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टीम इंडिया कहां हारी? असली वजह सचिन पाजी ने बताई है

सचिन की बात उम्मीद देगी.

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टीम इंडिया और दूसरी तस्वीर में सचिन तेंडुलकर ( फोटो क्रेडिट : AP)
सचिन तेंडुलकर. भारत के महान बल्लेबाज. सचिन ने टीम इंडिया की हार का पोस्टमोर्टम किया है. सचिन ने कहा है कि ये एक ऐसा मैच था, जहां हमने तमाम कोशिशें की. लेकिन परिणाम हमारे हक में नहीं आया. न्यूज़ीलैंड ने शुरू से ही दबदबा बनाकर रखा. और हमें मैच में वापस आने का मौका नहीं दिया. गौरतलब है कि दुबई में भारत और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ करो या मरो मुकाबला खेला गया. टॉस जीतकर केन विलियमसन ने गेंदबाजी चुनी थी. बोल्ट, सोढ़ी और सैंटनर की शानदार गेंदबाजी के दम पर किवी ने भारत को 110 रन पर रोका. इसके बाद चेज़ करते हुए न्यूज़ीलैंड ने आठ विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया. टीम की तरफ से डेरिल मिचेल ने सबसे ज्यादा 49 रन बनाए. टीम इंडिया की इस करारी हार पर सचिन तेंडुलकर ने कहा,
'ये हमारी टीम के लिए काफी मुश्किल भरा दिन था. लेकिन ऐसे दिन कभी-कभार ही आते हैं. जहां आप कोशिश करते हैं. लेकिन चीजें आपके पक्ष में नहीं जाती. ईमानदारी से कहूं तो इस बारे में ज्यादा बात करने के लिए कुछ नहीं है. मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हमारी टीम इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करेगी.'
सचिन ने टीम इंडिया के बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा,
'जिस तरह से न्यूज़ीलैंड ने डॉमिनेट किया. ऐसे में हमारे बल्लेबाजों के लिये काम आसान नहीं था क्योंकि वे आसानी से स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाये. और इसी वजह से उन्हें मजबूरन बड़े शॉट खेलने के लिये जाना पड़ा. मुझे लगता है कि हमारी गेंदबाजी में भी पैनापन नहीं था.'
बता दें कि सचिन तेंडुलकर ( Sachin Tendulkar) ने न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन की भी जमकर तारीफ की. सचिन ने बताया कि विलियमसन जबरदस्त प्लान के साथ मैदान में आए थे. उनके पास हर खिलाड़ी के लिए रणनीति थी और न्यूज़ीलैंड के कप्तान ने उसे बेहतर तरीके से मैदान पर अमल भी किया. सचिन ने कहा,
'पहली गेंद से न्यूजीलैंड की फील्डिंग प्लेसमेंट और गेंदबाजी में बदलाव शानदार था. मुझे लगता है कि उनकी रणनीति बहुत अच्छी थी. पहले छह ओवर में हमने दो विकेट खोकर 35 रन बनाये. इनमें से पांच ओवर में 20 रन बनाये और एडम मिल्न के ओवर में 15 रन बने. मेरे हिसाब से छह से 10वें ओवर का दौर अहम था. हमने 24 गेंदों में सिर्फ 13 रन बनाए और एक विकेट गंवाया. मेरे अनुसार वो भी सबसे नाजुक मोड़ था, जहां पर हम फायदा नहीं उठा सके. क्योंकि हम ये भी जानते हैं कि अगर आप शुरुआत में जल्दी विकेट गंवा देते हैं. तो बल्लेबाज साझेदारी की सोचते हैं. लेकिन एक दो रन चुराना आसान नहीं था और इस कारण बल्लेबाजों को लंबे शॉट खेलने के लिये मजबूर होना पड़ा. रोहित ऐसा करने की कोशिश में आउट हुए. और विराट ने भी इसी कोशिश में अपना कीमती विकेट गंवाया.'
बताते चलें कि टीम इंडिया ने दो मुकाबले खेले हैं. एक पाकिस्तान के खिलाफ और एक मैच न्यूज़ीलैंड के खिलाफ. पाकिस्तान से दस विकेट से टीम इंडिया हारी तो न्यूज़ीलैंड के हाथों आठ विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी. भारत सेमीफाइनल की रेस से लगभग बाहर हो चुका है. टीम को बचे हुए तीन मुकाबले खेलने हैं. फिलहाल, ज़रूरत तो दो पॉइंट्स की है. जो अफ़गानिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया हासिल करना चाहेगी.

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