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बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया को वॉर्निंग दे दी!

गावस्कर ने कहा कि बांग्लादेश के पास कुछ बेहतरीन खिलाड़ी हैं और कुछ नए होनहार खिलाड़ी भी हैं. उनमें अब वो खौफ नहीं रहा जो इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके शुरुआती दौर की खासियत हुआ करती थी.

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19 सितंबर से भारत-बांग्लादेश टेस्ट सीरीज. (फोटो- PTI)

भारत और बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच 19 सितंबर से खेला जाना है. भारतीय टीम सीरीज के लिए तैयारी में जुटी हुई है. सीरीज से पहले पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने भारतीय टीम को चेतावनी दी है. गावस्कर का मानना है कि रोहित शर्मा की टीम को दो मैचों की टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश की टीम से सतर्क रहने की जरूरत है.

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सुनील गावस्कर का कहना है कि पाकिस्तान को हराने के बाद बांग्लादेश की टीम ने दिखा दिया है उनमें भी दम है. गावस्कर ने अपने मिड-डे कॉलम में लिखा,

"पाकिस्तान में खेले गए दोनों टेस्ट मैचों में पाकिस्तान को हराकर बांग्लादेश की टीम ने दिखा दिया है कि वो एक ताकतवर टीम है. यहां तक कि कुछ साल पहले जब भारत ने बांग्लादेश का दौरा किया था तो बांग्लादेश की टीम ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी. अब पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद वो भारत को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं."

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गावस्कर ने आगे लिखा,

“बांग्लादेश के पास कुछ बेहतरीन खिलाड़ी हैं और कुछ नए होनहार खिलाड़ी भी हैं. उनमें अब वो खौफ नहीं रहा जो इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके शुरुआती दौर की खासियत हुआ करती थी. उनके खिलाफ खेलने वाली हर टीम जानती है कि वो गेम को किसी भी वक्त हल्के में नहीं ले सकते हैं, क्योंकि उन्हें ये टीम कभी भी हरा सकती है, जैसा कि पाकिस्तान की टीम के साथ हुआ. ये निश्चित रूप से एक ऐसी सीरीज होगी जिसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है.”

गावस्कर ने ये भी कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों को दलीप ट्रॉफी में भाग लेना चाहिए था. पूर्व खिलाड़ी ने तर्क दिया कि अगर खिलाड़ी लंबे समय हाई स्टैंडर्ड का खेल नहीं खेलते हैं तो 30 की उम्र का फेज उनकी मसल मेमोरी को कमजोर कर सकता है. उन्होंने कहा,

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“सेलेक्टर्स ने कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली को दलीप ट्रॉफी के लिए नहीं चुना है, इसलिए वो बांग्लादेश टेस्ट सीरीज में मैच प्रैक्टिस के बिना उतरेंगे. एक बार जब कोई खिलाड़ी किसी भी खेल में 30 के मध्य की उम्र में पहुंचता है तो रेगुलर खेलना उसके हाई स्टैंडर्ड को बनाए रखता है.”

गावस्कर ने कहा,

"जब लंबे अंतराल के बाद खिलाड़ी खेलने उतरता है तो मसल मेमोरी थोड़ी कमजोर हो जाती हैं, और पहले जैसे हाई स्टैंडर्ड पर वापस आना इतना आसान नहीं होता है."

बता दें कि रोहित ने आखिरी बार इस साल की शुरुआत में धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था. जबकि कोहली ने आखिरी बार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था.

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