेज में विराट कोहली बता रहे हैं,

'मेरा वेजिटेरियन बनना एक शारीरिक समस्या से जुड़ा हुआ है. मेरी सर्वाइकल स्पाइन में बल्ज आने लगे थे. ये एक नर्व से टकरा रहे थे, जो मेरे हाथ में जा रही थी. इससे मुझे बहुत दर्द हो रहा था. मैं 10-15 मिनट भी नहीं सो पा रहा था. (दर्द के मारे) बार-बार उठना पड़ता था. मैंने एक आदमी से बात की, जो एक्यूपंक्चर करता था. उन्होंने मुझे बताया कि मेरा पेट बहुत एसिडिक बन गया था. मेरी हड्डियों से कैल्शियम खींचा जा रहा था, पेट को एल्कालाइन रखने के लिए. उस आदमी ने मुझसे कहा था कि मुझे अपनी डाइट बदलनी होगी. फिर मैंने अपनी डाइट बदली. मैं बहुत खुश हूं कि मैंने ये फैसला लिया.'

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इस वीडियो को 'TheLiverDoc' नाम के ट्विटर अकाउंट से शेयर किया गया है. आगे बढ़ने से पहले इस ट्विटर अकाउंट को ऑपरेट कर रहे शख्स के बारे में बता देते हैं. इनका नाम है एबी फिलिप्स. पेशे से डॉक्टर हैं. काफी अनुभवी हेपटोलॉजिस्ट, क्लीनिशियन और साइंटिस्ट हैं. नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं. ट्विटर के अलावा एबी फिलिप्स यूट्यूब पर भी एक्टिव हैं. वो केरल स्थित राजगिरी अस्पताल के लिवर इंस्टिट्यूट में काम करते हैं. एबी फिलिप्स काफी शोध करते हैं. समय-समय पर उनके कॉलम प्रकाशित होते रहते हैं.

तो फिलिप्स का कहना है कि एक्यूपंक्चर विज्ञान है ही नहीं. वो छद्मविज्ञान है. और आसान भाषा में कहें तो धोखा है. यूजर ने लिखा कि इसके कोई प्रिंसिपल नहीं होते. ये एक तरीके की नीमहकीमी है. यानी झूठी प्रैक्टिस है. इससे फायदा मिलने का भी कोई सबूत नहीं पाया गया है. यानी ये हेल्थकेयर के लिए सही तरीका नहीं है.

यूज़र ने ट्वीट में आगे विराट की बात का जवाब भी दिया. लिखा,

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‘पेट एसिडिक होता है, और रहेगा, आप चाहें या ना चाहें. हमारा पेट पाचन क्रिया में जो योगदान देता है, उसमें एसिड प्रोडक्शन एक अहम हिस्सा है. ये एसिड खाना-पानी के साथ पेट में आए रोगज़नक़ों से शरीर को बचाता भी है. आप अपने पेट को एल्कालाइन नहीं बना सकते. ये सिर्फ तब मुमकिन है जब आप काफी एलकली खा लें, पर इससे आपकी मौत हो जाएगी.’

TheLiverDoc ने कैल्शियम वाली बात पर भी जवाब दिया.

‘पेट के एसिडिक होने की वजह से कैल्शियम नहीं खींचा जाता. मांस खाने से कैल्शियम का नुकसान नहीं होता है. शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से (जैसा मांस से होता है) कैल्शियम मेटाबॉलिज़्म पर कोई खराब असर नहीं पड़ता है. वेजिटेरियन बनने से कैल्शियम की कमी पूरी हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है.’

यूज़र ने आगे ये भी बताया कि गले में आया सर्वाइकल बल्ज वेजिटेरियन बनने से नहीं ठीक होता है. इसके साथ उन्होंने यूएस की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन और नॉर्थ अमेरिकन स्पाइन सोसाइटी के लिंक्स भी शेयर किए हैं. हालांकि डॉक्टर ने विराट की तारीफ की और कहा कि डॉक्टर्स को और बेहतर करने की जरूरत है.

बता दें, ग्राहम बेनसिंगर को दिया विराट कोहली का ये इंटरव्यू तीन साल पुराना है. हाल ही में ये सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा. इस पर TheLiverDoc का जवाब वायरल हो गया है. उनका ट्वीट लगभग 5.3 लाख लोग देख चुके हैं. 970 से ज्यादा लोग इसे री-ट्वीट भी कर चुके हैं.

वीडियो: विराट कोहली के 15 साल पर जय शाह ने ट्वीट किया!

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