The Lallantop

भारतीय स्पिनर्स ने तोड़े नो बॉल के रिकॉर्ड, सुधार के लिए कोच ने क्या तरीका निकाला?

श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारतीय स्पिन गेंदबाज चौथे दिन तक 10 नो बॉल डाल चुके हैं. साल 2021 के बाद से किसी टेस्ट में स्पिनर्स की ओर से यह सबसे अधिक नो बॉल हैं. इस मामले में अफगानिस्तान 14 नो बॉल के साथ टॉप पर है.

Advertisement
post-main-image
रविंद्र जडेजा ने कोलंबो टेस्ट में नो बॉल डाली थी. (Photo-Pti)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • भारतीय स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में स्पिनर्स की नो बॉल की समस्या को सुधारने के लिए अभ्यास सत्रों में विशेष ध्यान देने और तकनीकी सुधार के उपाय सुझाए हैं।
  • भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज में भारतीय स्पिन गेंदबाजों ने चौथे दिन तक कुल 10 नो बॉल फेंकीं, जो 2021 के बाद किसी टेस्ट में सबसे अधिक स्पिनर्स की नो बॉल का रिकॉर्ड है।
  • कोच बहुतुले ने कहा है कि प्रशिक्षण और नेट सेशंस में सुधार से नो बॉल की संख्या कम होगी और गेंदबाज बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे, जिससे आगामी मैचों में टीम को फायदा होगा।

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत जीत के करीब है. भारतीय स्पिनर्स ने पूरी सीरीज में कमाल का प्रदर्शन किया है. लेकिन स्पिनर्स जिस तरह एक के बाद एक नो बॉल डालते जा रहे हैं, वह जरूर चिंता का कारण है. भारतीय स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने इस समस्या से निपटने के लिए एक सुझाव दिया है.

Advertisement
नो बॉल का रिकॉर्ड

श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारतीय स्पिन गेंदबाज चौथे दिन तक 10 नो बॉल डाल चुके हैं. साल 2021 के बाद से किसी टेस्ट में स्पिनर्स की ओर से यह सबसे अधिक नो बॉल हैं. इस मामले में अफगानिस्तान 14 नो बॉल के साथ टॉप पर है.

चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद बहुतुले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,

Advertisement

यह ऐसी चीज है जिस पर हम काम कर रहे हैं. यह निश्चित रूप से कभी-कभी चिंता का विषय होती है. लेकिन जब गेंदबाज काफी प्रयास कर रहा होता है और ऐसी स्थिति में विकेट हासिल करता है जब विकेट मिलना मुश्किल हो. ऐसे में खुद को और अधिक झोंकना चाहते हैं. हालांकि यह इसका बहाना नहीं है.

यह भी पढ़ें- मोहम्मद सिराज कैच लेने के चक्कर में हुए चोटिल, टीम इंडिया की बढ़ा दी टेंशन 

जडेजा और सारांश से हो रही बात

उन्होंने बताया कि नो बॉल की परेशानी को लेकर रविंद्र जडेजा और सारांश जैन के साथ काफी काम किया है. लेकिन कभी-कभी किसी खास गेंद पर वे थोड़ा ज्यादा प्रयास करते हैं. बहुतुले को लगता है कि इसी वजह से नो बॉल डाल दी जाती है. इसमें सुधार होगा और खिलाड़ी बेहतर होंगे.

Advertisement

बहुतुले ने मजाकिया अंदाज में कहा कि नो बॉल की समस्या के समाधान के लिए टेस्ट क्रिकेट में फ्रीहिट होने चाहिए. कोई भी टीम नो बॉल करके अतिरिक्त गेंद और अतिरिक्त रन नहीं देना चाहेगी. इससे नो बॉल की संख्या में कमी हो जाएगी. बहुतुले ने कहा कि नेट सत्र में भी गेंदबाजों को लगातार याद दिलाया जाता है. 

आगे बहुतुले ने कहा कि वो कभी-कभी नेट सेशंस में खुद अंपायर की भूमिका में रहते हैं. कभी दूसरे कोच अंपायर बनते हैं. वह स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों पर नजर रखते हैं. इसलिए वह लोग इसका मतलब जानते हैं. उन्हें उम्मीद है कि आगे इस चीज में सुधार होगा.

वीडियो: स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के लिए 200 बच्चे सड़क पर उतरे, किया चक्का जाम

Advertisement