दिल्ली हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) को एशियन गेम्स ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति तो दे दी. लेकिन एशियन गेम्स तक जाना विनेश के लिए इतना भी आसान नहीं है. दांव पेंच अभी भी कई है. विनेश अगर दिल्ली में होने वाले ट्रायल्स में अपनी कैटेगरी में जीत भी जाती हैं, तो भी उन्हें एशियन गेम्स में सीधी एंट्री नहीं मिलेगी. इसकी वजह है इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) का नियम.
ट्रायल्स में जाकर भी विनेश फोगाट एशियन गेम्स नहीं खेल पाएंगी, वजह बड़ी है
एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन के लिए Vinesh Phogat का काम सिर्फ ट्रायल्स से नहीं होगा. दरअसल, एशियन गेम्स से पहले IOA आयोजकों को संभावित खिलाड़ियों की एक लिस्ट भेजती है. फाइनल लिस्ट इन नामों में से ही तय होती है.


द ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक विनेश फोगाट के एशियन गेम्स में जाने के लिए सिर्फ ट्रायल्स काफी नहीं है. दरअसल, एशियन गेम्स से पहले IOA आयोजकों को संभावित खिलाड़ियों की एक लिस्ट भेजती है. फाइनल लिस्ट इन नामों में से ही तय होती है.
सभी स्पोर्ट्स फेडरेशन को 4 मई तक IOA को अपने संभावित खिलाड़ियों की लिस्ट देनी थी. WFI ने अपनी लिस्ट में विनेश का नाम नहीं दिया. यही कारण है कि आयोजकों तक जो लिस्ट पहुंची है उसमें भी विनेश का नाम नहीं था.
आमतौर पर बदलावों की अनुमति केवल इंजरी के केस में ही दी जाती है. 'द ट्रिब्यून' ने सूत्रों के हवाले से लिखा,
विनेश के पास है मौकाअब आगे क्या होगा, यह कोई नहीं जानता. अगर वह अपना ट्रायल हार जाती हैं, तो मामला यहीं खत्म हो जाएगा. हालांकि, अगर वह जीत भी जाती हैं, तब भी एशियन गेम्स के लिए उनकी जगह पक्की नहीं है.
विनेश के पास एक और विकल्प है. आइची-नागोया गेम्स के आयोजक उन्हें एक स्पेशल केस के तौर पर हिस्सा लेने की अनुमति दे सकते हैं. IOA के एक सूत्र ने कहा,
विनेश के पक्ष में हैं विनेश फोगाटअगर वह अपना ट्रायल जीत जाती हैं, तो हम एशियन गेम्स के आयोजकों से उनका नाम जोड़ने का अनुरोध कर सकते हैं. आम तौर पर ये बदलाव चोट लगने पर किसी दूसरे खिलाड़ी को शामिल करने के नियम के तहत होते हैं.
23 मई को दिल्ली हाई कोर्ट विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के लिए होने वाले ट्रायल्स में हिस्सा लेने की मंजूरी दे दी थी. अदालत ने कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की सेलेक्शन पॉलिसी भेदभावपूर्ण है. इसमें मैटरनिटी लीव के बाद वापसी करने वाली विनेश जैसी प्रतिष्ठित खिलाड़ी के नाम पर विचार नहीं किया गया. अदालत ने कहा,
कारण बताओ नोटिस में दिए गए आधार पहले से सोचे-समझे और गड़े मुर्दे उखाड़ने वाले लगते हैं. इसलिए खेल और न्याय के हित में यह जरूरी है कि विनेश को सेलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए.
आपको बता दें कि विनेश ने हाल ही में गोंडा में हुए रैंकिंग टूर्नामेंट के साथ वापसी करने की कोशिश की थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. WFI ने विनेश को कारण बताओ नोटिस भेजकर 26 जून तक के लिए बैन कर दिया. इसी के बाद विनेश ने कोर्ट का रुख किया था. उनका कहना था कि बाकी देशों में मैटरनिटी लीव पर जाने पर खिलाड़ियों की रैंकिंग भी सुरक्षित रखी जाती है. लेकिन भारत में उन्हें बैन कर दिया गया. कोर्ट ने WFI के इस कदम को गलत बताया.
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