
(1) अल्पेश ठाकोर, (2) हार्दिक पटेल, (3) नरेंद्र पटेल, (4) निखिल सवानी ने बीजेपी के खिलाफ हमलावर रुख अपनाया है.
हार्दिक पटेल गुजरात में पाटीदार आंदोलन के बड़े नेताओं में शुमार हैं. उनके महत्वपूर्ण सहयोगी निखिल सवानी ने 15 दिन पहले बीजेपी का दामन थाम लिया था. हार्दिक के एक और करीबी और पाटीदार आंदोलन के नेता रहे नरेंद्र पटेल ने 22 अक्टूबर को बीजेपी का दामन थाम लिया था. नरेंद्र ने 22 अक्टूबर को शाम सात बजे बीजेपी जॉइन की थी. चार घंटे के बाद ही उन्हें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी. 11 बजते-बजते नरेंद्र ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि बीजेपी ने उन्हें अपने पाले में करने के लिए एक करोड़ रुपये का ऑफर दिया है. नरेंद्र ने मीडिया के सामने 10 लाख रुपये रखे और बताया कि ये पेशगी थी, बाकी की रकम 23 तारीख को मिलनी थी.
इन पाटीदार नेताओं की सक्रियता कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी दिख गई. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि गुजरात बेशकीमती है और इसे कभी खरीदा नहीं जा सकता है.
जिस दिन निखिल ने बीजेपी छोड़ी है, ठीक उसी दिन यानी 23 अक्टूबर को राहुल गांधी गुजरात में हैं. उन्हें अगले तीन दिन तक गुजरात में ही रहना है. 23 को राहुल को गांधीनगर में रैली करनी है. इस रैली पर सबकी नजर इसलिए भी है कि गुजरात के बड़े ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर राहुल गांधी के साथ मंच साझा करेंगे और औपचारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे. अल्पेश ठाकोर भी पाटीदार आंदोलन से निकले हुए नेता माने जाते हैं, क्योंकि उन्होंने पाटीदार आंदोलन के खिलाफ ओबीसी, एससी और एसटी एकता मंच बनाया था. अब ठाकोर ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है, तो वहीं ठाकोर के विरोधी रहे पाटीदार आंदोलन के मुखिया हार्दिक पटेल ने भी कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है.
अभी गुजरात में चुनावी तारीखों का ऐलान होना बाकी है. ऐसे में चुनाव जब बिल्कुल ही करीब होगा तो और कितने उलटफेर होंगे, सियासत में इसका ठीक-ठीक आंकलन करना किसी के लिए भी संभव नहीं है.
वीडियो में देखें उस बुलेट ट्रेन के फीचर, जो शिंजो आबे को भी नहीं पता हैं ये भी पढ़ें:
रो-रो फेरी सर्विस की वो खास बातें, जिसने 8 घंटे के वक्त को 1 घंटे में बदल दिया है
गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया
गुजरात-हिमाचल चुनाव से पहले BJP के लिए बुरी खबर है













