इंडिया, पाकिस्तान, इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड. T20 World Cup 2022 की इन बेस्ट टीम्स ने सेमी-फाइनल में अपनी जगह बना ली है. यहां बेस्ट का क्रेडिट आप कुछ टीम्स के लिए किस्मत को भी दे सकते है. खैर, जो है सो है! तो ये चार टीम्स अब सेमी-फाइनल मुकाबले खेलने वाली हैं. 9 नवम्बर को पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान–न्यूज़ीलैंड आमने-सामने होंगे. जबकि उसके बाद दूसरे सेमीफाइनल में 10 नवंबर को भारत और इंग्लैंड का सामना होगा.
सेमीफाइनल के 4 में कौन है ट्रॉफी का हकदार?
अपने को डरने का नहीं है.


अब ये मुकाबले कौन जीतेगा, कौन नहीं, इस पर चाय की टपरियों पर गहन चर्चा शुरू हो गई है. अभी के लिए जनता खुश है कि टीम इंडिया को सेमी-फाइनल मैच में सबसे मुश्किल मानी जा रही टीम न्यूज़ीलैंड का सामना नहीं करना. मतलब टीम इंडिया के पास फाइनल में पहुंचने का अच्छा मौका है.
इन सब बातों के बीच एक सवाल और चल रहा है. आखिर ये T20 World Cup 2022 जीत कौन रहा है? आखिर, इसको डिज़र्व कौन करता है! तो चलिए आज हम आपको आंकड़ों के जरिये समझाते हैं कि विश्वकप के लिए सेमीफाइनल में पहुंची टीम्स में सबसे मज़बूत दावेदार कौन लग रहा है. इसमें हम वर्ल्ड कप के सफर का भी एक छोटा सा रिकैप लेकर चलते हैं. और शुरूआत भी न्यूज़ीलैंड की टीम से ही करेंगे. आखिरकार, इस टीम ने सबसे पहले सेमी-फाइनल में अपनी जगह बनाई थी.
सुपर 12 के सबसे पहले मुकाबले में इनका सामना वर्ल्ड चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया से था. जिसमें इन्होंने बड़े मॉर्जेन से जीत हासिल की. ऑस्ट्रेलिया को 89 रन से हराया. और उनका काम बिगाड़ दिया. इस मैच में फिन एलन और डेवन कॉन्वे की पारी को देखकर समझ आ गया था कि ये टीम तगड़ा खेलने वाली है.
ऑस्ट्रेलिया के बाद अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ इनका मैच बारिश के कारण रद्द हुआ. इसके बाद जब क्रिकेट फ़ैन्स ने श्रीलंका के खिलाफ ट्रेंट बोल्ट का कहर देखा, तब लगा कि इनको कौन ही रोक पाएगा. लेकिन इंग्लैंड ने वो काम किया. इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड को 20 रन से हरा दिया. फिर आयरलैंड के खिलाफ न्यूज़ीलैंड ने आराम से जीत हासिल कर ली.
इन टोटल सात प्वॉइंट और शानदार नेट रन रेट के साथ टॉप पर रहकर किवी टीम ने क्वॉलिफाई कर लिया.
अब अगर आपके दिमाग में हो कि न्यूज़ीलैंड ने चौंका दिया तो नहीं. वर्ल्ड कप के मुकाबलों से अलग इस साल के 15 T20I मुकाबलों में से न्यूज़ीलैंड ने 12 मैच जीते हैं, और कुल तीन ही गंवाएं हैं.
#इंग्लैंडइंग्लैंड. T20 World Cup के लिए क्वॉलिफाई करने वाली दूसरी टीम. टूर्नामेंट से पहले सबने सोचा था इंग्लैंड बढ़िया टक्कर देगी. ऐसा ही हुआ भी. साथ में ऑस्ट्रेलिया के खराब खेल ने इंग्लैंड के लिए अंग्रजी वाला ‘Let me’ कहते हुए दरवाजा खोल दिया. हालांकि इंग्लैंड के लिए यहां तक जगह बनाना बिल्कुल भी आसान नहीं था.
