वेस्टइंडीज के पूर्व अंपायर स्टीव बकनर (Steve Bucknor) ने भारतीय फैंस के दिल को कई बार चोट दी है. सचिन तेंदुलकर को गलत आउट देने के कारण बकनर भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए विलेन बने रहे. साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट में बकनर ने सचिन को एलबीडब्ल्यू आउट करार दिया था जिस पर काफी विवाद हुआ था. अब इस घटना के 23 साल बाद बकनर ने माना है कि उनसे गलती हुई थी.
सचिन तेंदुलकर को बार-बार गलत आउट देने वाले स्टीव बकनर ने आखिरकार मानी गलती
यह घटना 2003-04 के बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की है. गाबा टेस्ट सीरीज का पहला टेस्ट था. मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 323 रन बनाए. इसके बाद भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी. 62 रन के स्कोर पर राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर स्ट्राइक पर आए.


वेस्टइंडीज के क्रिकेट अंपायर एसोसिएशन में स्टीव बकनर ने इसे लेकर बात की. उन्होंने माना कि सचिन तेंदुलकर को गलत आउट दिया गया था. बकनर ने कहा,
मैंने सचिन तेंदुलकर को एलबीडब्ल्यू दिया और यह जानता हूं कि यह एक गलती थी. लेकिन आज तक, हर दिन लोग इसके बारे में बात करते हैं. मैंने उन्हें आउट क्यों दिया? क्या वह वाकई आउट थे? वगैरा-वगैरा. लेकिन जिंदगी में गलतियां होती रहती हैं. मैंने स्वीकार कर लिया है कि यह एक गलती थी, और जिंदगी चलती रहती है.
यह घटना 2003-04 के बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की है. गाबा टेस्ट सीरीज का पहला टेस्ट था. मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 323 रन बनाए. इसके बाद भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी. 62 रन के स्कोर पर राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर स्ट्राइक पर आए.
किस फैसले पर हुआ विवाद?पहली तीन गेंदों में कोई रन नहीं आया. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जेसन गिलेस्पी की चौथी गेंद पर तेंदुलकर को स्टीव बकनर ने एलबीडब्ल्यू दे दिया. सचिन इस फैसले से काफी हैरान थे, लेकिन इसे लेकर ज्यादा रिएक्शन नहीं किया. वह चुपचाप पवेलियन लौट गए.
कॉमेंटेटर टोनी ग्रेग ने भी लाइव कमेंट्री के दौरान इसे बेहद खराब फैसला करार दिया था. रीप्ले में साफ दिखा कि गेंद स्टंप्स से बहुत ऊपर से जा रही थी. इसके बाद बकनर की काफी आलोचना भी हुई थी. हालांकि इस गलत फैसले के बावजूद भारत ने 402 रन बनाए थे. सीरीज का यह पहला मैच ड्रॉ रहा था.
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यह इकलौती बार नहीं था जब बकनर ने इस तरह से गलत फैसला दिया. दो साल बाद भारत-पाकिस्तान मैच में भी ऐसा ही कुछ हुआ. अब्दुल रज्जाक की गेंद सचिन के बल्ले को छुए बिना निकल गई थी, लेकिन कमजोर अपील पर भी बकनर ने उन्हें आउट दे दिया था. इसी के बाद से बकनर में भारतीय फैंस को विलेन दिखने लगा था.
सचिन तेंदुलकर का रिएक्शनकुछ समय पहले सचिन ने भी पिछले साल एक आस्क मी एनीथिंग (Ask Me Anything) सेशन में मजाकिया अंदाज में इस घटना को याद किया था. उनसे जब बकनर के गाबा वाले फैसले को लेकर सवाल किया तो उन्होंने हंसते हुए कहा था कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे होते थे, तो बकनर को बॉक्सिंग ग्लव्स पहना देने चाहिए थे, ताकि वह उंगली न उठा सकें.
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