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धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय चेंज करने को थी सरकार, CJP का ये जवाब सुन इरादा बदला

केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह CJP के साथ बातचीत कर रहे थे. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दोनों मंत्रियों ने CJP से कहा कि देश को नया शिक्षा मंत्री मिल जाएगा, इसलिए प्रोटेस्ट खत्म कर दिया जाए.

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार और CJP की मीटिंग. (PTI)

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  • 25 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
  • सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्रालय से हटाने का प्रस्ताव कॉकरोच जनता पार्टी को दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया और इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे।
  • कॉकरोच जनता पार्टी के लगातार विरोध और जनता के दबाव के कारण केंद्र सरकार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार करना पड़ा।

25 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा के मंत्री पद से इस्तीफा दिया. उसी दिन रिजाइन से ठीक पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दावा किया था कि मोदी सरकार धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर दूसरा मंत्रालय दे सकती है. अब खबर है कि सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को भी धर्मेंद्र प्रधान का पोर्टफोलियो बदलने का प्रपोजल दिया था, जिसे CJP ने ठुकरा दिया.

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सरकार को उम्मीद थी कि CJP और स्टूडेंट्स लीडर इस बात से राजी होंगे कि धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय वापस ले लिया जाए. सरकार की कोशिश थी कि धर्मेंद्र का कैबिनेट मंत्री का दर्जा बरकरार रहे, और उन्हें दूसरा मंत्रालय दे दिया जाए.

सरकार ने CJP से क्या कहा?

केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह CJP के साथ बातचीत कर रहे थे. इंडिया टुडे से जुड़े हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रियों का तर्क था कि मंत्री को पद से हटाना या उनका विभाग बदलना पूरी तरह से प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है.

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अड़ी रही CJP

दोनों मंत्रियों ने CJP से कहा कि देश को नया शिक्षा मंत्री मिल जाएगा, इसलिए प्रोटेस्ट खत्म कर दिया जाए. सरकार की तरफ से अन्य शर्तें भी मानने की बात कही गई. सरकार ने CJP को अपना प्रस्ताव दिया. लेकिन, CJP धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर पूरी तरह अडिग थी. इससे कम उन्हें मंजूर नहीं था. धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट मंत्री बनाए रखने और नया शिक्षा मंत्री लाने की बात पर CJP कतई राजी नहीं हुई.

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सरकार को झुकना पड़ा

CJP का सख्त रुख और जनता का प्रेशर भांपते हुए आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा और उनकी मांग माननी पड़ी. सरकार अपनी जान देने वाले NEET छात्रों के परिवार को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई ना करने के लिए तो पहले ही तैयार हो गई थी. 25 जुलाई को सरकार और CJP की तीसरे राउंड की बैठक से ठीक पहले धर्मेंद्र प्रधान ने भी शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

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वीडियो: धर्मेंद्र प्रधान के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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