बारिश तो पूरा मूड बनाकर बैठी थी. अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ दो प्वॉइंट कमाने के बाद, ऑयरलैंड के खिलाफ बेचारे अंग्रेज बारिश के कारण पांच रन से हार गए. फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वाला मैच भी धुल गया. न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका के खिलाफ जॉस बटलर का टिकना और मॉर्क वुड की विकेट्स ने टीम को सेमी-फाइनल में प्रवेश करवा दिया.
अब आप इनके पूरे साल के प्रदर्शन के बारे में बताएं, तो वो मिक्सड रहे हैं. 21 मैच में से टीम ने 10 में जीत और 10 में हार देखी है. और एक का रिज़ल्ट नहीं आया. अब इसका क्रेडिट आप उनकी उस नई अटैकिंग अप्रोच को भी दे सकते हैं. जिसको पूरी दुनिया ऑलमोस्ट फॉलो कर रही है.
#इंडियाहमारी अपनी टीम इंडिया. टॉप ऑर्डर द्वारा दी जा रही लाख मुश्किलों के बाद भी हमारी टीम ने अपने ग्रुप में सबसे पहले क्वॉलिफाई किया. लेकिन इन सब बातों को अभी किनारे रखते हुए, टीम इंडिया के लिए सबसे अच्छी बात यही है कि उनका टूर्नामेंट सही तरह से शुरू हुआ. सबसे पहले विराट ने पाकिस्तान को धो डाला. फिर सूर्या की शानदार पारी के दम पर हमने नीदरलैंड्स को भी हरा दिया.
चार प्वॉइंट के बाद अपने ग्रुप के सबसे बड़े चैलेंज में हम हार गए. साउथ अफ्रीका ने हमसे दो अंक छीन लिए. हालांकि इसके बाद बांग्लादेश और ज़िम्बाबवे के खिलाफ़ हम चार प्वॉइंट लपेटकर सेमी-फाइनल में एंट्री मार गए. वर्ल्ड के सुपर 12 की ही तरह हमारा साल भी अच्छा गुज़रा.
32 मैच में से हमने 23 जीते और कुल आठ गंवाए. इसमें एक का रिज़ल्ट नहीं आ पाया. ऐसे में टीम इंडिया का कॉन्फिडेंस वाला कॉलम पूरी तरह से भरा हुआ है.
#पाकिस्तानसाउथ अफ्रीका. हां, भई पाकिस्तान का ज़िक्र होगा तो साउथ अफ्रीका का भी होगा ही. नीदरलैंड्स के खिलाफ हारकर पाकिस्तान को जीवनदान तो उन्होंने ही दिया. खैर, किस्मत. पाकिस्तान का टूर्नामेंट कैसा गुज़रा ये तो बताने वाली बात है नहीं, लेकिन फिर भी इनकी टीम पहले हमारी टीम से हारी.
फिर ज़िम्बाबवे ने इनको एक रन से हरा दिया. अब इनके फ़ैन्स ने ऑलमोस्ट इनकी कराची की टिकट कटा दी थी. लेकिन टीम को बाकी बचे मुकाबले तो खेलने ही थे. अब जब दांव पर कुछ था ही नहीं, तो टीम फ्री होकर खेली. सबसे पहले उन्होंने नीदरलैंड्स को हराया. फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ़ दो प्वॉइंट कमा लिए.
इसके बाद ग्रुप के आखिरी मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल कर पाकिस्तान क्वालिफाई कर गया. क्योंकि साउथ अफ्रीका ने पाकिस्तान को वर्ल्डकर नॉक-आउट तोहफे में दे दिया. वैसे पूरे साल ही पाकिस्तान का ऐसा हाल रहा है. उन्होंने 24 T20I मैच खेले हैं, जिनमें कुल 13 मुकाबले ही जीते है.
ये तो बेसिक से आंकड़े हैं, जो इन टीम्स के पूरे साल के परफॉर्मेंस के बारे में बताते हैं. अब इन आंकड़ों के आधार पर इस रेस में सबसे आगे इंडिया और न्यूज़ीलैंड ही नज़र आते हैं. इसके आगे हम से कुछ नहीं कहा जाएगा. बस अल्ताफ राजा की आवाज़ में इतना ही चाहेंगे कि वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है.
पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में पहुंची, शोएब अख़्तर ने बांग्लादेश के लिए क्या कह दिया?
















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